रायपुर@बृजमोहन अग्रवाल ने भारी मन से दिया विधायक पद से इस्तीफा

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रायपुर,17 जून 2024 (ए)।
रायपुर संसदीय सीट से 4 जून को सांसद चुने जाने के बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के मौलश्री विहार स्थित उनके निवास पहुंचे और उन्होंने विधायक विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके साथ पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकार, रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा समेत कई बड़े नेता थे। हालांकि संविधान के नियमों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सांसद चुने जाने की नोटिफिकेशन जारी होने के 14 दिन के भीतर किसी एक सदन से इस्तीफा देने रहता है। बृजमोहन अग्रवाल की यह मियाद 19 जून को पूरी हो रही थी। मगर इसके दो दिन पहले ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि 19 तारीख तक में विधायक रह सकता हूं। 19 से पहले मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। दोपहर बाद करीब 3ः00 बजे अचानक यह खबर आई के बृजमोहन अग्रवाल इस्तीफा देने विधानसभा अध्यक्ष के घर जा रहे हैं तो यह खबर वायरल होते ही सियासी हल्का में हलचल मच गई.। सभी का एक ही सवाल था कि बृजमोहन सिर्फ विधायक पद से इस्तीफा देंगे या मंत्री पद से भी दे रहे हैं।
लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वे अभी मंत्री बने रहेंगे। बृजमोहन के पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं पर्यटन विभाग है.। उन्होंने बकायदा इनीशिएटिव लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गर्मी को देखते बच्चों की स्कूल की छुट्टियां 25 जून तक बढ़वाने के लिए बात की. इससे सन्देश यह गया कि विभागीय कार्यों में अभी भी वे रूचि लें रहे हैं।


मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 600 शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को पिछले हफ्ते लास्ट वर्किंग डे यानी 14 जून को फ़ाइल भेजी है. जाहिर है यह फाइल नीचे से होते हुए स्कूल शिक्षा सचिव और मुख्य सचिव की अनुशंसा से आगे बढ़कर समन्वय तक जाएगी. मुख्यमंत्री समन्वय के हेड होते हैं। बृजमोहन के ट्रांसफर के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री क्या स्टैंड लेते हैं, ये बाद की बात है, बृजमोहन के सन्दर्भ में मैसेज यह गया कि वह अभी मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि इस्तीफा देना होता तो शिक्षकों के ट्रांसफर की फ़ाइल उन्होंने आगे नहीं बढ़ाई होती। जाहिर है, रायपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा देने के बारे में वह कई बार सार्वजनिक तौर पर बोल चुके हैं कि विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद 6 महीने तक मैं मंत्री रह सकता हूं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री जब कहेंगे तो मैं मंत्री से इस्तीफा दे दूंगा।.


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के मौलश्री स्थित निवास कार्यालय में विधानसभा सदस्यता से अपना इस्तीफा दिया है।
उनके इस्तीफे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, बृजमोहन ज़ी ने विधिवत तरीके से विधायक पद से इस्तीफा दिया है। उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकृत कर लिया गया है। उनके बड़े सदन में जाने की खुशी भी है। उनके रहने से विधानसभा भरा- भरा लगता है और पूरे विधानसभा को उनकी उपस्थिति का एहसास होता है। वे विद्वता के साथ बात प्रस्तुत करते हैं। सभी नए विधायकों को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। लेकिन उनकी कमी भी हमें महसूस होगी।
दिल्ली के हाउस में छत्तीसगढ़ की बातों को रखने का मिलेगा मौका
उन्होंने आगे कहा कि, दिल्ली जा रहे हैं तो एक बड़े पद की ओर आगे बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ की बातों को दिल्ली के हाउस में रखने का मौका मिलेगा। केंद्रीय मंत्रियों के बीच जाकर छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं को बताने का अवसर मिलेगा। कांग्रेस द्वारा ऑफर दिए जाने पर उन्होंने कहा कि, कांग्रेस को पता नहीं क्या हो गया है। जिस प्रकार के बयान
बाजी हो रही है ऐसा लगता है कि, वे संतुलन खो बैठे हैं।


केंद्रीय मंत्री बनाने के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क़ा विशेषाधिकार है। प्रधानमंत्री इस पर अपने विवेक से निर्णय लेते हैं। यह हम लोगों के अधिकार क्षेत्र के बाहर है। बृजमोहन अग्रवाल को राज्य के राजनीति से दूर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, कुछ लोग इस प्रकार की बात करते हैं और मजे लेते हैं। यह बड़ी उपलब्धि रहती है। जब हम लोकसभा के लिए जाते है तो बड़े कैनवास और बड़े स्तर पर काम करने के लिए जाते हैं। इससे नए दरवाजे खुलते हैं।


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