बैकुंठपुर@कोरिया कलेक्टर कहती हैं शासकीय जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगी, प्रशासकीय कर्मचारी की बहू ही कब्जा कर रही अब क्या कार्रवाई होगी?

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रवि सिंह –
बैकुंठपुर 28 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। राजीव गांधी के तहत नजूल जमीन पर काफी समय से काबिज गरीबों को 800 स्मयर फीट जमीन का पट्टा देना था, जिसके लिए सर्वे हुआ और उसे सर्वे में राजस्व विभाग के साथ नगरपालिका के कर्मचारी भी शामिल थे, जहां पर पट्टा देने के लिए पात्रता रखने वाले को ही पट्टा जारी होना था पर स्वयं नगर पालिका के नगर राजस्व निरीक्षक ने नियम विरुद्ध तरीके से अपने बहू के नाम पर झुग्गी झोपड़ी का पट्टा जारी कर लिया। जबकि झुग्गी झोपड़ी का पट्टा उन लोगों को मिलना था जो वास्तव में नजूल जमीन पर लंबे समय से काबिज होकर अपना गुजर बसर कर रहे थे जो कभी काबिज भी नहीं था उसके नाम पर पट्टा कैसे जारी हो गया यह बड़ा सवाल है? पट्टा जारी होने के बाद अब उस पर कब्जा किया जा रहा है और कब्जा दिखाकर पट्टा अपने आप को पात्र बताने की तैयारी है। एक तरफ जहां नियम विरुद्ध तरीके से मिले पट्टे को निरस्त करने के लिए कलेक्टर कोरिया से शिकायत की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ बहुत तेजी से कब्जा किया जा रहा है इधर कोरिया कलेक्टर का कहना है कि कोई भी शासकीय जमीन पर कब्जा नहीं कर पाएगा उन्होंने निर्देश जारी किया है पर उनके निर्देश के दौरान ही शासकीय कर्मचारी की बहू ही कब्जा शासकीय जमीन पर कर रही है अब ऐसे में कलेक्टर क्या कार्रवाई करेंगे यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए
जिनके कंधों पर राजस्व को बचाने की जिम्मेदारी हो यदि वही राजस्व को लूटने लगे तो फिर माफिया पर काबू कौन पाएगा देखा जाए तो जो रक्षक है वही भक्षक बने हुए हैं कुछ ऐसा ही मामला है, नगर पालिका बैकुंठपुर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक कौशल यादव के द्वारा भारी गड़बड़ी की गई है, वह भी गड़बड़ी झुग्गी झोपड़ी पट्टा वितरण मामले में हुई है, झुग्गी झोपड़ी पट्टा वितरण नगर पालिका व राजस्व की टीम के द्वारा चयनित करके वितरण किया जाना था, जिसमें रहते हुए नगर पालिका राजस्व निरीक्षक ने नियम विरुद्ध तरीके से झुग्गी झोपड़ी पट्टा अपनी बहू के नाम करवा दिया, जिसकी शिकायत कोरिया कलेक्टर से करते हुए पट्टा निरस्त करने की मांग की गई है पर सवाल यह है कि क्या नियम विरुद्ध तरीके से झुग्गी झोपड़ी पट्टा दिलाने वाले राजस्व निरीक्षक पर कार्यवाही होगी? मिली जानकारी के अनुसार 2019-20 से लेकर 2020-21 की अवधि में राजीव गांधी योजना के तहत झुग्गी झोपड़ी पट्टा वितरण होना था, उन लोगों को जो पहले से घर बनाकर शासकीय व नजूल भूमि पर सालों से निवासरत थे, ऐसे लोगों को चयनित करके पट्टा देना था ताकि उन्हें भूमि मिल सके, यह पट्टा 800 वर्ग फीट भूमि का दिया जाना था, ताकि लोगों को भी घर के लिए जमीन उपलब्ध हो सके, इस पट्टे के वितरण प्रक्रिया में वह चयन प्रक्रिया में राजस्व व नजूल दोनों मिलकर इसकी चयन सूची बना रहे थे, जिसमें अभी एक त्रुटि सामने आई है वह त्रुटि कहें या फिर जानबूझकर की गई गड़बड़ी?
