- अपनी मेहनत का लाखों करोड़ों गंवाकर भी शिकायत से घबरा रहे निवेशक जिसका लाभ असफाक व संजीत को पैसा लेकर फरार होने वाला मस्त और जिनका पैसा गया वह त्रस्त वहीं पुलिस शिकायत के बिना मजबूर
- असफाक के निवेशकों ने मानपुर चौक पर स्थित होटल में की बैठक तो वही संजीत के निवेशकों ने शिव पार्क में राखी बैठक
-रवि सिंह-
सूरजपुर,15 सितम्बर 2024(घटती-घटना)। सूरजपुर। ठगने वाले तब तक ठगते रहेंगे जब तक अधिक कमाने की लालसा लोगों में खत्म नहीं होगी, अधिक कमाने के चक्कर में लोग ठगने वालों को दे रहे हैं मौका और ठगने वाले भी अधिक कमाई का झांसा देकर लोगों को लूट कर चलते बन रहे, अब आप शिकायत कीजिए या फिर सर पटकिए इसी तर्ज पर ठग अपना काम कर रहे हैं। इस समय सूरजपुर जिले से लेकर पूरे सरगुजा संभाग में दो व्यक्तियों ने लोगों को ऐसा ठगा है की लोग भिखारी हो गए हैं अपनी पूरी जमा कमाई तो उन्होंने ठगों को सौंप दिया और अब अपना माथा पीट रहे हैं अफसोस कर रहे हैं, स्थिति यह हो गई है की ठगने वाले को सिर्फ इस बात का लाभ मिल रहा है क्योंकि अपना पैसा पाने वाले को इस बात की संतुष्टि है कि मेरा पैसा निकल जाए बाकियों का भले ही फंसा रहे, इस चक्कर में ना तो उसका निकल रहा है ना किसी का निकल रहा है और पैसा लेकर भागने वाला ठग सिर्फ तारीख पर तारीख ही दे रहा है और लौटने का आश्वासन ही दे रहा है और अब लोगों का सब्र का बांध भी टूट रहा, पर टूट कर भी पुलिस के दरवाजे तक नहीं पहुंच रहा, सरगुजा संभाग में अभी तक सिर्फ सूरजपुर के शिवप्रसादनगर निवासी असफाक का ही नाम काफी चर्चाओं में था पर अब सूरजपुर शहर का एक व्यक्ति और इस समय चर्चा में आ गया है वह नाम है संजीत, जहां असफाक लोगों का करोड़ों रुपए लेकर फरार है वही संजीत भी उन्हीं के नक्शे कदम पर लोगों का करोड़ों रुपए लेकर फरार है, दोनों के ही निवेशक इस इंतजार में हैं कि कब उनके पैसे लेने वाले और दुगुना करने वालों का फोन चालू हो कब उनसे बात हो और कब उनसे मुलाकात हो? पर निवेशकों का संपर्क इन दोनों से टूटा हुआ है, ठगने वाले ने तो 10 तारीख का समय दिया और आया भी और रातों-रात फिर गायब हो गया, यह भी सूत्रों का कहना है कि उसके आने पर लेनदारों कि लंबी कतार लग गई थी, जिससे बचने के लिए उसे भागना पड़ा वही दूसरा शख्स जिसका नाम संजीत बताया जा रहा है वह भी कई महीनो से फरार है और अपने निवेशकों के संपर्क से बाहर है, यह बात हम नहीं कह रहे यह बात इस समय हर के जुबान पर खुद ही चर्चाओं में आ रहा है, इसकी पुष्टि भी दैनिक घटती घटना नहीं करता पर सत्यता के करीब यह बात है जिसे जांच करने वालों को समझनी है।
संजीत ने शेयर मार्केट के बहाने लोगों को ठगा
असफाक उल्लाह ने पैसा दुगुना करने के नाम पर लोगों को ठगा और वह पैसा कैसे दुगुना करेगा यह उसने नहीं बताया या बताया भी तो निवेशकों की तरफ से अभी तक यह बात सामने नहीं आई लेकिन संजीत ने लोगों से पैसा शेयर मार्केट में लगाने के नाम पर लिया और दुगुना ही वापस करने का वादा किया। जब तक नए नए निवेशक आते रहे कारोबार ठगी का चलता रहा जैसे ही निवेशक कम हुए संजीत भी फरार हो गया। कुल मिलाकर देखा जाए तो अब तक सूरजपुर जिले के दो ठगों ने मिलकर कई सौ करोड़ का चूना लोगों को लगा दिया है जैसा सूत्रों का कहना है।
असफाक के निवेशकों की बैठक हुई मानपुर चौक स्थित होटल में
