कोरबा,06 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। घने जंगल के बीच मिट्टी के घर में रहने वाली पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई को हमेशा यहीं डर सताता था कि तेज बारिश में कही उनका मिट्टी का मकान ढह न जाएं। बारिश के साथ पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई के लिए एक नई मुसीबत शुरू हो जाती है। खपरैल से पानी घर पर गिरता था तो कभी कच्ची दीवारें पानी में भीग-भीग कर उखड़ती रहती है। इस बीच घने जंगल में गरज-चमक और तेज बारिश की गड़गड़ाहट उन्हें और भी डरा दिया करती है कि कहीं यह मिट्टी का घर ही न ढह जाएं। अक्सर खौफ के बीच घर में रह रही पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई की ख्वाहिश तो थी कि वह भी पक्के घर में रहे, लेकिन गरीबी के बीच पक्के मकान का सपना उसके लिए एक सपना ही था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास दिए जाने की शुरूआत करने के पश्चात पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई का सपना हकीकत में बदल गया। डर के साये में जीवन जी रही बुधवारी बाई का अपना पक्का मकान बन रहा है, जहां वह चैन से रह पाएगी।
