@ छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार की हो रही चौतरफा निंदा…
@ पत्रकारों सहित समाज सेवकों ने…कार्यवाही के विरोध में…अनैतिक कार्यवाही स्थल पर किया भारी बारिश में काला छाता लेकर विरोध प्रदर्शन…
@ बारिश में भीगते पहुंचे कलेक्टर कार्यालय…सौंपा ज्ञापन…कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध हो कार्यवाही… और पुनः कार्यालय व प्रतिष्ठान को विस्थापित करने की हुई मांग…
@ आमसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजधानी से आए वरिष्ठ पत्रकार सहित समाज सेवकों ने संबोधित करते हुए इस कार्यवाही का किया विरोध…
@ कमल शुक्ला,सुधीर तंबोली,अरविंद सिंह,ए एन पांडे सहित कई लोगों ने मंच से सरकार को सुनाई खरी खोटी…
@ सत्याग्रह: पत्रकार अविनाश सिंह के प्रतिष्ठान पर बुलडोजर की कार्यवाही का घोर विरोध…

–भूपेन्द्र सिंह-
रायपुर/अंबिकापुर,03 अगस्त 2024 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना अखबार के संचालक अविनाश सिंह के प्रतिष्ठान पर बुलडोजर चलाने की कार्यवाही के विरोध में प्रदेश के सैकड़ों पत्रकारों ने सत्याग्रह किया। यह कार्यवाही लगभग 34 साल पुराने शासकीय कब्जे के मामले को लेकर की गई है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इस विवाद का संबंध डॉक्टर प्रिंस जायसवाल से भी है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर प्रशासन में नौकरी कर रहे हैं। दैनिक घटती-घटना अखबार में उनके खिलाफ समाचार प्रकाशित किए जा रहे थे,जिसके चलते प्रिंस जायसवाल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को अपने चाचा के रूप में प्रस्तुत कर लेखक को दबाने की कोशिश की अखबार के विज्ञापन को जनसंपर्क कार्यालय द्वारा मौखिक रूप से रोक दिया गया था,जिससे दैनिक घटती-घटना अखबार ने कलम बंद अभियान चला रखा था इस दौरान, संचालक के पिता के निधन के चलते परिवार शोकाकुल था, फिर भी उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे पत्रकार की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया इसके विरोध में, प्रदेश के सैकड़ों पत्रकारों ने 2 अगस्त 2024 को सुबह 11ः00 से 4ः00 बजे तक अंबिकापुर नमनाकला, छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने इस घटना की निंदा की और छत्तीसगढ़ सरकार से अपील की कि पत्रकारों को दबाने का काम ना करें उनका कहना है कि यदि शासन से कोई असहमति है,तो सीधे संवाद करें। पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री से भी अनुरोध किया कि फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी करने वाले अधिकारी पर निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करें। कुछ पत्रकारों का कहना है कि मंत्री और विधायकों के करीब रहने वाले चाहे पत्रकार ही क्यों ना हो,वे मंत्री और विधायकों को फिजूल सलाह देकर भ्रमित कर देते हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा समाज में धूमिल होती है। ऐसे लोगों से ही मंत्रियों को दूरी बनाकर रखना चाहिए। कुल मिलाकर पत्रकारों ने कार्यवाही को समाचार से सत्य समाचार से क्षुब्ध होकर की गई शासन और प्रशासन की कार्यवाही निरूपित किया।

सरकार ने मैसेज दिया है कि हमारे विरुद्ध खबर लिखोगे तो जमींदोज कर दिए जाओगेः कमल शुक्ला
वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने एक मैसेज दिया है हमारे विरुद्ध खबर लिखोगे तो जमींदोज कर दिए जाओगे, बिना न्याय की परवाह किए बिना, लोकतंत्र की परवाह किए बिना कुचला जा सकता है । जो पत्रकार यह समझ रहे हैं कि जो पत्रकार गलती किया है वह भुगते तो मैं आपको बता दूं कि यह आपकी भूल है सरकार कभी भी उनके विरुद्ध जाने वालों को किसी भी प्रकरण में फंसा सकती है…कुछ भी कर सकती है…उनके पास कमियां नहीं होगी…तो भी कमियां निकाल सकती है। सत्ता को कोई समय नहीं लगता तभी दूसरे लोग आपके बारे में यही बोलेंगे। पत्रकार हमेशा सरकार को सचेत करने का काम करता है उनकी कमियां बताने का काम करता है, उन्हें यह बताने का प्रयास करता है कि आप पांच साल के लिए आए हो, यदि आप नहीं ठीक से काम करोगे तो पांच साल बाद आप बदल दिए जाओगे। पत्रकार सरकार का भला करने का काम करते है उन्हें सचेत करने का काम करते है की आप जो काम कर रहे हैं, वह गलत है जनता आपको बदल सकती है पर वह भी आप बर्दाश्त नहीं कर पाते और आप पत्रकार को ही जमीदोज करने चले जाते हैं जिसक ा नतीजा है कि हर बार सरकार अपने घमंड में चली जाती है।