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जहां अशफाक के निवेशकों को जारी वीडियो से उम्मीद थी कि वह 10 तारीख को आएगा और लोगों का पैसा दे जाएगा पर ऐसा हुआ नहीं, वह आया तो जरूर पर फिर उसी रात फरार भी हो गया, अब फिर से निवेशक उससे संपर्क साधना चाह रहे हैं पर संपर्क नहीं हो रहा है, अब निवेशकों का भी भरोसा डगमगा रहा है, जिसे लेकर सूरजपुर के मानपुर चौक पर स्थित होटल में सभी निवेशकों ने बैठकर चर्चा की, आखिर करना क्या है काफी मंथनों के बाद लोगों ने शिकायत करने की बात तो कहीं पर शिकायत करने कब पहुंचेंगे इसका इंतजार रहेगा।
संजीत के निवेशकों ने शिव पार्क में की बैठक शिकायत करने का लिया निर्णय
सूत्रों का कहना है की संजीत के निवेशक जिसमें कई कर्मचारी सहित व्यापारी शामिल है जिन्होंने शिव पार्क में बैठक रखकर संजीत से पैसा कैसे मिलेगा और किस रणनीति के तहत मिलेगा इसके लिए गहन चिंतन किया , इस पर यह भी चर्चा किया गया कि क्या शिकायत करना उचित रहेगा? क्या शिकायत करने के उपरांत पैसा मिल पाएगा? क्या हम शिकायत करके संजीत पर पैसे देने का दबाव बना पाएंगे और अपना पैसा ले पाएंगे? इन सब चर्चाओं के बीच बैठक खत्म हो गई पर निष्कर्ष शिकायत करने का निकला पर यह भी शिकायत कब पहुंचेगी यह भी सवाल है।
क्या संजीत व असफाक दोनों के तार एक दूसरे से जुड़े हुए हैं?
सूत्रों की माने तो असफाक उल्लाह की जब पोल दैनिक घटती घटना ने खोलनी शुरू की और असफाक के पास लोग निवेश करने से बचने लगे तब संजीत का नाम सामने आया और संजीत के पास लोग निवेश करने लगे। माना जा रहा है की दोनो के तार आपस में जुड़े हुए हैं। एक तरफ से आवक जब कम हुई और लोग असफाक से बचने लगे संजीत का नाम सामने आया और उसने लोगों का पैसा दुगुना करने का झांसा दिया और लोग उसके झांसे में आने लगे। दोनों आपस में मिले हुए हैं यह भी एक आशंका जाहिर की जा रही है लोगों के द्वारा।
दोनों व्यक्तियों ने खूब ठगा लोगों को
असफाक उल्लाह और संजीत ने सरगुजा संभाग के लोगों को काफी चूना लगाया। चिटफंड का कारोबार उन्होंने ऐसा चलाया की होशियार लोग भी झांसे में आ गए यहां तक की बड़े व्यापारी और अच्छे बड़े अधिकारी कर्मचारी भी झांसे में आए। अब यह अलग बात है की कोई खुद से सामने आकर यह नहीं बताना चाहता की वह कितना नुकसान झेल रहा है या उसका कितना डूब रहा है पैसा लेकिन यह सत्य है की काफी बड़ा घोटाला है लगभग कई सौ करोड़ का गोलमाल है।
आखिर लोगों का पैसा लेकर असफाक व संजीत कहां निवेश करते थे इसका पता क्या कभी चल पाएगा?
असफाक उल्लाह और संजीत लोगों को पैसा दुगुना करने का झांसा दिया करते थे और इसी वजह से उनके पास निवेश करने लोगों की कतार लगती थी। अब सवाल यह उठता है की आखिर वह लोगों का पैसा कहां निवेश करते थे जहां से वह कुछ माह में ही लोगों को दुगुना करने का भरोसा देते थे और लोग भी विश्वास करते थे। क्या यह बात कभी सामने आ पाएगी की वह निवेश कहां करते थे? वैसे जिस तरह से वह फरार हैं और जैसा वह शानो शौकत दिखा चुके हैं उससे साफ जाहिर है की लोगों का पैसा जबतक उनके पास आता रहा उन्होंने काफी ऐश अय्याशी की और धार्मिक यात्राएं की और लोगों की जीवन भर की कमाई को ऐसे ही उड़ा डाला और लोगों को लगता रहा की बस उनका पैसा दुगुना होकर ही मिलेगा। देखा जाए तो लोगों के लालच को दोनों ने भांपा और उसका फायदा उठाया और अपनी जरूरतें पूरी की और अपने उन सपनों को साकार किया जो वह ईमान की कमाई से पूरा नहीं कर सकते थे।