अंबिकापुर,21 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। नए नियम के विरोध में दस्तावेज लेखक (मुख्तार) सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से रजिस्ट्री का काम नहीं हो सका। दस्तावेज लेखक व स्टाम्प विक्रेता संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बीते महीने उनकी मांगो के निराकरण को लेकर प्रशासन ने 15 दिनों का समय तय किया था, लेकिन एक महीने बाद भी इस संबंध में कोई पहल नहीं की गई है। पत्र का जवाब देने की जगह नई-नई योजनाओं को लागू करने की जानकारी सामने आ रही है। उन्होनें कहा कि सुगम एप को लागू कर व्यक्ति द्वारा घर बैठे रजिस्ट्री कराने का प्रचार किया जा रहा है जो एक प्रकार से दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं को बेरोजगार किया जा रहा है। शासन से अपनी आजीविका की सुरक्षा की गारंटी के साथ पूर्व में दिये ज्ञापन में दर्शित विभिन्न मांगो के साथ उन्हें पंजीयन विभाग में समायोजित किये जाने की मांग करते हुए 21 अक्टूबर से सरगुजा बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया के सभी दस्तावेज लेखक व स्टाम्प वेंडर प्रदेश कार्यकारणी के निर्देश पर प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन कलेक्टर परिसर में स्थित दस्तावेज लेखक कक्ष के बाहर दस्तावेज लेखक व स्टाम्प वेंडर बैठे रहे। मुख्तारों को बेरोजगार होने का डर सता रहा है। नया सुगम ऐप से रजिस्ट्री संपादित करने में अनेकानेक परेशानी की संभावना है। पूर्व में स्टाम्प वेंडर द्वारा कोषालय स्टाम्प बिकी को बंद कर ई-स्टाम्प चालू किए जाने से स्टाम्प वेंडर बेरोजगार हो गये हैं। इसी प्रकार दस्तावेज लेखक भी अपने को बेरोजगार होने के भय से भयभीत है। हड़ताल में मो. फारूक, संतोष गोयल निशांत रामलाल, सतेन्द्र, रामानंद, काशीनाथ, व अन्य सभी दस्तावेज लेखक व स्टाम्प वेंडर शामिल रहे। दस्तावेज लेखक व स्टाम्प वेंडर के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से अंबिकापुर उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री का कामा नहीं हो सका। पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सका। इससे शासन को उप पंजीयक कार्यालय अंबिकापुर से शासन को लगभग 40 लाख रुपए से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। रिकॉर्ड के अनुसार यहां प्रति दिन 45-50 रजिस्ट्री का टारगेट है।
