कुल 16 नग मोबाइल को किया गया बरामद
कोरबा,14 जून 2024 (घटती-घटना)। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा बाजारों एवं हटरी में मोबाइल की चोरी को रोकने एवं उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही के संबंध में दिये गये निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यू.बी.एस चौहान व नेहा वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री रविंद्र कुमार मीना एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा प्रतिभा मरकाम के मार्गदर्शन पर थाना क्षेत्र में बाजारों में मोबाइल फोन की चोरी के साथ साथ अवैध कारोबार करने वालों की धर पकड़ हेतु अभियान चलाया जा रहा है। जिस पर पुलिस के द्वारा सक्रिय मुखबिर तैनात किये गए हैं,जिनसे लगातार सूचना प्राप्त कर पुलिस के द्वारा कार्यवाही की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशा निर्देश के परिपालन में पुलिस के द्वारा सजग कोरबा अभियान के तहत लगातार कार्यवाही किया जा रहा है । इसी तारतम्य में सायबर सेल कोरबा की टीम एवं सीएसईबी चौकी पुलिस शहर में पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की तुलसीनगर कोरबा में सामुदायिक भवन के पास झारखण्ड राज्य से आए 02 लड़के बहुत सारा पुराना मोबाईल फोन रखे है तथा बिक्री करने के लिये ग्राहक तलाश रहे है की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्संबंध में अवगत कराकर आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त किया गया । मुखबिर के बताएं अनुसार हमराह स्टाफ एवं तुलसीनगर सामुदायिक भवन के पास घेराबंदी कर मुखबीर के बताए हुलिये के 02 लडकों को पकड़ा गया, जिन्होने पुछताछ पर अपना-अपना नाम मनोरंजन कुमार मण्डल पिता श्रीराम मण्डल उम्र 24 साल सा0 महाराजपुर बाजार थाना तालझाड़ी जिला साहेबगंज (झारखण्ड) एवं लोबिन कुमार महतो पिता लक्ष्मीप्रसाद महतो उम्र 28 साल सा0 बाबुपुर थाना तीनपहाड़ जिला साहेबगंज (झारखण्ड) का होना बताए, जिनसे कोरबा आने जाने का कारण पुछने पर टाल मटोल करने लगे तथा कड़ाई से पुछताछ करने पर अपने गांव से आकर बाजारों में चोरी करना बताया। पूछे जाने पर उनके द्वारा बुधवारी बाजार कोरबा में मोबाईल चोरी करना बताया गया । जिनके कजे में रखे एक नीला रंग बैग को चेक करने पर चौकी सीएसईबी जिला कोरबा के अपराध क्रमांक 346, 349/2024 धारा 379 भा0द0वि0 में चोरी गए 02 नग मोबाईल फोन के अलावा कुल 14 नग विभिन्न कम्पनियों के मोबाईल फोन बरामद हुआ, जिन पर आरोपियों के कजे से मोबाइल फोन को जत कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 41(1-4) दं.प्र.सं./ 379,34 भा0द0वि0 कायम किया गया। जिसपर आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है।
