दैनिक घटती-घटना स्थापना दिवस विशेष@सच्चाई से समझौता होगा नहीं…जो सच है वही दिखेगा…लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका हमारी जिम्मेदारी!

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  • निर्भीकता एवं निष्पक्षता के साथ स्वतंत्र पत्रकारिता सदैव जनपक्ष में निर्भीक खबरों के साथ…20 साल बेमिसाल
  • संपूर्ण भारत के लिए एक प्रकाशनराष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र !
  • आज अखबार के 21 वें स्थापना दिवस पर..घटती-घटना के हृदय की आवाज…

दैनिक घटती-घटना स्थापना दिवस विशेष। संयोग है कि दैनिक घटती-घटना अखबार समूह का स्थापना दिवस व भारत के 26 वें राज्य छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस 1 नवंबर को पड़ता है इसलिए अखबार समूह छत्तीसगढ़ की स्थापना दिवस के साथ-साथ अपने स्थापना दिवस को भी मनाता है जहां दैनिक घटती घटना की उम्र 20 वर्ष हो गई है तो वही छत्तीसगढ़ राज्य 24 वर्ष का हो गया है हम छत्तीसगढ़ राज्य से 4 वर्ष छोटे हैं, प्रकाशन क्षेत्र में,इस बार छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्योत्सव 5 नवंबर को मनाने का निर्णय लिया गया,हमने भी छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश को देखते हुए अपने अखबार व छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस 5 नवंबर को मनाने का निर्णय लिया हैं। जन जाग्रति के संकल्प के साथ 01 नवम्बर 2004 में दैनिक घटती-घटना समाचार पत्र के प्रकाशन का कार्य प्रारंभ किया गया। आज समाचार-पत्र अपने प्रकाशन के सफलतम 20 वर्ष पूर्ण कर 21 वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इन 21 वर्षो में दैनिक घटती-घटना समाचार पत्र अपनी साख बनाए रखने में खरा उतरा है। जनहित के समाचार प्रकाशित कर एवं सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर दैनिक घटती-घटना ने आमजन को जागृत करने का प्रयास जारी रखा है,यदि दैनिक घटती-घटना अपने गौरवमय इतिहास पर नज़र डाले तो अपनी उपलब्धियों पर यथोचित गर्व होगा। यह एक ऐसा अवसर है जब हम इस लम्बी यात्रा में अपनी उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए आत्मसंतुष्ट हो रहे हैं। आज के इस कठिन दौर में जहां अनेक साधन व सुविधायुक्त अखबार व डीजिटल सोशल मीडिया मौजूद हैं वहां हम कठिन हालात में सीमित साधनों व बगैर किसी के सहारे वाली स्वतंत्र व विशुद्ध जनमुखी पत्रकारिता की राह में अग्रसर है…जिसमें संघर्षों का अंतहीन सिलसिला बना ही रहता है, फिर भी हर गुजरते दिन,महीनों और सालों में हमारी प्रतिबद्धता और हिम्मत मजबूत होती ही गई है…हमारे दैनिक अखबार व डिजिटल प्लेटफार्म जी.जी. न्यूज को समाज के ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों के आवासों, निवासों, दफ्तरों, दुकानों आदि में समान रूचि व विश्वास के साथ पढ़ा व देखा जाता है। हमारे सभी पाठकों व चाहने वालों को समाज में चल रहे अश्लीलता, सनसनी, ढोंग, द्वेष और कलह का घोर विरोध व परहेज करना काफी पसंद आता है व प्रबुद्ध वर्ग के द्वारा हमारे अखबार व डिजिलट प्लेटफार्म को सराहा भी जाता है। हमारी नीतियां व हमारी कार्यशैली और प्रवृत्ति में इंसानियत व पारदर्शिता की झलक स्पष्ट है…हम सिर्फ और सिर्फ ईमानदारी के तराजू पर ईमानदारी के चश्में से ही दुनिया को परखने की जन्मघुट्टी मिली हुई है…इंसानियत की पैरोकारीता ने हम को सभ्य समाज की मान्यता से कृतज्ञ पर रखा है। आप सभी के विश्वास समर्थन व प्रेम के बल पर ही दैनिक घटती-घटना अख़बार अपनी अनंत यात्रा के 21 वें पड़ाव पर पहुंचकर प्रसन्नता और गौरव का अनुभव कर रहा है। दैनिक घटती-घटना समूह पाठकों की पसंद है। पाठक यह इंतजार करते हैं कि सुबह उन्हें समाज और व्यवस्था से जुड़े उन पहलुओं से दैनिक घटती-घटना अवगत कराएगा जो काम केवल वही करता है। हमारे समाज को ऐसे पत्रकार की आवश्यकता है जो पत्रकारिता जानते हों, जिन्हें भाषा का ज्ञान हो, जिनमें संयम हो और वो निर्भीक व स्पष्टवादी हो।
