प्रतापपुर,@धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था,किसान हो रहे परेशान, जनपद अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ गोविंदपुर सोसाइटी का घेराव

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प्रतापपुर,16 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था फैली है। किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है इसी कड़ी में सोमवार को किसानों और आम जनों की समस्याओं को लेकर आदिम जाति में सहकारी समिति गोविंदपुर का घेराव व धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम से तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया सभा को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष ने कहा कि 14 नवंबर से पूरे प्रदेश में धान खरीदी शुरू है,लेकिन धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था तथा सरकार की नीतियों के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। जिसमें मेरे द्वारा धान खरीदी केन्द्रों पर गये, जहां उन्होंने किसानों की परेशानियो को देखा। धान खरीदी केन्द्रों में किसान परेशानियों से जूझ रहे है। बारदाने की कमी है,जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा। सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है। पुराने बारदाने फटे हुये है, जिसमें धान भरा ही नहीं जा सकता। किसानों से कहा जा रहा है कि 50 प्रतिशत बारदानों की व्यवस्था स्वंय करो। उसका भुगतान किया जायेगा, लेकिन किसानों के बारदाने का पैसा भी नहीं मिल रहा। टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है,जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा। टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है। जगह का अभाव हो गया है। अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गयी है तथा खरीदी भी 21 म्टिल के हिसाब से नहीं हो रही है।किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है। अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 मि्ंटल धान खरीदा जा रहा। किसानों से पूरा 21 मि्ंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है। बड़े किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे उनकी बारी नहीं आ रही है। सरकार ने यह घोषणा किया है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आयेगा, लेकिन जो लोग धान बेच चुके है, उनके खाते के रकम हफ्तों तक नहीं आया है, जो रकम रहा है वह एक मुश्त 3100 नहीं है। सिर्फ 2300 रु. प्रति मि्ंटल ही आ रहा है, जो समर्थन मूल्य है उतना है। भाजपा ने 3100 रू. एक मुश्त देने का वादा किया था। हमारी मांग है धान की कीमत का भुगतान 3217 रू में करें क्योंकि 3100 रू. भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था। इस वर्ष केन्द्र सरकार ने ध्यान का समर्थन मूल्य 117 रू. बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रु. से बढ़ाकर 3217 रू. किया जाए। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढऩे पर कांग्रेस ने 2640 रू. में धान खरीदी किया था। बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा। सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जायेगा। सोसायटी से धान संग्रहण केंद्रों में भेजा जा रहा है जबकि यह सीधे मिलरों के पास जाना चाहिये। इस कारण सोसायटी में संग्रहण केंद्रों के बीच परिवहन की लागत अतिरिक्त आ रही है। लेबर चार्ज बढ़ गया इसमें भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पिछले वर्ष का सुखत का पैसा सोसायटियों को अभी तक नहीं दिया गया। कार्यक्रम में शक्कर कारखाना के पूर्व अध्यक्ष विद्यासागर सिंह राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह टेकाम जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष इम्तियाज जफर नगर पंचायत अध्यक्ष कंचन सोनी जनपद पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधी संजीव श्रीवास्तव बलरामपुर पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल कुशवाहा बलवीर यादव मासूम इराकी सुमित सोनी अनुप गुप्ता मोती यादव जानसाय मराबी विजय महबूब पिंटु खान गोरेलाल रामचंद्र सहित सैकड़ो की संख्या में आम जानवर किसान उपस्थित थे शांति व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन की टीम मौजूद रही।


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