यह है पूरा मामला
बैकुण्ठपुर नगर पालिका क्षेत्र में वर्ष 2019-2020 से 2020-21 की अवधि मे राजीव गांधी योजना अन्तर्गत प्रेमाबाग बैकुण्ठपुर स्थित भू-खण्ड 520/1 मे से रकबा 800 वर्ग फीट भूमि के लिये विभा यादव पति ललीत यादव के नाम पट्टा प्रदाय किया गया है, कथित महिला प्रेमा बाग बैकुण्ठपुर में कभी निवासरत् नही थीं और न ही उसका उक्त भू-खण्ड की अंश पर कभी कोई कजा या दखल ही रहा है। उक्त परिषर जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर को आबंटित था जिसमे पुराना शासकीय भवन बना हुआ था जो खण्डहर होने की स्थिति में इसके अंश भाग पर जनपद कर्मचारी भोला राजवाड़े निवास करते थे। विभा यादव मूलतः ग्राम मोदीपारा की निवासी हैं जिनके पति शासकीय नौकरी मे है तथा इनके परिवार में ससुर के नाम पर लगभग 10 एकड़ से अधिक की भूमि एवं पक्का मकान ग्राम मोदीपारा में स्थित हैं जो किसी भी स्थिति में राजीव गांधी योजना अन्तर्गत जारी आवासीय भू-खण्ड का पट्टा प्राप्त करने की पात्रता नही रखती है। इनके करीबी रिश्तेदार नगर पालिका परिषद् बैकुण्ठपुर में राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत् है जो शासकीय अभिलेखो में लिपा पोती एवं हेरा फेरी कर स्वयं के स्वार्थ के लिये अपने रिश्तेदार के नाम पर पट्टा जारी कराने मे अहम भूमिका निभाते हुये गलत ढंग से पट्टा जारी करा लिये है जो बेनामी है जिसमे वे स्वयं न्यू खोदवाकर भवन निर्माण करने हेतु प्रयासरत् हैं। मिली जानकारी के अनुसार बिना किसी सूक्ष्म जांच के एवं मौके में कोई कजा न होने से की स्थिति को नजर अंदाज कर पट्टा जारी किया गया है। उक्त भू-खण्ड सार्वजनिक प्रयोजन के लिये सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है। विभा यादव को पट्टा प्राप्त करने की पात्रता नही नियमो को धता बता कर उन्होने पट्टा प्राप्त किया है ऐसी दशा मौके पर किया जा रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाना आवश्यक हो गया है तथा अवैध रूप से प्राप्त पट्टाधारी को बेदखल किया जाना लोक हित में उचित होगा।
पात्रता रखने वाले सिर्फ सूची में मौजूद और आपात्र लोग के नाम हो गया जारी झुग्गी झोपड़ी पट्टा
जो राजीव गांधी योजन से झुग्गी झोपड़ी पट्टा की पात्रता रखते हैं वह सिर्फ सूची में ही शामिल है उन्हें आज भी पट्टा का इंतजार है पर वही जो अपात्र है जिनका कभी कोई कब्जा नहीं है, वह सर्वे के दौरान अपनी बहू के नाम पर पट्टा जारी करवा ले रहे हैं, जो काफी बड़ी गड़बड़ी मानी जा रही है देखा जाए तो इस पर तत्काल प्रशासन को संज्ञान लेकर इस पर कार्यवाही करनी चाहिए पर प्रशासन भी अपने ही कर्मचारियों के सामने लाचार है? कर्मचारी की संरक्षण में ही पट्टा पाने कब्जा हो रहा है, शिकायतकर्ता प्रशासन को बता रहा है फिर भी प्रशासन के कुर्सी पर बैठे लोग नगर राजस्व निरीक्षक के सामने लाचारी बयां कर रहे हैं।


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