- – संवाददाता –
अंबिकापुर,25 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। वृदावन हाल सिविल लाइन रायपुर छ.ग. में पूर्व एडी. कलेक्टर सरगुजा श्री निर्मल तिग्गा के द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘मोड़ के बाद’’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री गनपत राव थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय एक्का ने की, आयोजन के विशिष्ट अतिथि के रुप में पूर्व राजस्व सचिव श्री अनूप श्रीवास्वत तथा पूर्व डी.आई.जी. श्री किशोर अग्रवाल थे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के बीस जिलों के साहित्य में अभिरुचि रखने वाले प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.नवीन श्रीवास्तव ने किया। पुस्तक की विस्तृत और सरस विवेचना विख्यात साहित्यककार श्री के.पी. सक्सेना ने की, श्री के.पी. सक्सेना ने कहा कि पुस्तक इतनी रोचक है कि यदि कोई इस पुस्तक को पढ़ना प्रारंभ करता है तो, वह व्यक्ति अंत तक पुस्तक को पढ़ने के लिये विवश सा हो जाता है। इस अवसर पर भूलन कांदा फिल्म के लेखक एवं डायरेक्टर, साहित्यकार श्री संजीव बक्सी ने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि ‘‘मोड़ के बाद’’ पुस्तक आदिवासी संस्कृति की एक मार्मिक और स्नेहिल गाथा है। पुस्तक के लेखक श्री निर्मल तिग्गा ने कहा कि यह पुस्तक आदिवासी अंचल के एक व्यक्ति की यथार्थ घटना है, जिसे मैंने इस उपन्यास में काल्पनिक नाम देकर उकेरने का प्रयास किया है।
आयोजन के मुख्य अतिथि श्री गनपत राव,कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे श्री विजय एक्का, विशिष्ट अतिथि श्री अनूप श्रीवास्तव एवं श्री किशोर अग्रवाल ने अपने व्यक्तव्यों में कहा कि यह उपन्यास अत्यंत रोचक है। आदिवासी अंचल की रीतियों, भारतीय संस्कृति और वेदों की युक्तियों से ओत-प्रोत है, इन्होंने कहा कि मानव जीवन की यथार्थ घटना को उपन्यास का रुप देने का कल्पनातीत, अनुपम कार्य श्री निर्मल एक्का जी ने किया है।आयोजन समिति के संयोजकडॉ.जे.पी.श्रीवास्तव, डॉ.नवीन श्रीवास्तव, श्री महेश सोनी, श्री बी.एस. सिंह, जार्ज विलियम तिग्गा, श्री विक्रम सिंह लकड़ा, श्री राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, श्रीमती रीना शुक्ला, श्रीमती सरिता सिन्हा, श्रीमती चिन्तामणी दास,श्रीमती निर्मला सोनी, श्री मनोज खरे सहित साहित्यप्रेमी श्री सुशील गजभिये, श्री जोसेफ तिग्गा, श्री अपोल किसपोट्टा, लायन श्रीमती एस्थेर तिग्गा, श्री अनुपम, श्री आनंद प्रकाश टोप्पो, श्री सेलेस्टीन खाखा, श्री जी.पी.बड़ा, श्रीमती कविता थापा, श्रीमती मीनाक्षी गौतम, श्री गजेन्द्र साहू, कुमारी जागृति राठौर तथा बहुत से सम्मानीय सेवानिवृत आई.ए.एस., आई.पी.एस. तथा न्यायधीशों सहित दो सौ से अधिक साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। आभार प्रदर्शन श्री आर.पी.श्रीवास्तव ने किया।
