कवासी लखमा बोले- ‘अधिकारियों ने अंधेरे में रखा’
रायपुर,29 दिसम्बर 2024 (ए)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) ने शनिवार को राजधानी समेत पांच स्थानों पर 15 घंटे तक छापेमारी की। यह कार्रवाई पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश लखमा और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर हुई। श्वष्ठ ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और कवासी लखमा समेत कई अन्य को समन जारी किया है।
लखमा का बयान
छापेमारी के बाद कवासी लखमा ने बयान जारी कर कहा, मुझे इस घोटाले की कोई जानकारी नहीं है। मैं अनपढ़ हूं और अधिकारियों पर भरोसा करता था। जो दस्तावेज़ मेरे सामने लाए जाते थे, उन पर मैं केवल दस्तखत करता था। मेरे घर से कोई दस्तावेज़ नहीं मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्वष्ठ की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य उन्हें और कांग्रेस सरकार को बदनाम करना है।
भाजपा पर निशाना
लखमा ने कहा,भाजपा सरकार ने विधानसभा में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए यह कदम उठाया है। मैं और मेरा बेटा जांच में पूरा सहयोग करेंगे। फिलहाल, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ की जानकारी के लिए मैंने समय मांगा है।” उन्होंने बताया कि श्वष्ठ उनके और उनके बेटे का मोबाइल फोन भी जब्त कर चुकी है।
राजनीतिक विवाद
श्वष्ठ की कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी ने इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई करार दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि यह केंद्र सरकार की साजिश है। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया कि शराब घोटाले में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
क्या है मामला?
यह शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री और राजस्व को लेकर हुआ है। श्वष्ठ के अनुसार, शराब कारोबार में सरकारी अफसरों और नेताओं ने मिलीभगत कर 2000 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी की। ्रक्क त्रिपाठी का नाम इस मामले में प्रमुख रूप से सामने आया है, जिनका संपर्क मुख्यमंत्री कार्यालय से बताया जा रहा है।
