कोरिया@भाजपा की सरकार…स्वास्थ्य मंत्री भी पड़ोसी जिले के…फिर भी जिला अस्पताल की स्थिति दयनीय!

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-रवि सिंह-
कोरिया,31 मई 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा कोरिया के ही जिला उपाध्यक्ष का एक सोशल मिडिया पोस्ट काफी सुर्खियां बटोर गया,वहीं जिसके बाद काफी प्रतिक्रियाएं भी आईं खासकर विपक्ष के लोगों ने भाजपा नेता के सोशल मिडिया पोस्ट पर जमकर अपने विचार प्रकट किए और यह भी विपक्ष के लोगों ने लिख डाला की जब सरकार में रहते हुए एक भाजपा नेता ऐसा लिख रहा है मतलब कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी बदतर स्थिति में है जिसमे सुधार की जरूरत है। वैसे भाजपा नेता के सोशल मिडिया पोस्ट पर केवल विपक्ष के ही लोगों ने अपनी राय प्रकट नहीं की अन्य लोगों ने भाजपा के ही अन्य नेताओं ने साथ ही आम लोगों ने भी अपने विचार रखे और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की बात सभी के द्वारा मानी गई। वैसे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की बात और वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था बदतर है ऐसी बात लिखने की हिम्मत भाजपा नेता ने दिखाई जिसपर विपक्ष खासकर कांग्रेस नेताओं या कार्यकर्ताओं के ज्यादा विचार समाने आए जो इस स्वीकारयोक्ति के साथ सामने आए की निश्चित ही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बदतर है और जिसमे सुधार की जरूरत है। वैसे विपक्ष खासकर कांग्रेस नेताओं कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर की गई बदतर स्थिति वाली स्वीकारयोक्ति के बाद एक और विषय साबित हो गई वह यह की कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी ही चली आती रही वहीं जिसमे सुधार नहीं हो सका और भाजपा के अल्प काल के वर्तमान कार्यकाल में स्थिति और बदतर हुई है और जिससे जिले के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
जिला चिकित्सालय सहित जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पहले भी उठते रहे हैं प्रश्न, समय समय पर श्रेय लेने की होड़ में अव्यवस्था मामले में नेता बनाते चले आए मौन
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर यह कोई पहला प्रश्न नहीं उठा है। प्रश्न खास या आरोप खास चिंता नेता की खास इसलिए है इस बार क्योंकि ऐसी हिम्मत सााधारी दल के नेता ने की है और जिसने बेबाकी से स्वीकार किया है की जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में है। पहले जब कभी भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्न उठाए गए कोई शिकायत हुई या कोई मामला सामने आया नेता श्रेय लेने की होड़ में मौन रहे और कहीं न कहीं उन्होंने अव्यवस्था का ही पक्ष लिया। इस बार भाजपा नेता देवेंद्र तिवारी ने साफ तौर पर माना की जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चिंताजनक स्थिति में है और जो गंभीर मामला है। वैसे जिले में प्रतिदिन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मामले समाने आते रहते हैं कभी कोई गलती कभी कोई कमी लगातार देखने को मिलती रहती है लेकिन कभी किसी को मुखर होकर विरोध करते नहीं देखा गया खासकर सााधारी दल के किसी नेता को क्योंकि सभी अपनी सरकार के बखान में ही लगे रहते हैं सच और वास्तविक स्थिति को छिपाने का काम करते हैं वहीं जो पीडि़त होता है उसे आश्वासन या उसे सांत्वना देकर भी मना लिया जाता है और बात आई गई कर दी जाति है।
क्या स्वास्थ्य मंत्रालय को लेकर ही प्रदेश में हो जायेगा बदलाव?
