@ किसानों की हर फसल एमएसपी पर खरीदी जाएगी…
नई दिल्ली,06 दिसम्बर 2024 (ए)। किसानों के दिल्ली मार्च और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने की मांगों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने शुक्रवार (6 दिसंबर) को राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। चौहान ने भरोसा दिलाते हुए कहा, यह मोदी सरकार है और यह मोदी जी की गारंटी है। इस ऐलान के साथ ही आंदोलनरत किसानों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजने की कोशिश की गई है।
शिवराज ने विपक्ष पर साधा निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो उसने एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से इंकार कर दिया। उन्होंने शरद पवार, के वी थॉमस और कांतिलाल भूरिया जैसे पूर्व कृषि मंत्रियों के बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने कभी किसानों के लाभकारी मूल्य की मांग को गंभीरता से नहीं लिया।
किसानों की एमएसपी पर कानून बनाने की मांग
किसान लंबे समय से एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की मांग कर रहे हैं,जिससे उनकी फसलों का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित हो सके। शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में दावा किया कि 2019 से मोदी सरकार ने एमएसपी को उत्पादन लागत से 50त्न अधिक तय किया है। उन्होंने इसे किसानों के हित में मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया।
सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है
कृषि मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि किसानों की हर फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने कभी भी किसानों को नजरअंदाज नहीं किया है। शिवराज ने कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा किसानों की जरूरतों और उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी है।
विपक्ष का आरोप और किसानों का आंदोलन
हालांकि, विपक्ष का दावा है कि कृषि मंत्री का यह बयान किसानों के आंदोलन को शांत करने के लिए दिया गया है। किसानों ने अपनी मांगों पर जोर देते हुए कहा कि जब तक एमएसपी को कानूनी दर्जा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आरबीआई ने किसानों को दी बड़ी सौगात
बिना ब्याज के मिलेगा 2 लाख का लोन

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने अपने आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी में किसानों को बड़ी राहत दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बढ़ती महंगाई से किसानों को राहत देने के मकसद से बिना गारंटी के अब दो लाख रुपए तक का कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। अभी यह सीमा 1.6 लाख रुपए है। इससे पहले आरबीआई ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला लिया। इसका मतलब है कि रेपो रेट 6.5 फीसदी पर कायम रहेगा. दूसरी ओर सरकार ने कैश रिजर्व रेश्यो में कटौती करते हुए 4 फीसदी पर कर दिया है। जिससे देश के बैंकों को 1.15 लाख करोड़ रुपए का बूस्ट मिलेगा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए बुधवार को कहा कि महंगाई और कृषि में उपयोग होने वाले कच्चे माल की लागत में वृद्धि को देखते हुए गारंटी फ्री एग्री लोन की सीमा को 1.6 लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का निर्णय किया गया है।