- हत्या करने के बाद झारखंड हो गया था फरार,पुलिस की कई टीमें लगी थीं खोजबीन में
- बलरामपुर पुलिस ने लोकेशन किया ट्रेस,झारखंड के गोदरमाना में दबोचा गया आरोपी
- पूरे प्रदेश के लोग कर रहे थे प्रार्थना,तत्काल पकड़ा जाए आरोपी
- विपक्ष मामले पर दे रहा प्रतिक्रिया वहीं सत्ताधारी खामोश?
- घटना के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,15 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी व बेटी की हत्या करने वाले कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू को बलरामपुर पुलिस ने से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कड़ी सूरक्षा के बीच सूरजपुर लाया गया है। बलरामपुर पुलिस ने उसका लोकेशन ट्रेस किया तो वह झारखंड के गोदरमाना इलाके में मिला,गोदरमाना इलाका झारखंड का वह इलाका है जो एक नदी पार करते ही आ जाता है और वह बलरामपुर से लगा है। आरोपी साथ अंबिकापुर वापस आने के लिए बस में चढ़ा था। इसी बीच छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झारखंड के गोदरमाना में थाने के सामने बस को रुकवाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
ज्ञात हो की छाीसगढ़ प्रदेश अशांत प्रदेश कहलाने लगा है क्योंकि छत्तीसगढ़ में नए-नए मामले सामने आने लगे हैं अपराध का बढ़ रहा ग्राफ और पुलिस हो गई लाचार, आखिर पुलिस प्रशासन को ईमानदारी से काम करने की नसीहत कब देगी सरकार? पुलिस के लिए आज जो मुसीबत खड़ी हुई है उसमें भी कहीं ना कहीं पुलिस की ही कार्यप्रणाली दोषपूर्ण कही जा सकती है,ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि आज यदि कोई अपराधी या उस प्रवृति का व्यक्ति इतनी हिम्मत जुटा पा रहा है कि वह पुलिसकर्मी के घर ही धावा बोल रहा है महिलाओं बच्चियों की निर्मम हत्या कर रहा है शव को दूर ले जाकर फेंकने की हिम्मत कर पा रहा है हत्या उपरांत भी भय का उसे यदि आभास नहीं है कानून का डर नहीं है तो यह डर पुलिस ने ही उसका खत्म किया है किसी और ने नहीं। छोटे छोटे अपराधों में छोटी सजा या कुछ बीच का रास्ता बना बनाकर ही कोई अपराधी अपराधी बनता है, और लगातार वह कानून के रखवालों के संपर्क में रहते हुए उनसे या तो अपराध के संबंध में दंडित होकर या उस संबंध में बातचीत करकर वह बरी होता रहता है और एक उसकी आदत भी बन जाती है और आदतन वह जब धीरे धीरे होता जाता है तो उसे यह भी आभास हो जाता है कि किसी मामले में पुलिस से उसे कितनी प्रताड़ना मिल सकती है,और फिर वह अपराध करने से हिचकिचाता नहीं है और न दंड से भयभीत होता है वहीं बीच के रास्ते वाली पद्धति से वह काफी वाकिफ हो जाता है और वह जब बीच का रास्ता वाला मसला भी समझ जाता है तब वह एक बड़े अपराध के लिए तैयार हो जाता है। और सुरजपुर के मामले में कहीं न कहीं यही हुआ। सुरजपुर पुलिस परिवार दोहरा हत्याकांड यह बतलाता है कि आरोपी को प्रोत्साहित किया गया जिस वजह से आज आरोपी ने इतना बड़ा कांड कर दिया। हम बात कर रहे हैं सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या के मामले की यह हत्या सभी के दिलों को झकझोर देने वाली वाली है, घटना को लेकर सभी में आक्रोश है और निंदा भी हो रही है कि ऐसा कृत्य नहीं होना चाहिए पर यह कृत्य जिसे क्रूरता के साथ आरोपी ने किया है यह बताता है कि आरोपी के अंदर कितनी क्रूरता थी कि उसे यह भी एहसास नहीं हुआ कि वह क्या करने जा रहा है और कितनी बड़ी घटना को अंजाम देने जा रहा है।
