मत दबाओ आवाज़ हमारी
मै आवाज़ हूं आवाम की
सूत्र हूं शासक जनता के बीच
बातचीत का जरिया हूं
मैं हूं आवाज़ अन्याय के खिलाफ
मैं ही न्याय दिलवाती हूं
ख़बर बन अखबार की
जनता को जगाती हूं
मेरा कर्त्तव्य है सच पर चलना
सच से परिचय कराती हूं
घटित हुई हर घटना का
सही चित्रण बतलाती हूं
मत खेलों अस्तित्व से मेरे
कलमबद्ध हो यह कहती हूं
सफर पुराना है ये मेरा
दूर दूर तक जाती हूं
आवाज बुलंद है अपनी
कलम हथियार है अपना
हिम्मत हौसले से अपने
हर सफर तय कर जाती हूं
मत दबाओ आवाज़ हमारी
मैं आवाज हूं आवाम की
