@देश को शोक में छोड़कर राहुल गांधी चले गए न्यू ईयर पार्टी मनाने?
@ बीजेपी ने लगाया आरोप
नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2024 (ए)। राहुल गांधी को लेकर खबर है कि वो देश के बाहर गए हैं। नए साल की शुरुआत होने से ठीक पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता के विदेश दौरे ने बीजेपी को बैठे बिठाए पूरी कांग्रेस पार्टी को घेरने का मौका दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जब पूरा देश प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक मना रहा है, और वो मौज मस्ती करने गए हैं।
शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा, देश प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक मना रहा है, सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित है। वो बाहर जा रहे हैं, इससे पता चलता है कि कांग्रेस को डॉ. मनमोहन सिंह की कोई परवाह नहीं है. राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह के जीवनकाल में उनका अपमान किया और अब भी वो ऐसा ही कर रहे हैं। कल कोई भी कांग्रेस नेता उनके अस्थियां लेने नहीं गया। ना ही यमुना नदी में उनके अस्थि विसर्जन संस्कार में कांग्रेस का कोई नेता शामिल हुआ। यहां तक कि कांग्रेस ने डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने से भी इनकार कर दिया. यह उनका असली चेहरा है।
इटली नहीं वियतनाम
शहजाद पूनावाला ने कहा,राहुल गांधी के लिए पर्यटन कोई नई बात नहीं है। राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता का मतलब विपक्ष के नेता से बदलकर पर्यटन के नेता और पार्टी के नेता कर दिया है। ऐसे समय में जब देश पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक में है, राहुल गांधी पर्यटन और पार्टी के लिए निकल पड़े हैं। पूनावाला ने कहा, जब मुंबई में 26/11 का हमला हुआ, वे पूरी रात पार्टी कर रहे थे. उन्हें डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की कोई चिंता नहीं है।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पलटवार करते हुए इस आरोप को बीजेपी (संघियों) की भटकाव की राजनीति बताया है। गौरतलब है कि हर साल राहुल गांधी क्रिसमस के त्योहार के आस-पास विदेश खासकर इटली में होते हैं, इसे लेकर भाजपा नेताओं का कहना है कि नए साल पर लोग अपने देश में रहकर खुशियां मनाते हैं लेकिन वो नानी के घर इटली घूमते जाते हैं। ये कहते हुए अक्सर उनकी मां सोनिया गांधी के विदेशी मूल के होने की याद दिलाई जाती है।
यमुना नदी में अस्थि विसर्जित
रविवार सुबह परिवार के सदस्यों निगमबोध घाट पहुंचे। यहां अस्थियां चुनी और बाद में यमुना नदी पर बने अस्थ घाट ले गए। सिख रीति-रिवाज के साथ पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अस्थियों को परिवार ने मजनू का टीला गुरुद्वारा के पास यमुना नदी में विसर्जित किया। इस दौरान मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और उनकी तीन बेटियां उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे।
एक जनवरी को अखंड पाठ
बता दें कि सिख रीति-रिवाजों के मुताबिक परिवार एक जनवरी को 3, मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित अपने
आधिकारिक आवास पर अखंड पाठ का आयोजन करेगा। संसद परिसर के पास स्थित रकाब गंज गुरुद्वारे में 3 जनवरी को भोग समारोह, अंतिम अरदास और कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। मनमोहन सिंह के स्मारक के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। निगमबोध घाट में अंतिम संस्कार किए जाने पर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा। वहीं भाजपा कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र लिखकर सरकार से स्मारक के लिए जगह की मांग भी की है।
कांग्रेस ने फायदा उठाया:अमित मालवीय
एक अन्य भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को देश में क्या चल रहा है उससे कोई मतलब नहीं है। उन्हें या कांग्रेस के किसी भी नेता को देश से कोई मतलब नहीं है। गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी सिखों के खिलाफ नफरत रखती है। मालवीय ने एक्स पर लिखा, पूरा देश प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक मना रहा है, राहुल गांधी नए साल का जश्न मनाने के लिए वियतनाम गए हैं। राहुल गांधी ने डॉ. सिंह की मौत का राजनीतिकरण किया और अपनी सुविधानुसार राजनीति के लिए उसका फायदा उठाया, लेकिन उनके प्रति उनकी घृणा अस्वीकार्य है। गांधी परिवार और कांग्रेस सिखों से नफरत करते हैं। वो ये कभी न भूलें कि इंदिरा गांधी ने दरबार साहिब का अपमान किया था।
मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन पर घिरी कांग्रेस,
अब दी ये सफाई…
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। इस पर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। कड़ी आलोचना के बाद कांग्रेस ने सोमवार को अपनी सफाई दी। पार्टी ने कहा कि उनकी निजता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि निजता का सम्मान करते हुए अस्थि विसर्जन में परिवार के साथ नहीं गए। पवन खेड़ा ने आगे कहा कि हमारे प्रिय दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार के बाद सोनिया और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनके आवास पर परिवार से मुलाकात की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चर्चा के बाद यह महसूस किया गया कि परिवार को दाह संस्कार के समय कोई गोपनीयता नहीं मिली थी। परिवार के कुछ सदस्य चिता स्थल पर नहीं पहुंच सके थे। यही वजह थी कि परिवार को फूल चुनने और अस्थि विसर्जन में गोपनीयता देना उचित होगा। यह करीबी परिवार के सदस्यों के लिए भावनात्मक रूप से दर्दनाक और कठिन रस्म है।
