बिलासपुर,23 नवम्बर 2024 (ए)। उच्चस्तरीय जाति सत्यापन समिति द्वारा एक मामले में याचिकाकर्ता का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने के आदेश को हाई कोर्ट ने अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया। कोर्ट ने मामले को वापस समिति को भेज दिया और निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और 2013 के कानून एवं नियमों के तहत छह महीने के भीतर मामले की जांच पूरी की जाए।
