बैकुण्ठपुर/पटना,@कचरा पर ही बना दिया पार्क और 10 लाख भी कर दिए पार?

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जहां कोई पहुंच ना पाए वहां पर कचरे वाले स्थान पर 10 लाख की लागत से क्यों बना पार्क?


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर/पटना,21 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। पटना अब भले ही ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त कर चुका हो लेकिन ग्राम पंचायत अंतर्गत ही स्वीकृत कुछ निर्माण कार्यों की बात करें तो बड़ा अजीब मामला नजर आता है। ग्राम पंचायत के द्वारा निर्मित एक पार्क को लेकर अजीब जानकारी सामने आई है जो है तो शिकायत लेकिन मामले में शिकायत करने वाले ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त रखी है, और बताया है कि ग्राम पंचायत के द्वारा एक ऐसा पार्क बनाया गया है जो कचरे पर ही बना दिया गया है और कचरे पर बनाए गए पार्क के लिए 10 लाख रूपये निकल लिए गए।
मामला बूढ़ा सागर तालाब के तट पर निर्मित पार्क से जुड़ा है जो एकदम किनारे तालाब के बनाया गया पार्क है जो कुछ लोगों के घर के पीछे की तरफ का वह क्षेत्र है जहां पार्क बनाया गया है जहां वह कचरा घर का फेंकते हैं। पार्क का निर्माण कार्य भी बताया जा रहा है उसी वार्ड के वार्ड पंच ने किया है और उनके ही घर परिवार के लोगों के घर पीछे का वह क्षेत्र है जहां यह पार्क बना है। पार्क के लिए 10 लाख की राशि स्वीकृत हुई और जिसे डाकर लिया गया और औसत दर्जे का झूला और अन्य सामान लगाकर निर्माण किया गया है। वैसे जिस वार्ड पंच ने इस पार्क के निर्माण कार्य का जिम्मा सम्हाला था जैसा बताया जा रहा है वह भाजपा नेता हैं और वह खुद को अगला नगर पंचायत अध्यक्ष भी बनते देखना चाहते हैं। अब जो खुद को नगर पंचायत का अध्यक्ष बनना देखना चाहता हो और उसके द्वारा ही निर्मित पूर्व का कार्य यदि ऐसा होगा तो समझा जा सकता है वह कैसे नगर का विकास करेगा। वह ऐसे ही कचरे में निर्माण और विकास कार्य की राशि डकारने का कार्य करेगा यह कहना कहीं से गलत नहीं होगा।
घर के पीछे भी नेता पार्क बनवा देंगे…
वैसे इस कचरे वाले पार्क की जानकारी नगर के ही लोगों को नहीं है वहीं कई लोग आज खबरों से जान सकेंगे कि कचरे में वहीं घर के पीछे भी नेता पार्क बनवा देंगे उन्हें मौका मिला तो और ऐसा जानकर लोग ऐसे के नेताओं से कन्नी काट लेंगे और उन्हें चुनाव में सबक सिखाएंगे। वैसे यही पार्क यदि पटना में कहीं और बनाया जाता जिसमें हनुमान मंदिर परिसर या अन्य कोई स्कूल आंगनबाड़ी परिसर होता तो उसकी उपयोगिता साबित होती वहीं अपने ही घर के पीछे कचरे वाली जगह पर पार्क बनाकर वार्ड पंच भाजपा नेता जैसा सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है ने अपनी आगामी रणनीति से लोगों को अवगत करा दिया है कि वह यदि उन्हें मौका मिला तो क्या करने वाले हैं पटना के विकास के लिए। पटना में ऐसे कई निर्माण कार्य और सामने आने वाले हैं जो वर्तमान सरपंच के लिए भी काफी मुश्किलें खड़ी करने वाले होंगे जो उनके ही चहेते लोगों ने खासकर वार्ड पंचों के जिम्मे वाले हैं जिनमें काम कम भ्रष्टाचार ज्यादा हुआ है।
पूरी पोल पट्टी के साथ शिकायतकर्ता पुनःहाजिर होगा
पूरी पोल पट्टी के साथ शिकायतकर्ता पुनः हाजिर होगा यह उसका कहना है वहीं इस शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि अलग अलग निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने वाले ही आज सरपंच को पीछे छोड़ खुद को अध्यक्ष की दौड़ में आगे जाहिर कर रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत यह है कि उनके कारण ही सरपंच की भी साख कमजोर हुई है वहीं उनके लालच और ग्राम विकास में सेंध लगाने की मानसिकता से ग्राम के लोग भी अवगत हुए हैं। ग्राम के लोगों की इन मामलों में खासकर निर्माण कार्यों के भ्रष्टाचार के मामले में स्थिर राय सामने आ रही है ग्राम जो अब नगर है के लोगों का कहना है कई जो अध्यक्ष की दौड़ में हैं वह वार्ड पार्षद नहीं बन पाएंगे वहीं जो वार्ड पार्षद तक का ही सपना पाले बैठे हैं वह भी वहां तक पहुंच नहीं पाएंगे। अब देखना है कि क्या नगर के लोग ऐसा ही करते हैं। वैसे कचरा पार्क की बात सामने आने के बाद निर्माण कार्यों की अन्य भी जांच होनी ही चाहिए क्योंकि यदि एक मामले में ऐसा हुआ है तो कई ऐसे मामले होंगे जो सामने आयेंगे।


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