अंबिकापुर,23 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। अंबिकापुर से गुजरी राष्ट्रीय राजमार्ग की सडक बदहाल है। अंबिकापुर-मनेन्द्रगढ़ रोड व अंबिकापुर-बलरामपुर मार्ग की सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। इस मार्ग पर चलना खतरों से खली नहीं है। सडक पर बने दर्जनों गढ़ों के साथ-साथ धूल से लोगों का सेहत खराब हो रहा है। गड्ढों में हिचकोले खाने से लोग कमर दर्द व धूल से सांस जैसी बीमारी से लोग पीडि़त हो रहे हैं। इतनी समस्या के बावजूद भी केवल राजनीतिक चल रही है। बारिश के दिनों में सडक की स्थिति का जायजा लेने सांसद स्वयं कलेक्टर के साथ स्कूटी चलाकर भ्रमण किया था। इस दौरान लोगों को उम्मीदें जगी थी कि सडक की समस्या दूर होगी। इसी बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री ने भी सडक की जायजा लेकर एमजी रोड में स्टोन डस्ट डलवाकर गड्ढों को भरवाया था। लेकिन बारिश के बाद डस्ट अब धूल बनकर उड़ रही है। वहीं विभाग का कहना है कि सडक मरम्मत के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पर्याप्त राशि नहीं मिली है। प्रस्ताव भेजा गया है पर उधर से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। जो राशि मिले हैं उससे मरम्मत का काम पूर्ण हो पाना मुश्किल है। वहीं अंबिकापुर-बलरामपुर मार्ग स्थित एनएच 343 की भी स्थित काफी खस्ताहल है। इस मार्ग पर उड़ रही धूल के गुबर से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। लोग वैकल्पिक मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं। अंबिकापुर-मनेन्द्रगढ़ रोड पर चलने वाले राहगिरों ने सडक की स्थित को देखकर उनका कहना यह सडक जानलेवा है। इसपर चलना खतरों से खाली नहीं है। इस मार्ग पर चलने वाले बाइक सवारों को कई तरह के दर्द सहना पड़ रहा है। घर पहुुुंचते ही इनकी कमर अकड़ जा रही है। वहीं उड़ रही धूल से भी लोग परेशान हैं। इस मार्ग पर हमेशा हादसों का भय बना हुआ है। जरा सा भी सावधानी हटी दुर्घटना घटी जैसी स्थिति बनी हुई है।
एमजी रोड के लिए
1.70 करोड़ की जरूरत
एमजी व खरसिया रोड काफी जर्जर है। इन दोनों सडकों की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा शासन को 1.70 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन अब तक जवाब नहीं आया है। विभाग के ईई नीतेश तिवारी बताया कि राशि की प्रस्ताव को लेकर विभाग के अधिकारी दिल्ली जाने वाले हैं। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अंबिकापुर से सिलफिली तक 20 किमी एनएच की सडक काफी जर्ज है। इसके अलावा एक किमी खरसिया रोड की सडक खराब है। इन दोनों मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। विशेषकर अंबिकापुर-मनेन्द्रगढ़ मार्ग गड्ढों में तçदल हो गया है।
बलरामपुर मार्ग के लिए
28 करोड़ की जरूरत
एनएच-343 अंबिकापुर-रामा नुजगंज मार्ग 77 किमी जर्जर है। इस सडक की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को 28 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। अंबिकापुर से बलरामपुर तक के लिए 19 करोड़ व बलरामपुर से आगे के लिए 9 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।
