अंबिकापुर,@किसी भी चीज को सीखने के लिए जीवन में जिज्ञासा होना बहुत आवश्यक

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अंबिकापुर,20 मई 2024 (घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद् सेवा प्रभाग द्वारा नव विश्व भवन चोपड़ापारा में छात्रों के सर्वागींण विकास के लिए आयोजित समर कैम्प उमंग 2024 का समापन समारोह का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात समर कैम्प में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और खेल स्पर्धाओं के विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। इसमें बेस्ट स्टूडेंट ऑफ समर कैंप का पुरस्कार होलीक्रॉस इंग्लिश मीडियम स्कूल से कक्षा 9 वीं के छात्र ऋषभ कुशवाहा और होलीक्रॉस हिन्दी मीडियम से कक्षा 10 वीं की छात्रा आश्विन पैकरा ने जीता। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कमांडेंट राजेश पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुशासन के बिना जीवन में कुछ भी प्राप्त नहीं हो सकता। किसी भी चीज को सीखने के लिए जीवन में जिज्ञासा होना बहुत आवश्यक है। जिज्ञासा ही एक ऐसा माध्यम है, जो सदा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रेरित करता है और एक न एक दिन सफलता के शिखर पर पहुंचा देता है। यदि मन में जिज्ञासा उत्पन्न होती है तो उसे मन में छिपाकर रखने की बजाय किसी न किसी से शेयर जरूर करें। आगे उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि हमें किसी से तुलना व प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसा होने पर स्वयं को बहुत दु:खी और तनाव में महसूस करते हैं। इससे मन की शांति और एकाग्रता धीरे- धीरे खत्म होने लगती है और अपने जीवन से निराश होने लगते है। अपने मन को मेडिटेशन, ध्यान के माध्यम से सदा खुश रखें क्योंकि इससे मन चार्ज होता है और हर चीज को ग्रहण करने की शक्ति बढ़ती है। होम गार्ड कमांडेंट शिवकुमार कठौतिया ने कहा कि कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को उमंग समर कैम्प 2024 का उत्कृष्ट उपस्थिति का पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन बीके प्रतिमा बहन और प्रीतम जायसवाल ने किया। सरगुजा संभाग की सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुये कहा कि राष्ट्र का निर्माण बच्चों से होता है। विद्यार्थी जीवन सबसे अच्छा जीवन होता हैं। यदि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मकता आ जाये तो पूरा संसार सकारात्मक हो सकता है जिससे श्रेष्ठ संसार का निर्माण हो सकता है। परन्तु चिन्ता का विषय तो यह है कि छोटे बच्चे तनाव, डिप्रेशन जैसी समस्याओं का शिकार होते जा रहे है, जिससे इनके अन्दर की एकाग्रता,स्थिरता और दृढ़ता की शक्ति कम होती जा रही है, जो लक्ष्य रखते हैं, उस लक्ष्य तक पहुंच नहीं पाते हैं। बच्चों के पास डिग्रियों के साथ आध्यात्मिकता गुण, नैतिक मूल्य, अच्छे संस्कार और सेवाभावना समाहित हो तो वो एक अच्छे इंसान बन, अपने परिवार, समाज और देश के लिये आदर्श स्थापित कर सकते हंै। इसी लक्ष्य से विगत 15 वर्षों से यह समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। होम गार्ड कमांडेंट शिवकुमार कठौतिया ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विलुप्त संस्कृति फिर जागृत होगी। उन्होने बच्चों से आग्रह करते हुये कहा कि रोज सुबह उठते ही माता- पिता का पैर छूना चाहिये, क्योंकि माता- पिता से जो आशीर्वाद मिलता है, वो भगवान के आशीर्वाद के सामान होता है। जो बच्चे अपने माता- पिता के सामने झुकते हंै,वे जीवन की किसी भी परिस्थिति के सामने नहीं झुक सकते क्योंकि ऐसे समय में उनके माता- पिता की दुआयें छत्र छाया बन जातीं हंै। वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मंगल पाण्डे ने कहा बच्चों के चारित्रिक और नैतिक विकास से ही संसार का विकास होगा।


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