- सूरजपुर के 10 पुलिस चौकी वाहन व ईंधन की समस्या से जूझ रहे पेट्रोलिंग में आ रही दिक्कतें
- कड़कती ठंड में एक पुलिसकर्मी पेट्रोलिंग के दौरान हुआ बेहोश:सूत्र

सूरजपुर,18 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। पुलिस से लोगों को शिकायते रहती हैं पर पुलिस को भी अपने विभाग से यह शिकायत है की सूरजपुर जिले में 10 पुलिस चौकी आते हैं पर इन पुलिस चौकियों कि यदि स्थिति को देखा जाए तो यह सभी पुलिस चौकियां दुरस्तआंचल व जंगली क्षेत्र में पडते हैं जहां पर कोई भी रिपोर्ट आने पर पुलिस को घटनास्थल व रात्रि ग्रस्त में पहुंचना पड़ता है, पर स्थित यह है कि इन चौकियों में ना तो कोई शासकीय वाहन दी गई है और ना ही ईंधन की व्यवस्था दी गई है, जो पुलिसकर्मी है यदि उनके पास वाहन है तो वह अपने वाहन में ईंधन डलवा कर स्वयं के खर्चे से जितना बनता है उतना प्रयास करते हैं, जबकि यह सुविधा विभाग को देनी चाहिए, उनमें ऐसी सुविधाओं के अभाव में पुलिसकर्मी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। चौकी से दूर-दूर में कई गांव है जहां पर कोई घटना होने पर पुलिसकर्मियों को पहुंचना पड़ता है चाहे वह दिन हो या फिर रात, इसके अलावा रात्रि ग्रस्त भी जरूरी होती है, और इन सबके लिए पेट्रोलिंग वाहन सहित ईंधन की व्यवस्था भी अत्यंत आवश्यक है पर यह व्यवस्था इस समय सूरजपुर के 10 पुलिस चौकियों में न होने की वजह से वहां पर रात्रि ग्रस्त सहित कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इस समय ठंड काफी पड़ रही है और बिना वाहन के रात्रि ग्रस्त या फिर कोई बड़ी घटना होने पर बाइक से जाना काफी मुश्किल भरा देखा जा रहा है, तबीयत खराब होने के साथ-साथ कई तरह के खतरे भी मंडराता हैं ऐसे में चौकियों में रात्रि ग्रस्त के लिए पेट्रोलिंग वाहन की आवश्यकता पड़ जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले में 13 थाना आता है उसमें 10 पुलिस चौकी है, थानों में तो शासकीय पेट्रोलिंग वाहन मिले हुए हैं पर चौकियों में वाहन की व्यवस्था नहीं, जो पुलिस चौकिया है भी वह थाने से काफी दूर है और कई चौकी तो सरहद क्षेत्र में पड़ते हैं, जहां पर जंगल काफी, और इस समय काफी कड़ाके की ठंड पड़ रही है और इस कड़ाके के ठंड में बिना फोर व्हीलर वाहन के रात्रि गस्त करना किसी जोखिम से काम नहीं है, बाइक में तो इस ठंड में रात्रि ग्रस्त या फिर कोई दुर्घटना होने पर घटनास्थल पर जाना पुलिसकर्मियों के लिए अपने मौत को आमंत्रण देने जैसा है, यदि सक्षम पुलिसकर्मी अपने घर की फोर व्हीलर वाहन ले भी आए हैं तो उसमें ईंधन भी उन्हें स्वयं डलवाना पड़ता है, उसका भी पैसा विभाग से नहीं मिलता जिस वजह से वह अपनी वाहन से भी ग्रस्त करने से कतराते हैं, ऐसे में वर्तमान पुलिस अधीक्षक से यह उम्मीद लोगों को लगी है कि चौकियों को भी शासकीय वाहन उपलध हो सके ताकि पुलिसकर्मी रात में निर्भीक होकर ग्रस्त कर सकें और किसी भी अप्रिय घटना में घटनास्थल तक पहुंच के।
यह है पुलिस चौकियां जहां नहीं है पेट्रोलिंग वाहन
बसदेई,चेनदरा,कुदरगढ़,मोहरसोप,रेवटी,खड़गवां,करंजी, लटोरी,उमेश्वरपुर, शलाका, तारा यह 10 पुलिस चौकियां सूरजपुर के संबंधित थानों के अंतर्गत आते हैं थानों में तो पेट्रोलिंग वाहन उपलध है पर चौकी में पेट्रोलिंग में नहीं है जिस वजह से पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और बढ़ते क्राइम को देखते हुए चौकिया में भी पेट्रोलिंग वहां की सुविधा होनी चाहिए ऐसा अब मांग उठने लगा है वही इस खबर के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से भी मांग है कि इन चौकिया में भी पेट्रोलिंग वाहन उपलध कराया जाए ताकि बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था लोगों को मिल सके।