कांग्रेस कमेटी ने कड़ी कार्यवाही की मांग की…

सुरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने सुरजपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौपकर सूरजपुर पुलिसकर्मी के परिजनों की हत्या,पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने की घटना तथा सम्पूर्ण जिले में बढ़ते अपराधिक मामलों पर कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की है। कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सूरजपुर जिला मुख्यालय में पुलिसकर्मी के परिजनों की हत्या, पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने की घटना,रामानुजनगर में बलात्कार की घटना सहित सम्पूर्ण जिले में बढ़ते अपराधिक मामलों पर कड़ी कार्यवाही करना अत्यंत आवश्यक है। बढ़ती घटनाओं से जहां आमजन मे असुरक्षा की भावना बढ़ रही हैं वही पुलिस प्रशासन के विरूद्य असंतोष भी पनप रहा है। अपराधिक घटनाओं पर कड़ी कार्यवाही करते हुये तत्काल रोक लगाया जाना तथा आमजन में पुलिस के प्रति घटते विश्वास को कायम रखने के लिये आवश्यक कदम उठाया जाना अत्यंत आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी ऐसी घटनाओं की कठोर निंदा करती है तथा पुलिस प्रशासन पर विश्वास व्यक्त करते हुये यह आशा करती है कि आपके नेतृत्व में जिले में शांतिपूर्ण व्यवस्था कायम रहेगी तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहेगा। कांग्रेस पाटी सदैव प्रशासन के साथ सहयोग हेतु तत्पर है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से खेलसाय सिंह (पूर्व सांसद) पारस नाथ राजवाड़े (पूर्व विधायक भटगांव), नरेश राजवाडे (जिला पंचायत उपाध्यक्ष),भगवती राजवाड़े(अध्यक्ष जिला कांग्रेस सूरजपुर) राम चंद्र यादव, अश्विनी सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष), अनुपम फिलिप,कुसुमलता राजवाड़े,संजय डोसी(शहर अध्यक्ष),अखिलेश सिंह जाकेश राजवाड़े,दीप्ती स्वांइ,राजीव कुमार सिंह,मनोज डालमिया,दीपक कर, विनय यादव,मुख्य रूप से उपस्थित थे। वैसे दोहरे हत्याकांड का आरोपी कांग्रेस नेताओं का करीबी था, एक कांग्रेस के ही आनुषंगिक छात्र संगठन का वह जिला पदाधिकारी था यह कांग्रेस नकार भी नहीं पा रही है साथ ही कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान आरोपी इतना मनोबल प्राप्त कर सका जो 2018 के पूर्व के डॉक्टर रमन सिंह कार्यकाल में अपराधी नहीं जुटा पाते थे वहीं वह विगत पांच वर्ष में जुटा ले गए जिसकी ही परिणीति है यह घटना। वैसे कांग्रेस इस मामले में आंदोलन में समाने आने की स्थिति में नहीं होगी क्योंकि यदि शहर के ही लोगों की माने तो एक तरफ कुलदीप साहू पुलिस का ही चहेता था पिछेल वर्षों तक साथ ही कांग्रेस के शहर जिला स्तर के नेताओं का उसे हर तरह का संरक्षण प्राप्त था।