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही सबसे ज्यादा सुर्खियों में स्वास्थ्य विभाग ही है जो प्रदेश या कहें किसी भी देश प्रदेश का ऐसा विभाग होता है जो लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा होता है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत हद तक बेपटरी है और पूर्व कांग्रेस शासनकाल के भ्रष्ट अधिकारी इसके संचालन में लगे हुए हैं वहीं नई टीम के भी कुछ सलाहकार ऐसे हैं जिनके लिए व्यवस्था और लोगों के स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी केवल पैसा है अर्थ है। अब सवाल यह उठता है की क्या प्रदेश में आदर्श आचार संहिता उपरांत कोई बड़ा बदलाव स्वास्थ्य मंत्रालय में देखने को मिल सकता है। यदि ऐसा हुआ तो यह कोई अचंभा नहीं होगा यह माना जा रहा है क्योंकि बदलाव होना कुछ मामले में तय है और वह कौन से मामले हैं उनका खुलासा लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद ही होगा।
एनएचएम में हुए फर्जीवाड़े की जांच भी है लंबित,बड़े स्तर पर हुआ है घोटाला
जिले के एनएचएम विभाग में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है और यह घोटाला भर्ती-खरीदी मामले में हुआ है और जो कई वर्षों से होता रहा और जिसकी शिकायत भी होती रही और जिसपर कार्यवाही कोई नहीं हो सकी। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान की खरीदी और भर्ती मामले में जांच और कार्यवाही होगी यह भाजपाई लगातार विपक्ष में रहते हुए कहा करते थे लेकिन साा में आते ही वही लोग सर्वे सर्वा हो गए जिनकी शिकायत थी जिनपर भ्रष्टाचार के आरोप थे। कई मामलों में तो मुख्यमंत्री के यहां से जांच का निर्देश भी आया हुआ है लेकिन वह जांच लंबित है क्योंकि दोषी प्रभावशील है और खुद से ही पाक साफ है क्योंकि वह पहुंच वाला है।
क्या स्वास्थ्य मंत्री लेंगे मामले में संज्ञान,क्या जिले में स्वास्थ्य सुविधा होगी बेहतर तरीके से बहाल?
भाजपा नेता के सोशल मिडिया पोस्ट के बाद अब यह भी सवाल उठ रहे हैं की क्या अब स्वास्थ्य मंत्री मामले में लेंगे संज्ञान क्या जिले की स्वास्थ्य सुविधा बेहतर तरीके से होगी बहाल। स्वास्थ्य मंत्री चूंकि जिले से बाहर के नहीं हैं वहीं जिला चिकित्सालय फिलहाल दोनो जिले का एक ही है सुविधाओं के हिसाब से भले वह रेफर सेंटर बना हुआ है। अब देखना है की स्वास्थ्य मंत्री दोनो मामले में क्या कार्यवाही करते हैं। जिले के सोनहत सहित पोड़ी बचरा मामले में स्वास्थ्य मंत्री क्या दोषियों पर कार्यवाही करते हैं। वैसे माना जा रहा था की प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री युवा एवम शिक्षित व्यक्ति हैं वहीं वह ऊर्जावान भी हैं और उनके कमान सम्हालते ही स्वास्थ्य सुविधा बेहतर होगी जिले सहित प्रदेश की लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है जबकि आज भी वही लोग स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्हाल रहे हैं जिनकी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शिकायत थी जिसकी जांच होनी थी कार्यवाही की लोगों को प्रतीक्षा थी।स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को अभयदान दे दिया हो ऐसा लगता है और शायद इसीलिए चरमरा गई है जिले सहित प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था।
सरगुजा संभाग से ही स्वास्थ्य मंत्री खुद कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सके…
पूर्व की कांग्रेस सरकार के तीन विधायक कोरिया जिले से थे विभाजन बाद में हुआ लेकिन वह तीनो मिलकर भी वहीं सरगुजा संभाग से ही स्वास्थ्य मंत्री खुद कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सके और जिसका परिणाम अब देखने को मिलने लगा लोगों की जान से खिलवाड़ कहीं देखने को मिल रहा है जिले में कहीं शव के लिए वाहन की अनुपलधता है साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भी जिले में नेताओं की गुजारिश काम कर रही है। यदि सच में विगत कुछ दिनों पूर्व घटी घटना सही है तो यह प्रश्न लाजमी है जो या यह चिंता भाजपा नेता की लाजमी है की जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है और जिसमे सुधार की जरूरत है।
