सूरजपुर@असफाक उल्लाह ने अपनी ही जुबानी कबूल की…वह लोगों का पैसा निवेश करता था…

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असफाक का एक वीडियो आया सामने काफी विचलित बहुत दुखी है असफाक 10 दिनों से है मुंबई में।

-रवि सिंह-

सूरजपुर,03 सितम्बर 2024 (घटती-घटना)। सुरजपुर जिले के बसदेई पुलिस चौकी अंर्तगत आने वाले शिवप्रसाद नगर गांव का असफाक उल्लाह काफी कम समय में करोड़पति बन गया था और उसकी कहानी भी छत्तीसगढ़ के शिवा साहू जैसी थी जो पुलिस की जद में जल्द आ गया था और उसके विरुद्ध पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया था लेकिन असफाक उल्लाह के मामले में स्थानीय पुलिस ने कोई सज्ञान नहीं लिया न ही खबरों से ही कोई सीख लिया और परिणाम यह हुआ की कई लोगों का पैसा असफाक उल्लाह के पास आज डूबने की कगार पर है या यह कहें की पैसा डूब चुका है।
दैनिक घटती-घटना ने असफाक उल्लाह के चिटफंड व्यवसाय को लेकर कई बार शासन- प्रशासन को यह चेताने का प्रयास किया की असफाक उल्लाह लोगों का पैसा दुगुना करने के नाम पर पैसा ले जरूर रहा है लेकिन वह एक समय आएगा जब सभी का पैसा लेकर भाग जायेगा और हुआ भी वही आज शासन-प्रशासन की लापरवाही की वजह से असफाक उल्लाह फरार है और लोग अपनी गाढ़ी कमाई जो दुगुना करने के लालच में असफाक को दिए थे वह अब वापस पाने के लिए परेशान हैं और असफाक को ढूंढ रहे हैं लेकिन असफाक फरार है लापता है। शासन-प्रशासन यदि खबरों से संज्ञान लेता तो आज यह स्थिति नहीं आती वहीं आज कम से कम लोग असफाक उल्लाह के झांसे में आते लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही या कहें कुछ की मिलीभगत ने लोगो का नुकसान करा दिया वहीं जब असफाक के चिटफंड की बात दैनिक घटती-घटना प्रकाशित कर रहा था तब असफाक की ही शिकायत पर दैनिक घटती -घटना के पत्रकार को पुलिस ने नोटिस भेजकर खबर प्रकाशन का आधार पूछा और एक तरह से परेशान किया जबकि यदि पुलिस असफाक से शिकायत का आधार पूछती और उससे उसके व्यवसाय का आधार पूछती आज लोगों का पैसा सुरक्षित होता। खैर असफाक और उसके पिता ने तब जब दैनिक घटती-घटना में समाचार प्रकाशित हो रहा था उनके विरुद्ध चिटफंड का तब यह साबित करने का प्रयास किया था की वह किसी से न पैसा लेते हैं न ही उन्हें कोई पैसा देगा ही। वह जिस समुदाय से हैं उस समुदाय पर ही लोगों का विश्वास पैसे के मामले में नही रहता है यह भी उन्होंने साबित करने का बयान देकर प्रयास किया था और इसी आधार पर उन्होंने पत्रकार को कानूनी नोटिस भेजा था और परेशान किया था।