निशाना वही बना है…जिसने मुखर होकर विरोध किया है…
सुधीर तम्बोली वरिष्ठ पत्रकार रायपुर कहा कि इससे पूर्व में भी एक पत्रकार के यहां बुलडोजर की कार्यवाही हुई थी और जहां पर हम खड़े हैं वह इकलौती भूमि नहीं है इकलौता कब्जा नहीं था जिसे शासन ने गिराया और बुलडोजर कार्यवाही की है यहां पर और भी लोग हैं पर निशाना वही बना है जिसने मुखर होकर विरोध किया है शासन को कमियां दिखाई है, जहां पर कार्यवाही हुई है वहां पर कार्यवाही द्वेषपूर्ण कार्यवाही ही कही जाएगी, क्योंकि जिस प्रकार से खबरें प्रकाशित हो रही थी शासन-प्रशासन की कमियां दिखाई जा रही थी उसे बर्दाश्त नहीं कर पाई सरकार। इस कार्यवाही ने यह बता दिया कि सरकार की क्षमता ही नहीं है अपनी कमियों को बर्दाश्त करने की…।

दैनिक घटती-घटना समाचार-पत्र हमेशा से सच दिखाने का काम किया…
अरविंद सिंह नेता गोंडवाना ने कहा दैनिक घटती-घटना समाचार-पत्र हमेशा से सच दिखाने का काम करता रहा है। सरकार भाजपा की हो या कांग्रेस की रही हो सभी के कार्यकाल में यह समाचार-पत्र मुखर होकर सरकार और विधायकों की कमियां उजागर करता रहा है। हाल ही में घटती-घटना कार्यालय और संपादक के प्रतिष्ठान के विरुद्ध सरकार और जिला प्रशासन ने कार्यवाही की है वह भी उसे जमींदोज करने की कार्यवाही की गई है जो प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को समाचार के माध्यम से आइना दिखाने के कारण की गई कार्यवाही है जो उनकी कमियां थीं जिन्हे समाचार बनाया गया जिससे वह क्षुब्ध होकर ऐसी कार्यवाही करवाते हैं। डबल इंजन की सरकार की बात करते हुए इन्होंने कहा कि आपकी सरकार डबल इंजन की गरीबों का उद्धार करने नहीं आई है…वह पत्रकारों पर अत्याचार के लिए आई है…जो चलने वाला नहीं …यही पत्रकार आपको एक दिन अपनी कलम की ताकत से कुर्सी से उतार देंगे तब आपको पता चलेगा कि आपने गलती की है।
अत्याचारी है सरकार… एक पत्रकार पर चलाएं बुलडोजर…उसके कलम पर बुलडोजर चला दे…यह बहुत दुर्भाग्यजनक है….
ए. एन. पांडे समाजसेवी अंबिकापुर ने कहा अत्याचारी है सरकार…एक पत्रकार पर बुलडोजर चलाएं…उसके कलम पर बुलडोजर चला दे…यह बहुत दुर्भाग्यजनक है जो लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है…सरकार के लिए भी खतरा है। आज सरकार को भले समझ में नहीं आ रहा हो,सत्ता जब आती है सत्ता का मद ऐसा होता है… जैसे रावण अहंकार में डूबा था…वैसे सत्ता के लोग अहंकार में डूब जाते हैं… । जहां पर कार्यवाही की गई है जो दैनिक घटती-घटना के कार्यालय है यह वही कार्यालय है जहां से क्षेत्र में घटने वाली घटना का खबर प्रकाशित किया जाता था आज इस अखबार के साथ सरकार ने घटना घटा दी है। सरकार ने यह बता दिया कि दैनिक घटती-घटना तुम मेरी कमी बताओगे तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा सरकार 6 महीने में ही बेनकाब हो गई है जनता इसका परिणाम सरकार को देगी।

पत्रकारों पर इस प्रकार का हमला गलत है… पत्रकार वह दर्पण है…
सूजन बिंद समाजसेवी अंबिकापुर संबोधित करते हुए कहा कि रामायण में ऐसा उल्लेख आया है कि श्री रामचंद्र जी जब राजा थे तब पता करने के लिए निकलते थे कि हमारे राज्य में क्या हो रहा है जनता उनसे बताती है कि नहीं बताती है इसके लिए वह भेष बदलकर निकला करते थे, इसी दौरान जब वह निकले थे तभी कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से यह कह रहा था कि मैं रामचंद्र जी नहीं हूं जो अपनी औरत को लाकर रख लिया इतनी बात को सुनकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने अपनी अर्धांगिनी का त्याग कर दिया था,वहीं विष्णु के रूप में रामचंद्र की तरह शासन करने वाले विष्णु देवता है अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे पत्रकारों पर इस प्रकार हमला गलत है। पत्रकार वह दर्पण है जो आप के राज्य में क्या चल रहा है इसकी जानकारी देता है पत्रकार का एक कर्तव्य है उसे मनाना चाहिए ना कि उसे रोकना चाहिए। पत्रकारों को संबोधित प्रताडि़त न किया जाए जो पत्रकार बताते हैं उन कमियों को सुधारने का प्रयास किया जाए जो मेरे पत्रकार साथी पर कार्यवाही की गई है मै उसका विरोध करता हूं शासन प्रशासन से अनुरोध करता हूं कि जितनी भी क्षति हुई है उसकी भरपाई की जाए।

जो कार्यवाही की गई है वह निंदनीय है…
चंद्रकांत पारगीर पत्रकार बैकुंठपुर ने कहा जो कार्यवाही की गई है वह निंदनीय है और मैं इसका विरोध करता हूं पत्रकारों की खबरों पर संज्ञान लेना चाहिए और उसकी जांच करनी चाहिए मैं अपने पत्रकार साथियों का समर्थन करने आया हूं और मैं यह कहना चाहता हूं कि प्रशासन किसी भी चीजों की जांच करें, हमला जो है वह लोकतंत्र के लिए घातक है।
