बैकुण्ठपुर/कटकोना,@क्या कटकोना ग्राम पंचायत पर किसी विशेष एक व्यक्ति का हो गया है कब्जा…हर निर्माण में उनकी दखलअंदाजी?

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-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर/कटकोना,१0 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। ग्राम पंचायत कटकोना में सरपंच कोई भी हो पर एक व्यक्ति विशेष का हस्तक्षेप जरूर देखा जाता है पंचायत के कार्यों में खासकर निर्माण कार्यों में,पूर्व सरपंच के कार्यकाल में भी उनका हस्तक्षेप था, उसके हारने का कारण भी दो गुटों की आपसी असहमति साथ ही तालमेल का अभाव बना, धीरे-धीरे समय बिता और फिर पूर्व सरपंच के हार का गम भूलने के बाद वर्तमान सरपंच के साथ सामंजस्य बैठाकर हस्तक्षेप का दौर शुरू हुआ, कटकोना पंचायत के सरपंच को हटने हटाने का भी दौर चला, अविश्वास प्रस्ताव तक पारित हुआ पर सरपंच के बचने के लिए जिसके पीछे कई कारण है और राजनीतिक धुरंधरों की अपनी कहानी है पर अब जब फिर से पंचायत चुनाव सामने खड़ा है तो व्यक्ति विशेष पंचायत मद में पड़े पैसे को निर्माण कार्य में हस्तक्षेप कर आनन फानन में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने पर लगा हुआ है। पंचायत में जो इस समय निर्माण कार्य हो रहे हैं उसमें व्यक्ति विशेष का हस्तक्षेप साफ देखा जा रहा है जो दूसरे गुट को बिल्कुल भी नागवार गुजर रहा है। अब आने वाला समय फिर किस सरपंच का होगा यह तो समय बताएगा, पर एक बात तो साफ है कि इस बार भी पंचायत में सरपंच बनने को लेकर जो गुट पहले अलग-अलग थे अब वह एक होकर पूर्व सरपंच पर अपना मत एक कर पाएंगे या फिर वर्तमान को ही मौका देंगे क्योंकि संबंध मधुर हो गए हैं।
व्यक्ति विशेष का निर्माण कार्यों में हस्तक्षेप गुणवत्ता का ध्यान किसी को नहीं
पंचायत के निर्माण कार्यों में एक व्यक्ति विशेष का हस्तक्षेप छिपा नहीं है। व्यक्ति विशेष ही निर्माण कार्यों के लिए सक्रिय है और एक तरह से एजेंसी है पंचायत के लिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। गुणवाा निर्माण कार्य की सही है, नहीं है, क्या निर्माण कार्य समय अवधि में पूर्ण हुआ नहीं हुआ इसका ध्यान किसी को नहीं है, ध्यान है किसी चीज का तो वह है एक विशेष व्यक्ति को उपकृत करने का। वैसे सरपंच भी मजबूर हैं ऐसा बताया जाता है क्योंकि उसे जितने के लिए श्रमिकों का मत आवश्यक है जिसके ठेकेदार श्रमिक नेता हैं और वह श्रमिकों के मतों का सौदा करके पंचायत में अपना हित साध रहे हैं, निर्माण कार्य करके सम्पन्नता तलाश रहे हैं, वहीं जिन श्रमिकों के हितों की उन्हे जिम्मेदारी श्रमिक नेता होकर निभानी है उनके हितों का ध्यान वह छोड़ चुके हैं क्योंकि वह उन्हीं निर्माण कार्यों की गुणवाा बिगाड़ रहे हैं जो श्रमिकों के हित के लिए ही जारी हैं।
पंचायत चुनाव में भाजपा विधायक का समर्थन का पूर्व सरपंच को जिताने होगा प्रयास
श्रमिक नेता की इसे होशियारी कहें यह चालाकी वह हमेशा अवसर का फायदा उठाने जानते हैं और कब कहां जाकर अपना चेहरा चमकाना है चापलूसी जाहिर करनी है वह इसके लिए तत्पर तैयार रहते हैं। श्रमिक नेता हमेशा नेताओं के इर्दगिर्द रहकर तस्वीर खिंचाने और स्वार्थ अपना साधने में लगे रहते हैं। सरकार कोई हो विधायक कोई हो श्रमिक नेता का जलवा बरकरार रहता है और वह अवसरवादी बनकर सभी से लाभ ले भी लेते हैं झिझक उन्हें नहीं है कोई ऐसा बताया जाता है। बताया जा रहा है वर्तमान विधायक और सरकार में उन्होंने साा बदलते ही तालमेल बैठा लिया है। अब वह पूर्व सरपंच के साथ नजर आ रहे हैं अकेले में जब उन्हें फुर्सत मिल रही है निर्माण कार्यों से। पूर्व के साथ मुलाकात इसलिए क्योंकि वह वर्तमान विधायक के खास हैं, वैसे अब श्रमिक नेता का अभियान है कि वह पूर्व सरपंच को पुनः सरपंच बनवाने सहयोगी बने जिससे उन्हें विधायक का साथ मिले। वैसे विधायक भी जानते हैं कि अवसरवाद और वादी किसी के नहीं इसलिए वह चाल में फसेंगे लगता नहीं है।
एसईसीएल से होगा वाटर एटीएम का सुधार…
चहेते को मिला काम

वैसे बताया जा रहा है कि वाटर एटीएम जो पंचायत का था और जिसकी जिम्मेदारी मरम्मत की पंचायत की थी वह अब एसईसीएल द्वारा मरम्मत कराया जाएगा। बताया यह भी जा रहा है कि वाटर एटीएम को श्रमिक नेता चाहते तो पंचायत मद से सुधरवा लेते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया वहीं अब जब एसईसीएल ने उसका जिम्मा लिया है तो वहां भी श्रमिक नेता की गिद्ध नजर जा पड़ी है और अपने ही चहेते को श्रमिक नेता ने मरम्मत कार्य दिलवा दिया है। सूत्रों की माने तो तय कमीशन का इसमें भी खेल है।
वाटर एटीएम सुधार के लिए पंचायत के पास पैसा नहीं पर भ्रष्टाचार वाले निर्माण के लिए पैसे ही पैसे हैं?
सूत्रों और ग्राम के लोगों का कहना है की ग्राम कटकोना में शासकीय राशि की बंदरबाट हो रही है। ग्राम के वाटर एटीएम के लिए अब पंचायत के प्रतिनिधियों का ध्यान नहीं है,वाटर एटीएम खराब है और उसका मरम्मत कैसे हो इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। श्रमिक नेता के साथ कांग्रेस नेता भी पंचायत प्रतिनिधियों को दबाव में लेकर निर्माण कार्य कर जल्द धनाढ्य बनने में लगे हैं वहीं जबकि वाटर एटीएम का लाभ श्रमिक ही प्राप्त करते हैं। बता दें की श्रमिकों को ग्राम में पीने की पानी की दिक्कत लगातार बनी रहती है और कुछ हैंडपंप से दूर से वह पानी लाकर पीने मजबूर रहते हैं। लोगों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि और श्रमिक नेता की जुगलबंदी श्रमिक या ग्राम के लोगों के हित में होती तो समझ में आता। दोनों की जुगलबंदी शासकीय राशि खासकर ग्राम के सुविधाओं के राशि के बंदरबांट के लिए हो रही है यह चिंताजनक है। वैसे भी यह गणित राय नाम से प्रसिद्ध है।


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