आदतन अपराधी कुलदीप ने शातिराना तरीके से कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की नृशंस हत्या की,हत्या की वारदात को अंजाम दिया
आदतन अपराधी कुलदीप साहू ने बेहद शातिराना तरीके से कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी मेहू फैज व बेटी आलिया शेख की नृशंस हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। दरअसल चौपाटी में प्रधान आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल उड़ेलने की वारदात के बाद पुलिस द्वारा धर-पकड़ की कोशिश के दौरान आरोपी ने कार बदल ली थी। सूत्रों कहना था की उसने अपनी गाड़ी में दूसरे को बैठाकर भेज दिया और अलग-अलग थानों-चौकी की पुलिस उसी का पीछा करते हुए करवां लटोरी तक पहुंची। इस दौरान टीम ने उसके कार पर कुछ राउंड फायर भी किया। जबकि आरोपी इसी वक्त दूसरे वाहन से हेड कांस्टेबल के घर पहुंचा और उसकी पत्नी-बेटी की हत्या करने के बाद शवों को ठिकाने लगाकर फरार हो गया था। इधर पुलिस सोचती रही कि जिस वाहन का वह पीछा कर रही है, उसी में आरोपी सवार है। इधर नगरवासियों ने पुलिस पर अपराधी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसी को लेकर वे और ज्यादा आक्रोशित थे। वैसे कुलदीप साहू ही दोहरे हत्याकांड का आरोपी है यह अब पुलिस के द्वारा कुलदीप से होने वाली पूछताछ से पता चल सकेगा।
झारखंड हो गया था फरार
प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या करने के बाद आरोपी पुलिस से बचते हुए झारखंड भाग गया था। इधर पुलिस की कई टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं। संयुक्त पुलिस परिवार ने उसे गिरफ्तार करने वाले को 50 हजार रुपए तथा एन्काउंटर करने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा कर दी थी। इधर सूरजपुर में भी घटना को लेकर उबाल था। इसी बीच बलरामपुर पुलिस ने उसे झारखंड के गोदरमाना से दबोच लिया। बलरामपुर एसपी द्वारा उसे पकड़े जाने का फोटो वायरल हो रहा है।
छत्तीसगढ़ ऐसे अपराध की कल्पना नहीं किया था…
छाीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जो हुआ है,वैसा के किसी भी दूसरे राज्य में सुनाई नहीं पड़ा। एक पेशेवर अपराधी को जिलाबदर किया गया था, लेकिन वह दौलत और राजनीतिक पहुंच की अपनी ताकत के साथ कानून के खिलाफ काम करते रहा। उसके गुनाह के धंधे पर कार्रवाई करती पुलिस को पिछले दो-तीन दिनों में ही उसने कड़ाही में खौलता तेल फेंककर जलाया,गाड़ी से कुचलने की कोशिश की,और एक हेडकांस्टेबल के घर पहुंचकर उसकी बीवी और बेटी को चाकू तलवार से मार डाला, और लाशों को ले जाकर बाहर खेतों में फेंक दिया। अब तक कई जगहों पर यह तो सुनाई पड़ा था कि कार्रवाई करने वाली पुलिस या दूसरे अफसर को मार दिया,लेकिन यह कहीं सुनाई नहीं पढ़ा था कि पुलिस के परिवार के साथ ऐसा भयानक अपराध किया गया हो। छत्तीसगढ़ के दूसरे सिरे पर बस्तर के इलाके में नक्सली भी कई किस्म की हिंसा करते हैं, पुलिस-मुखबिरी की बात कह कर लगाकर वे अपनी फर्जी जनसुनवाई करके कुछ लोगों को मार भी डालते हैं,लेकिन किसी पुलिस परिवार के साथ नक्सलियों ने भी आज तक ऐसा नहीं किया है जो कि एक कबाड़ और दूसरे किस्म के धंधे करने वाले इस कुलदीप ने किया है।
