सूरजपुर,25 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। गायत्री शक्तिपीठ सूरजपुर में तीन दिवसीय उपजोन स्तरीय नारी सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमें वक्ता के रूप में शांतिकुंज हरिद्वार की बहनों के द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।नारी कैसे सशक्त बने इस विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा गया कि महिलाएं हर परिस्थिति में साहस का परिचय देकर आगे बढ़ सकती हैं जिसके अनेक उदाहरण है।कार्यशाला को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है ।
कार्यशाला में प्रमुख वक्ताओं में हरिद्वार की कुंती साहू श्वेता दुबे,चमन गौतम,सरस्वती तिवारी शामिल है जो महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में उन्हें प्रशिक्षण दे रही हैं। वक्ताओं ने बताया कि परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के अनुसार 21वीं सदी में नारियों की सक्रिय व गौरवशाली भूमिका होगी ,इसी उद्देश्य से बहनों में आत्मविश्वास जगाने तथा नारी जागरण आंदोलन हेतु उन्हें प्रशिक्षित करके तराशने व उन्हें उनके योग्य कार्यों में नियोजित व संगठित करने हेतु यह कार्यशाला आयोजित है। कार्यशाला में शांतिकुंज की बहनों ने महिलाओं से कहा कि आप प्रशिक्षित होकर अपना आत्मविश्वास बढ़ायें और परम पूज्य गुरुदेव के उद्घोषणा 21वीं सदी नारी सदी, 21वीं सदी उज्जवल भविष्य को सार्थक व साकार करने के माध्यम बने।इस दौरान वीडियो ग्राफी के माध्यम से जहां नैतिक,बौद्धिक,भावनात्मक मूल्यो के स्तर बढ़ाने की दिशा में बताया गया तो वहीं बच्चे मानसिक, सामाजिक, आध्यात्मिक गुणो से स्वस्थ कैसे रहे इसके तरीके बताए गए। कार्यशाला में सुरजपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़, अंबिकापुर एवं बलरामपुर जिले से करीब 300 महिलाएं लाभ ले रही हैं। कार्यशाला का समापन गुरुवार को होगा।उप जोन समन्वयक भोला प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सन् 2026 में वंदनिया माताजी भगवती देवी शर्मा की जन्म शतादी मनाने की तैयारी में यह कार्यशाला पुरे विश्व में चलाया जा रहा है। जिसमें नारियों के अपने कर्तव्य निर्वहन, संस्कार एवं परिवार निर्माण सिखने का एक अच्छा अवसर है अधिक-से अधिक बहने प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त करें। इस कार्यशाला में उप जोन सह समन्वयक शिव शंकर कुशवाहा, शिवशंकर साहू, पवन गर्ग, अवधेश गोयल, सुशील निगम, रामनारायण कुशवाहा श्रीमती अनु काण्डे, डा. स्वर्णा शर्मा, पूजा मिश्रा अंजलि खैरवार सरिता राजवाड़े शोभा तिवारी,लोचन गुप्ता शोमनाथ कुशवाहा, डा0 अभिषेक सिंह का सक्रिय योगदान है।
