कलयुगी मां ने बच्चे को जन्म होते के साथ नवजात शिशु को मरने के लिए फेंका झाडि़यों में
- सोनू कश्यप –
प्रतापपुर,11 जून 2024 (घटती-घटना)।प्रतापपुर से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है,जहां कलयुगी मां ने जन्म के बाद बच्ची को मरने झाडि़यों में फेंक दिया।दरअसल पुरा मामला नगर पंचायत प्रतापपुर के वार्ड नंबर 10 का है जहां झाडि़यों में अज्ञात लोगों ने नवजात बच्ची को फेंक दिया। वही पास के घर में रहने वाली प्रतिमा कश्यप को बच्ची की रोने की आवाज़ सुनाई दी, जिस पर अगल-बगल में देखने पर झाडि़यों के अंदर बच्ची दिखी और पास जाकर देखा तो बच्ची के शरीर पर चीटियां लग रही थी जिसे साफ़ कर आस-पास के लोगों को बुलाया, और बच्ची को नजदीकी अस्पताल लेकर गए,जहां बच्ची प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज़ के लिए नवजात को जि़ला अस्पताल रिफर कर दिया गया।नवजात शिशु को सीएनसी वार्ड में बेहतर देखभाल की जा रही है फिलहाल बच्चे की स्थिति सामान्य बताई जा रही है,,बहरहाल नवजात को किसने फेंका इसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है।
जन्म के बाद बच्ची को गला घुटने का भी प्रयास किया गया मगर हिम्मत नहीं जुटा पाने के कारण मां ने नवजात शिशु को झाडि़यां में फेंकना ही उचित समझा।
मामला नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 10 में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां रविवार की रात को झाडि़यांे में किसी ने जन्म के बाद बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया और सोमवार सुबह बगल के घर की महिला ने उसे अस्पताल पहुंचाया। यह देखकर भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई मिली जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड नंबर 10 निवासी प्रतिमा कश्यप सुबह 4ः00 बजे करीब घर से निकली तो उन्हें बच्चों की रोने की आवाज सुनाई थी इधर-उधर देखने के बाद उन्हें घर के पास झाड़ी में छोटी सी बच्ची को रोते हुए देखा बच्ची को इस तरह झाडि़यों में देखा तो उनके होश उड़ गए पास जाकर देखा तो बच्ची के शरीर पर चीटियां चल रही थी बिना देर किए उन्होंने बच्ची को उठाया और चीटियां साफ करने के बाद में मोहल्ला वासियों को बताया बाद उन्होंने अगल-बगल लोगों को बुलाया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर ले गई जहां पुलिस को भी सूचित किया गया। बच्ची का इलाज शुरू हुआ पूरे शरीर में चीटियां के काटने का निशान पाया गया बताया जा रहा है। बच्ची जन्म रविवार को ही हुआ है और उसे मरने के लिए किसने छोड़ा कुछ पता नहीं चला। अस्पताल द्वारा जानकारी देने के बाद प्रतापपुर पुलिस ने मामला में जांच शुरू कर दिया है। प्रतापपुर में इलाज के बाद बेहतर इलाज और निगरानी के बाद बच्ची को जिला चिकित्सालय सूरजपुर भेज दिया गया। अभी तक बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है तथा चाइल्ड केयर के अनाथालय में रखा जाएगा। बहरहाल मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना को लेकर नगर में चर्चा का विषय है दूसरी तरफ जहां एक मां ने अपने ही बच्चे को मरने के लिए झाडि़यां में फेंक दिया था इस कारण से नगरवासी भारी आक्रोशित हैं।
गले में लपेट गया था मरने के लिए कपड़ा। जब बच्चे को देखा गया तब उसके गले में लाल रंग का कपड़ा से उसे मरने का प्रयास किया गया मगर शायद ब्रह्म माता-पिता को रहम आ गया हो इस कारण से उन्होंने बच्ची को झाड़ी में फेंकना ही ऊंची समझा।
उक्त बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी डॉक्टरों ने भी तत्काल उपचार एवं नर्स ने भी देखभाल किया और इस बात को सुनते ही प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और कलयुगी माता-पिता के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर चर्चाएं होने लगी।
इससे पहले भी प्रतापपुर क्षेत्र में दर्जनों इस तरह से मामला सामने आया है । ज्ञात हो कि प्रतापपुर क्षेत्र में नगर पंचायत क्षेत्र के वार्डों में इस तरह की कोई घटना नया नहीं है इससे पहले भी दर्जनों घटना इस तरह का सामने आ चुका है जो अब तक कलयुगी माता-पिता तक पुलिस पहुंच पाने में नाकामयाब रहे हैं तथा यह भी नहीं पता चल पाता है कि किनका बच्चा है और फिर से इस तरह का मामला सामने आया है।
इस तरह की घटना होने के बाद में नगर में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है वहीं कड़ी कार्रवाई को लेकर आम नागरिक मांग कर रहे हैं तथा तीखी स्वरों में इसका घोर निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से अपराधियों को पकड़ने का मांग कर रहे हैं।
इस विषय में थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मामला काफी गंभीर है और मामले का जानकारी मिलते के साथ में पुलिस बल मौके पर भेजा गया और आसपास के क्षेत्र में डिलीवरी किसका होना है किसका हो सकता है पुलिस द्वारा छानबीन की जा रही है तथा घटना से संबंधित सभी सूत्रों पर बारीकी से जांच की जा रही है।
प्रतापपुर स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ विजय सिंह ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य उपचार के दौरान सही बताया जा रहा है प्रतापपुर स्वास्थ्य में बच्ची को विशेष देखरेख के साथ में स्वस्थ किया गया था तथा विशेष देखभाल के लिए जिला चिकित्सालय सूरजपुर भेजा गया है। नवजात शिशु फिलहाल ठीक है। और डॉक्टरों की टीम निरंतर निगरानी रखी हुई है।