असफाक ने अपने लाइव वीडियो के जरिए अपने निवेशकों से बात करते हुए कहा कि मै काफी परेशान था बहुत बड़ी मुशीबत थी मेरे सामने रास्ता नजर नहीं आ रहा था,रास्ता समझ नहीं आ रहा था, बहुत मिस किया आप लोगों को कई लोगों ने मेरी बुराई की,कई लोगों ने अच्छाई की,कई लोगों ने मेरे लिए दुआएं किया,सारे लोग एक जैसे तो नहीं होते मैं भी जितने लोगों का इन्वेस्टमेंट किया-कराया जो भी है अचानक से ऐसा हुआ कि समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए सारे लोगों का सपोर्ट रहा अच्छे से,मेरी कमबैक होने वाला है 8 तारीख से 10 तारीख तक घर आने वाला हूं सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएंगे,आप लोगों के दुआ से मेरा काम हो गया है, अच्छे से हो रहा है अभी मुंबई में हूं भाई,बड़ी प्रॉब्लम थी वापस निकल पाना मुश्किल था, मुझे 10 दिन हो गए मुंबई में काफी मिस किया लोगों को,साथ देने वाला एक समय था कि मेरे पास 10-10 लोगों थे और स्ट्रगल समय में कोई नहीं था, ऊपर वाले के रहमत कर्मों से सारा कुछ ठीक हो रहा है जब मैं यह काम शुरू किया था तो यह सोचकर नहीं किया था कि किसी को कभी नुकसान हो जाए,चाहे वह गरीब हो अमीर हो, हमारी फैमिली बैकग्राउंड कमजोर नहीं थी कि मुझे यह काम करना था या करता,ऐसे हालात बने बचपन था जो भी था उम्र मेरी ज्यादा नहीं था, काम करते गए लोग जुड़ते गए इस उम्मीद से जुड़ते गए की लोग दो पैसा कमा लें अपन यह नहीं सोचेगी कि बैकग्राउंड ऐसा कुछ हो जाएगा ऐसा मामला फंसता है तो क्या होगा अचानक से ऐसा मोड़ आया काफी लोग मेरे से जुड़े हुए थे 200-300 लोग जुड़े हुए थे ऐसी प्रॉब्लम नहीं आई थी अचानक इतना बड़ा प्रॉब्लम आया है, अचानक से लोग साथ छोड़ दिए आप लोगों की दुआओं से काम हो रहा है बहुत जल्दी घर वापसी होगा। कभी यह नियत नहीं बनाई कि किसी के पैसा डूब जाए किसी का काम खराब हो जाए लेकिन थोड़ी सी प्रॉब्लम तो हुई है मेरे साथ बहुत बड़ी प्रॉब्लम आई, अच्छे दिन भी देख बुरे दिन भी देखें मेरे फैमिली को भी टॉर्चर किया गया,बड़े बुरे दिन भी बीते हैं आंखों के सामने से तो गुजरता है तो वह बहुत बुरा दिन है। पूरे बात के दौरान उन्होंने कई लोगों का नाम लिया और अपनी परेशानियों को उनसे सजा कर रहे थे अपने दुख की गाथा गा रहे थे। 10 रास्ते बंद हुए तो एक रास्ता दिखा।

असफ़ाक उल्लाह की दैनिक घटती-घटना में चिटफंड व्यवसाय की खबर लगने के बाद असफाक व उसके पिता दोनों ने एक पत्रकार को बयान दिया था कि ऐसा वह कोई ऐसा काम नहीं कर रहे हैं और किसी का पैसा उनके पास नहीं निवेश किया जाता है, अखबार में जो छप रहा है वह गलत है जिसके लिए वह पत्रकार पर कानूनी कार्यवाही करेंगे, यहां तक की अपने अधिवक्ता के माध्यम से उन्होंने मानहानि का नोटिस भी भेजा था और पत्रकार को माफी मांगने के लिए कहा था और कहा था कि असफाक पैसे के लेनदेन का काम नहीं करते हैं, उनके पास उनका खुद का प्रतिष्ठान व व्यापार है उसी को ही वह देख रहे हैं पैतृक संपत्ति भी उनके पास ठीक-ठाक है यही वजह है कि उनका रहन-सहन भी उसी के जैसा है, इस पर भी दैनिक घटती-घटना ने खबर प्रकाशित करके बताया था कि उनके क्लाइंट ने भी उन्हें गलत जानकारी दी है जिस वजह से उन्होंने पत्रकार को नोटिस भेजा है अंततः वह बात भी आज साफ हो गई जब असफाक का इंस्टाग्राम का लाइव वीडियो लोगों के मोबाइल में घूम रहा है उसमें उन्होंने खुद बोला है कि इन्वेस्टर के पैसे लगते थे और नहीं चाहते थे कि उनका पैसा डूब जाए वह भी पैसा कमाए अब यह बात जब साफ हो गई है तो क्या असफाक उल्लाह ने पत्रकार के विरुद्ध जो झूठी शिकायत की थी और अपने अधिवक्ता के माध्यम से जो नोटिस भेजा था क्या उसके लिए अब वह माफी मांगेंगे? दैनिक घटती-घटना हमेशा ही सत्यता के करीब वाली खबर को ही प्रकाशित करने का उद्देश्य रखता है यही वजह है कि खबर को प्रथम दृष्टि में संज्ञान लेने के बजाय उसपर आरोप प्रत्यारोप लगाकर पूरे मामले को गलत दिशा देने वाले के लिए अंत में अखबार की छपी खबर ही सत्य होती।

कभी ऐसा मुश्किल काम देखा नहीं था पता नहीं चला था जब कुछ लोग कहने लगे जेल के अंदर डाल देंगे मैं एकदम से घबरा गया कुछ समझ नहीं आ रहा था मुझे लोग बोलने लगे थे, यह सब चीज असफाक ने अपने निवेशकों से बात करते हुए कहा जो अचानक हुए वीडियो वायरल में सुनने को मिला। असफाक की वायरल वीडियो काल यह साबित करती है की वह डरा हुआ है और वह डरा हुआ क्यों है यह समझा जा सकता है क्योंकि उसने चिटफंड का व्यवसाय किया है। अब वह फरार है और वीडियो काल करके लोगों को सांत्वना देने का वह प्रयास कर रहा है।