भाजपा नेता देवेंद्र तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री के जिले से ही है इस के बावजूद सोशल मिडिया पोस्ट किया गया है जो स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर है और जिसकी सराहना हो रही…
भाजपा नेता देवेंद्र तिवारी के द्वारा अपनी ही सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के जिले से ही होने के बावजूद इस आशय का सोशल मिडिया पोस्ट किया गया है जो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किया गया है और जिसकी सराहना हो रही है की आखिर साा में रहने के बावजूद किसी ने तो सच लिखने का साहस दिखाया क्योंकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के नेताओं कार्यकर्ताओं ने भी अपने सरकार के कार्यकाल में केवल उपलçधयों पर ही ध्यान आकृष्ट लोगों का कराया जो केवल खरीदी तक की उपलçध रही जिसमे भी भ्रष्टाचार हुआ अन्य कोई वह उपलçध खास बता नहीं सके वहीं एनएचएम कोरिया में हुआ भ्रष्टाचार जग जाहिर है जिसमे जिले के आला अधिकारी भी कहीं न कहीं या तो मौन रहे या मिलीभगत उनकी रही जो आरोप लगते रहे।
एनएचएम में भर्ती घोटाला हुआ…खरीदी घोटाला हुआ… जिसकी जांच लंबित है पर स्वास्थ्य मंत्री चुप क्यों है?
कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान इसी कोरिया जिले में एनएचएम में भर्ती घोटाला हुआ खरीदी घोटाला हुआ और जिसकी जांच लंबित है शिकायत और जांच का जबकि आदेश प्राप्त है जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को अब जब भाजपा नेता के द्वारा जिला चिकित्सालय और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की गई है क्या जिले के उदासीन हो चुके जिला अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे क्या अब सुधार के प्रयास होंगे आम लोगों को मुफ्त चिकित्सा का लाभ त्वरित मिलेगा यह बड़ा प्रश्न है या फिर जैसा है वैसा चलता रहेगा और बात आई गई होकर खत्म हो जाएगी।
मामला जिसके बाद भाजपा नेता को सोशल मिडिया पर खुलकर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लिखना पड़ा
भाजपा नेता ने सोशल मिडिया में क्यों लिखा यह बात भी जाननी जरूरी है । जैसा कि माना जा रहा है की हाल ही में जिले में दो ऐसी घटनाएं घटी जिसके बाद भाजपा नेता को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की असल स्थिति उजागर करनी पड़ी। घटना दो अलग अलग थी जिसमे एक घटना सोनहत क्षेत्र की थी जहां एक नवजात बालक के शव के लिए शव वाहन की व्यवस्था भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत नहीं कर सका वहीं उसके परिजन उसे मोटर सायकल में घर ले जाने मजबूर हुए वहीं दूसरी घटना पोड़ी बचरा क्षेत्र से सामने आई जहां एक सर्पदंश से ग्रसित बालक को इसलिए काल के गाल में समाना पड़ा क्योंकि उसे एंटी स्नैक वेनम देने से पहले डॉक्टरों ने उसके परिजनों को पर्ची कटाने लंबी लाइन में लगा दिया और जब तक वह पर्ची कटाकर पहुंचे बालक की स्थिति गंभीर हो गई उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया जहां भी वह बच न सका। वैसे इनसब के बीच सबसे मार्मिक पहलू यह रहा की पोस्टमार्टम भी तब हुआ जब भाजपा नेता को जानकारी हुई और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर निर्देश जारी किया। कुल मिलाकर जिला अस्पताल कहें या प्राथमिक अस्पताल हर जगह की स्थिति दयनीय है यह कहना अब गलत नहीं होगा यदि मामला सब सही है।


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