10 महीने के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ ने यह भी देखा
प्रदेश के ताकतवर गृहमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री भी हैं उनका अपना गृहजिला कवर्धा पिछले महीने भर में जितने किस्म की हिंसक अराजकता देख चुका है,वैसा शायद ही कभी उस जिले में या किसी एक जिले में हुआ हो। अभी कुछ महीनों के भीतर छत्तीसगढ़ के एक दूसरे जिले, बलौदाबाजार-भाटापारा में जिस तरह सतनामी समाज के एक प्रदर्शन के बाद वहां के कलेक्टर और एसपी के दफ्तरों को जलाया गया, वैसा भी देश में कभी किसी और जगह पर नहीं हुआ था। इन बड़ी घटनाओं के बीच, और आगे-पीछे छत्तीसगढ़ में हिंसक और जानलेवा जुर्म,बलात्कार और गैंगरेप जैसे मामले इस हद तक बढ़े हुए दिख रहे हैं कि जैसा पहले कभी नहीं हुआ था। जादू-टोने की तोहमत लगाकर लोगों को थोक में मार डालने के मामले हो रहे हैं,और पशु व्यापारियों को गाय तस्कर बताकर खुलेआम मार डाला जा रहा है,और पुलिस ऐसे मामले को हल्का बनाने में जुटी हुई दिखती है। यह भी पहली बार ही हुआ है कि त्यौहारों पर जब पुलिस को अधिक चौकस रहना चाहिए, उसे कांवडिय़ों की आरती उतारने, और उन पर फूल बरसाने का हुक्म दिया गया,और फिर इस भक्तिभाव के वीडियो बनाकर उसे पुलिस के सबसे महान काम की तरह प्रचारित किया गया। अचानक ही पूरे प्रदेश में जिस तरह बड़े पैमाने पर चाकूबाजी की वारदातें हो रही हैं,तरह-तरह के गैंगवॉर हो रहे हैं,उससे भी आम जनता दहशत में है। हालत यह है कि हर किस्म के हिंसक जुर्म में अब नाबालिग भी शामिल मिल रहे हैं, इससे लगता है कि मुजरिम बनने की औसत उम्र अब घटती चली जा रही है, और लोग बालिग बाद में बनते हैं, संगीन जुर्म पहले करते हैं। महिलाओं, नाबालिग बच्चियों, और छोटे बच्चों के खिलाफ, बूढ़े मां-बाप के खिलाफ हिंसक और जानलेवा जुर्म अंधाधुंध हो रहे हैं। हर किस्म की निजी हिंसा पुलिस के रोकने लायक रहती है, लेकिन जिस तरह प्रदेश में सरकारी नशे के कारोबार के अलावा अवैध शराब, गैरकानूनी गांजा, और बहुत खतरनाक गैरकानूनी दूसरा सूखा नशा बढ़ते चल रहा है, उससे भी निजी हिंसा बढ़ती जा रही है।
बिना स्वीकृति भवन व अहाता निर्माण को लेकर आरोपी कुलदीप के पिता को नगर पालिका ने जारी की नोटिस-
अपराधी के पिता अशोक कुमार साहू भवन व अहाता निर्माण बिना स्वीकृति के किए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सूरजपूर नोटिस जारी करते हुए वार्ड क्रमांक 13 में निकाय से बगैर अनुज्ञा प्राप्त किए,भवन निर्माण किया गया जो छाीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 (क) स्पष्ट उल्लंघन है तत्काल भवन निर्माण को हटाने के लिए नगर पालिका ने कहा है नहीं हटने पर नगर पालिका खुद हटाएगी उसका समस्त व्यय आरोपी के पिता से लगी।
घटना के 48 घंटे के अंदर ही पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना या वारदात के 48 घंटे के भीतर ही प्रदेश की पुलिस ने आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया। गामजदा परिवार के लिए यह खबर राहत सहित शुकून की है क्योंकि सुपुर्दे खाक जब किए जा रहे थे मां बेटी हर उपस्थित यही दुआ कर रहा था कि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और वह दंडित किया जाए जल्द से जल्द।