अशफाक पूरे वीडियो में यह कहते दिखे कि उनकी परेशानियां दूर हो गई हैं 10 तारीख को आ रहे हैं और जिनकी परेशानियां हैं वह भी दूर हो जाएंगी, क्या मुंबई से वह खूब पैसा लेकर आएंगे और अपने निवेशकों को सारे पैसे लौटा देंगे आखिर ऐसा कौन सा काम कर रहे थे असफाक की पूरी तरीके से फंस गए आज उन्हें भी इस बात का एहसास हो रहा है जैसा कि वह वीडियो में बोलते हैं , उन्हें अपनी गलती का भी एहसास हुआ और अपने काम के दौरान निवेशको का पैसा लगाने की बात भी स्वीकार की।

असफाक उल्लाह के पिता सहित उसने खुद दैनिक घटती-घटना के समाचारों के बाद जो उनके चिटफंड व्यापार के लिए समाचार पत्र में प्रकाशित किए गए थे यह साबित करने एक वीडियो संदेश जारी किया था और दैनिक घटती-घटना के समाचार को झूठा साबित करने का प्रयास किया था की वह न किसी का पैसा निवेश करते हैं और न उनका कोई ऐसा व्यापार है। अब वही असफाक उल्लाह वीडियो संदेश जारी कर रहा है वह भी मुंबई से और अपने निवेशकों को वह सांत्वना दे रहा है की वह जल्द लौटेगा और सभी का वह पैसा लौटाएगा। असफाक उल्लाह की स्वीकारोक्ति के बाद यह स्पष्ट हो गया की दैनिक घटती-घटना सही तथ्य और सही जानकारी अनुसार समाचार का प्रकाशन कर रहा था और यदि समय पर सभी ने ध्यान दिया होता किसी का पैसा नहीं डूबता न ही असफाक के पास इतना निवेश ही पैसा होता। वैसे इस मामले में प्रशासन की सबसे बड़ी गलती है यदि वह ध्यान देता जरूर लोगों का पैसा डूबने से बच जाता।

अब असफाक का एक वीडियो संदेश सामने आया है जिसमे वह अपनी फरारी की बात भी कबूल रहा है और लोगों के पैसे निवेश की बात भी कबूल रहा है। वह 10 दिनों से मुंबई में है 10 तारीख को आयेगा लोगों को वह सांत्वना दे रहा है जबकि यह भी तय है की वह लोगों का पैसा डूबा चुका है और अब वह किसी तरह लोगों को यह जतलाना चाहता है की वह उनका पैसा लौटा देगा और उसका पीछा फिलहाल छोड़ दे लोग उसे कानूनी लफड़े में न फंसाए और उसके विरुद्ध कानूनी शिकायत न करें। असफाक का यह तरीका जो वीडियो संदेश का तरीका है जिसके बहाने वह लोगों की सहानुभूति लेना चाहता है कितना कारगर होगा यह तो वही जाने लेकिन वह लोगों को फिर झांसे में लेना चाहता है उन्हे शिकायत से रोकना चाहता है यह विडियो संदेश से तय हो गया, वैसे यह विडियो संदेश उनके लिए राहत की खबर लाया जिनका बहुत अधिक निवेश है उसके पास जो उसे ढूंढ रहे थे। उन्हे यह असफाक बता ले गया की वह आयेगा और सभी का पैसा लौटाएगा जो लौटा पाने में तो वह सफल नहीं होगा लेकिन वह एक तरह से अपने लिए लोगों की सहानुभूति जुटा ले गया। ऐसा माना जा रहा है।

प्रशासन के संज्ञान में लगातार यह बात समाचार के माध्यम से आ रही थी की असफाक किस तरह जल्द अमीर बनता जा रहा है और विदेशी गाडि़यों सहित देशी गाडि़यों की कैसे उसके पास सीरीज इक्कठी हो रही है वहीं कैसे वह अन्य लोगों को भी अमीर बना रहा है या बनाने का दावा कर रहा है। प्रशासन यदि समाचार से संज्ञान लेता लोगों का पैसा डूबने से बच जाता लेकिन प्रशासन या जिम्मेदार लोगों ने या तो ध्यान नहीं दिया या ध्यान देकर भी अनजान बने रहे जिसके कारण लोगों का पैसा डूब गया और आज असफाक फरार है।


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