अंबिकापुर,14 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। सीतापुर में बहुचर्चित राजमिस्त्री संदीप लकड़ा हत्याकांड का मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय को सोमवार को अंबिकापुर न्यायालय में आत्मसमर्पण से पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक पिछले डेढ़ माह से फरार चल रहा था।
गौरतलब है कि सीतापुर के ग्राम बेलजोरा निवासी राजमिस्त्री दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा की सीतापुर निवासी ठेकेदार अभिषेक पांडेय ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर छड़ व सीमेंट चोरी का आरोप लगाकर 7 जून को हत्या कर दी थी। इसके बाद 8 जून को उसका शव मैनपाट के लुरैना बड़वापाट स्थित पानी टंकी के फाउंडेशन के नीचे दफन कर दिया था। मृतक के परिजनों व सर्व आदिवासी समाज द्वारा पुलिस पर दबाव बनाए जाने के बाद 6 सितंबर को संदीप की लाश मिली थी। संदीप की लाश मिलने के बाद मामला तुल पकड़ लिया था। परिजन शव लेने से इंकार कर दिए थे। वहीं सर्व आदिवासी सामाज के साथ परिजन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। परिजन का कहना था कि जबतब मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय गिरफ्तार नहीं हो जाता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। 22 दिनों तक शव मरच्यूरी में पड़ा रहा था। संदीप के शव का अंतिम संस्कार करने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल 27 सितंबर को सक्रिय होकर अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो व प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी के साथ सीतापुर में चल रहे धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंच कर परिजन व सर्व आदिवासी समाज के साथ चर्चा की थी। अथक प्रयास के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए थे। वहीं स्वास्थ्य मंत्री के पहल पर मृतक के परिजन को 25 लाख मुआवजा व कलेक्टर दर पर किसी भी छात्रावास में पत्नी को नौकरी देने की बात कही गई थी। घटना के बाद से मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय फरार चल रहा था। पुलिस उसे गिरफ्तारी के लिए काफी प्रयास कर रही थी। सरगुजा पुलिस उसके सारे एकाउंट को सिज कर दिया है। वहीं उसके रिश्तेदार व परिजन के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर डाल रखा था। आरोपी किसी से संपर्क नहीं कर पा रहा था। आरोपी ने एक बार अपने पिता से बात की थी। जिससे उसका लोकेशन नेपाल बताया था। लेकिन वहां से भी वह भाग निकला था। वहीं पुलिस की सक्रियता को देखते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय ने सोमवार को अपने चालक राजा यादव के साथ अंबिकापुर कोर्ट में सरेंडर करने पहंचा था। जहां से पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय जल जीवन मिशन का ठेकेदार है। पीएचई विभाग से 62 करोड़ का 28 कार्यों का एग्रिमेंट किया था। 14 करोड़ का भुगतान हो चुका था। ठेकेदार अभिषेक पांडेय द्वारा जल जीवन मिशन का काम कराना था। कार्य के दौरान ही वह अपने साथियों के साथ मिलकर राजमिस्त्री की हत्या कर दी थी। इसके बाद से अभिषेक पांडेय फरार चल रहा था। इसके बाद से जल जीवन मिशन का काम ठप्प पड़ा है। विभाग ने ठेकेदार अभिषेक पांडेय को नोटिस जारी किया था। पर ठेकेदार द्वारा नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया है। काम बंद होने और ठेकेदार द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर विभाग टेंडर निरस्त कर दिया था। घटना में शामिल प्रत्युश पाण्डेय, गुड्डू कुमार, तुलेश्वर तिवारी, शैल शक्ति साहू, गौरी तिवारी, दीपांशु महाराज, मो. सबा अंसारी को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी थी। वहीं सोमवार को मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय व उसके चालक राजा यादव को भी गिरफ्तार हो चुका है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिर दर्द बनी हुई थी। मुख्य आरोपी के बारे में जानकारी देने वालों के लिए आईजी ने 30 हजार व एसपी ने 10 हजार रुपए का इनाम की घोषणा कर रखी थी।