जनता में आक्रोश आज भी है जारी

आरोपी केवल कुलदीप साहू है यह अपराध की प्रवृçा से लगता नहीं प्रथम दृष्टया,एक व्यक्ति अपराध को इस स्तर तक कारीत करने की कोशिश या प्रयास सार्थक कर सकेगा यह मानना अभी भी लोग नहीं चाहते। लोगों का मानना है कि इस अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हैं। अब लोगों का आक्रोश समाप्त हो गया कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद ऐसा कहना भी गलत होगा क्योंकि लोग अभी भी आक्रोश में हैं और लोग अब भी चाहते हैं कि कार्यवाही के दौरान विवेचना के दौरान अन्य संभावना पर अन्य शामिल सदस्यों की संभावना पर भी विचार करना होगा और सभी दंडित हों यह सभी की। मांग है।
कांग्रेसी ही आरोपी को गुंडागर्दी के लिए उत्साहित करते थे:सूत्र
बताया जा रहा है की कुलदीप साहू कांग्रेस नेताओं का चहेता था। वह कांग्रेस नेताओं के द्वारा ही अपराध के लिए पोषित भी था। अब शहर में ही यह भी जनचर्चा है कि जिसे कांग्रेस नेताओं का ही चहेता माना जा रहा था जो उनके द्वारा ही एक आनुषंगिक अपने छात्र संगठन के लिए जिला पदाधिकारी नियुक्त था उसके लिए कांग्रेस नेता ही अब यह बयान दे रहे हैं कि वह उनका प्राथमिक सदस्य भी नहीं। वैसे शहर में कांग्रेस नेताओं का कुलदीप से किया जा रहा किनारा लोग खारिज कर रहे हैं और लोगों का कहना है कि जिन्होंने पांच साल पोषण किया उसे अपराध के लिए उत्साहित किया अब वह उसे अपना नहीं मान रहे हैं और यह कहना गलत नहीं कि वह झूठ बोल रहे हैं।
आरोपी कांग्रेस नेताओं के साथ लगवाता था अपनी फोटो और गाड़ी में अपना पद नाम लगाकर घूमता था
आरोपी कुलदीप की गाड़ी मे कांग्रेस के आनुशागिक संघ छात्रसंघ का लिखा रहता था वह उसका जिला स्तर का पदाधिकारी था यह भी लोग मानते जानते हैं, अब कांग्रेस भले ही कुलदीप साहू से किनारे जाना चाहे,शहर जिले के लोग साफ बोल रहे हैं,पिछली कांग्रेस सरकार में कुलदीप का काफी मनोबल बढ़ा था जिसकी ही परिणीति है यह घटना और कांग्रेस इस मामले में अब ज्यादा राजनीतिक रोटी सेंकने लायक नहीं यह भी है लोगों का कहना।
कुलदीप साहू के सूरजपुर लाने से पहले नगर वासियों ने थाने के सामने लगाई भीड़
कुलदीप साहू की बलरामपुर से गिरफ्तारी उपरांत सुरजपुर लाए जाने की सूचना उपरांत सुरजपुर में कोतवाली के सामने भीड़ जुट गई है।लोग अब जघन्य अपराधी कुलदीप साहू को देखना चाह रहे हैं जबकि वह उनके ही बीच का कल तक था। पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी है भले ही फिर भी वह कुलदीप को लेकर लौटेगी सूरजपुर यह देखने वाली बात होगी,क्या कुछ नया होगा छाीसगढ़ में (वैसे नया कुछ होगा संभावना नहीं) या फिर कुलदीप को जिले की ही अन्य पुलिस थाने में रखा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी।
लाइ एंड ऑर्डर की स्थिति निर्मित ना हो जिसको लेकर आईजी और एसपी खुद सड़क पर उतरे हैं…