आज के युग में जब लोग अखबार खरीदना और पढ़ना नहीं पसंद करते वहीं जब लोगों को दिनभर की घटनाएं ऐसे ही सोशल मीडिया से पता चल जा रही हैं ऐसे समय में दैनिक घटती-घटना के पठन का इंतजार यह बतलाता है कि लोगों को आज भी अखबार की खबरें साथ ही चाय की चुस्की की दरकार है बस खबर सत्यता से करीब हो सत्य हो तभी लोग इस इंतजार को अपने भीतर पाते है और यही उनका इंतजार किसी समाचार पत्र की लोकप्रियता है ख्याति है। आज दैनिक घटती-घटना समाचार पत्र समूह के 21 वें वर्ष में प्रवेश करने पर एक संकल्प भी लिया जा रहा है कि समाचार-पत्र का प्रकाशन सत्य से ही प्रेरित होकर किया जाता रहेगा जैसा आरम्भ वर्ष से ही जारी है। पाठकों के समक्ष एक विषय यह भी की कठिनाई ऐसा नहीं है नहीं आई और ऐसा भी नहीं है कि हर स्थिति में अडिग रहकर ही कोई प्रकाशन हमने ने किया,जब-जब ऐसी परिस्थिति आई जब प्रकाशन उपरांत किसी बिगड़ी व्यवस्था में सुधार का सिलसिला शुरू हुआ, हमने ऐसे मामले में सराहना भी करने का काम किया जो जारी रहने वाला एक अभियान रहने वाला है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका का बेहतर निर्वाहन दैनिक घटती-घटना अखबार समूह ने किया, वहीं कभी भी कोई समझौता लाभ उद्देश्य से नहीं किया, जब मामला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ बतौर लोकतंत्र के मान-सम्मान से जुड़ा रहा हो और आगे भी ऐसा ही प्रयास जारी रहने वाले है। आप सभी पाठकों शुभचिंतकों से आग्रह की दैनिक घटती-घटना के लिए आप भी अपने सुझाव प्रेषित करें, क्या सुधार और क्या और बेहतर दैनिक घटती-घटना कर सके। अपने प्रकाशन से की उसकी स्वीकार्यता और उसके उद्देश्य से लोग सहमत हो सकें। अखबार को लेकर एक बात और भी आप सुधी पाठकों को बतानी आवश्यक है खासकर 21 वीं वर्षगांठ पर की दैनिक घटती-घटना समाचार-पत्र हमेशा आलोचक की भूमिका निभाता चला आया है। सरकार किसी की भी रही हो दैनिक घटती-घटना ने कभी किसी परिणाम विपरीत की परवाह नहीं की और हमेशा प्रकाशन के दौरान हमने ने वही प्रकाशित करने का प्रयास किया जो सत्य था या उसके करीब था। सूत्रों को लेकर भी अखबार ने गोपनीयता कायम रखी और सूत्रों की जानकारी बाहर नहीं निकलने दी। देखा जाए तो दैनिक घटती-घटना ने हर उस कर्तव्य का निर्वाहन किया जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ होने के नाते उसे पूर्ण करने थे। प्रकाशन में विज्ञापन या प्रलोभन से हमेशा परहेज दैनिक घटती-घटना की खासियत रही। दैनिकं घटती-घटना परिवार की एक और खासियत रही वह यह की जिन्हे भी जिम्मेदारी दी गई, उनकी खबरों पर उनका एकाधिकार भी उन्हे दिया गया और उनकी खबरें कभी नहीं रुकीं जब उन्होंने कोई खबर भेजी और किसी प्रभावशाली ने रोकने प्रकाशन कार्यालय तक सम्पर्क किया। आज कहीं न कहीं यह भी एक कारण हैं कि अखबार समूह से कुछ सीमित लोग ही प्रतिनिधि बतौर जुड़ सके हैं वहीं वह जिम्मेदार हैं और एक लक्ष्य देशहित के लिए उनका संकल्प है। आज घटती-घटना के 21 वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर मैं आप सभी प्रिय पाठकों, नियमित ग्राहकों, विज्ञापनदाताओं और घटती-घटना के तमाम सहयोगियों, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष हितैषियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं…तथा भविष्य में भी विश्वास व सहयोग बनाए रखने के आशा के साथ अगले पायदान में प्रवेश करने पर आप सभी का हृदय की गहराईयों से आभार एवं धन्यवाद…!


संपादक
अविनाश सिंह


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