जिला मुख्यालय शांत बना रहे कानून व्यवस्था कायम रहे इसको लेकर आईजी और एसपी खुद सड़क पर निकल पड़े हैं,वैसे आज लोगों का कहना है कि यदि कानून व्यवस्था के मामले में वसूली का मामला बंद हो तभी अपराध रुकेगा,केवल भय से अब कानून व्यवस्था सही नहीं होगा,पुलिस को भी अब आचरण पर विचारण करना होगा
सूरजपुर की घटना एक बहुत बड़े माफिया अंदाज का उदाहरण है…
इन तमाम बातों के बीच भी सूरजपुर की घटना एक बहुत बड़े माफिया अंदाज उदाहरणहै जो कि पुलिस की पूरी ताकत को एक चुनौती देता है और पुलिस के बेकसूर परिवार के साथ सबसे भयानक दर्जे की हिंसा है। पहले दुसरे देशो में माफिया की जो खबरें बाहर आती थीं, उनमें ऐसा होता था कि अदालत में मुजरिम को सजा दिलाने की कोशिश कर रहे सरकारी वकील, या जांच कर रहे पुलिस अफसर, या गवाह के परिवार को ऐसे मौत के घाट उतरा जाए । लेकिन भरता में ऐसी दूसरी घटना याद नहीं पडती कि एक पुलिस कर्मचारी के ड्यूटी करने से खफा होकर एक संगठित अपराधी उसके परिवार को हिंसक तरीके से मार डाले।
उज्जवल दीवान ने की इनाम की घोषणा
राज्य सरकार को,और खासकर पुलिस महकमे को यह देखना चाहिए कि किस तरह प्रदेश के पुलिस परिवारों के एक संगठन के संयोजक उज्जवल दीवान ने एक वीडियो बनाकर यह घोषणा की है पुलिस-परिवार का कत्ल करने वाले को पकडऩे वाले को 50 हजार रूपए नगद, और अगर उसे मुठभेड़ में मारा जाता है तो उस पर एक लाख रूपए नगद ईनाम संगठन देगा। यह राज्य सरकार के लिए आत्ममंथन का एक बड़ा मौका है कि कार्यकाल का एक साल पूरा होने के पहले ही पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था जिस तरह खत्म हो जाने का अहसास प्रदेश के लोगों को हो रहा है, उसमें सरकार की कैसे सुधार की जिम्मेदारी बनती है।
विपक्ष मामले पर दे रहा प्रतिक्रिया वहीं सत्ताधारी खामोश?
वैसे मामला कहीं से आरोपी को अभयदान मिले इस श्रेणी का नहीं है,आरोपी को अक्षम्य अपराध का आरोपी मानकर सजा तय की जाए त्वरित सजा हो यह घटती घटना भी मांग करती है लेकिन पूरे मामले में सााधारी दल की संवेदना शून्य थी, विपक्ष मामले में बयान जारी कर तो रहा है लेकिन कुलदीप साहू सहित उसे जानने वाले साथ ही उसके संपर्क को जानने वाले यह भी कहते सुने जा रहे हैं की कांग्रेस नेता इस मामले में बयान देने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि वह खुद जिसे संरक्षण देते चले आए उसे वह कैसे अपना नहीं है कहकर किनारे करेंगे। वैसे कुलदीप साहू कांग्रेस नेताओं की सह पर ही इतना बड़ा अपराधी बना यह जिले में आम चर्चा है और कांग्रेस के विरोध और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर किए जा रहे प्रश्न को लोग केवल नौटंकी बता रहे हैं।
पूरे प्रदेश के लोग कर रहे थे प्रार्थना,तत्काल पकड़ा जाए आरोपी
कुलदीप साहू के दोहरे हत्याकांड में शामिल होने के मामले में पूरे प्रदेश के लोग यह प्रार्थना कर रहे थे कि उसकी जल्द गिरफ्तारी हो। एक महिला और उसकी एक नाबालिक पुत्री की जघन्य हत्या इस कारण उसने की जो तथ्य सामने आ रहा है कि वह वसूली से भी परेशान था साथ ही वह अपने साथ ही परिवार पर पुलिसिया कार्यवाही से भी व्यथित था। कुल मिलाकर अर्थ दंड सहित मानसिक ,शारीरिक दंड सभी दंड से दंडित हो रहा था भ्रष्ट व्यवस्था में वह पिस रहा था इसलिए वह इस बड़ी वारदात के लिए मजबूर हुआ।