- अचार संहिता तक काम बंद रखने की मिल रही खबर
- महिला एवं बाल विकास मंत्री का रिश्तेदार करा रहा था आंगनबाड़ी केन्द्रों में रंगरोगन का काम,3000 के स्थान पर 1000 रूपये का होना था भुगतान…
- छात्र हित का काम छोड़ राजनीति और ठेकेदारी की राह पकड़ा एबीवीपी का छात्रनेता
- जिले में एबीवीपी छात्र संगठन को कमजोर करने का श्रेय भी मंत्री के रिश्तेदार को ही
- कोरिया नही बल्कि राजधानी के दौरे पर रहता है जिम्मेदार पदाधिकारी…

-रवि सिंह-
कोरिया,17 मई 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में खुद को मंत्री का रिश्तेदार बतलाकर रंगरोगन का काम करने वाला युवक छात्र संगठन एबीवीपी का जिम्मेदार पदाधिकारी भी है,वह इन दिनों सत्ता के नशे में चूर है और छात्र हित का काम छोड़ राजनीति और ठेकेदारी का काम मन लगाकर कर रहा है,गलत तरीके से अधिकारियों पर दबाव बनाकर उसके द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के रंगरोगन का काम लिया गया था और उसे स्वीकृत राशि से आधे से भी कम राशि पर दूसरे पेंटर को दे दिया गया था। स्थानीय स्तर पर शिकायत एवं घटती घटना अखबार में खबर प्रकाशन के बाद मंत्री के उक्त तथाकथित भाई ने आखिरकार फिलहाल काम बंद करा दिया है। केन्द्रों में घटिया स्तर का रंगरोगन का काम किया जा रहा था। मंत्री के रिश्तेदारों द्वारा मचाई जा रही लूट के कारण अब मंत्री की किरकिरी भी हो रही है।
छात्रों की समस्या से नही सरोकार,राजनीति और ठेकेदारी में उतरा युवक
महिला एवं बाल विकास मंत्री का तथाकथित भाई केशव राजवाड़े जो कि छात्र संगठन एबीवीपी का जिम्मेदार पदाधिकारी भी है बतलाया जाता है कि उसके द्वारा प्रदेश में भाजपा की सरकार आने और लक्ष्मी राजवाड़े के मंत्री बनने के बाद से छात्रों की समस्या को लेकर कोई कदम नही उठाया जाता बल्कि अब वह राजनीति और ठेकेदारी के काम में मस्त है। मंत्री के साथ डायरी और पेन पकड़कर वह अनाधिकृत रूप से खुद को निज सहायक बतलाते घुमता है और गलत तरीके से उसका लाभ भी उठाता है। युवक छात्र संगठन का जिम्मेदार पदाधिकारी तो है लेकिन उसके द्वारा छात्र संगठन का काम छोड़ हर दूसरा काम किया जाता है,जिससे कि आज कोरिया जिले में छात्र संगठन भी कमजोर नजर आने लगा है। युवक द्वारा छात्र संगठन का काम धरातल पर छात्रों के बीच नही किया जा रहा है जिससे कि छात्र भी इस संगठन से किनारा कर चुके हैं इसका सारा श्रेय इसी युवक पर जाता है। एबीवीपी के प्रांतीय पदाधिकारियों को भी इस विषय पर संज्ञान लेने की जरूरत है।
मंत्री के सामने खुद को सुपर बतलाने में माहिर…
युवक केशव राजवाड़े कोरिया जिले का ही निवासी है,और महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का चचेरा भाई है। सूत्रों ने बतलाया कि लक्ष्मी राजवाड़े के मंत्री बनने के बाद से ही यह युवक जोंक की तरह चिपका हुआ है और मंत्री के हर काम में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप करता है। मंत्री को उटपटांग सलाह देता है और खुद को सुपर बतलाने की कोशिश करता है। अनुभव हीन युवक मंत्री को ऐसे ऐसे सलाह देते फिरता है जिससे मंत्री की किरकिरी हो रही है। युवक जब भी कोरिया जिले आता है तो खुद को मंत्री का खास बतलाते हुए धौंस भी दिखलाते फिरता है। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि युवक के द्वारा मंत्री की आंखो में धूल झोंकते हुए प्रदेश के कई जिलों में जाकर महिला एवं बाल विकास विभाग में समान सप्लाई हेतु भी व्यापारियों को सेट किया जा रहा था और गलत तरीके से लाभ की बात की जा रही थी। युवक के चाल व्यवहार से मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में भी खासा आक्रोश देखा जा रहा है। ऐसे स्वार्थी और अति उत्साही रिश्तेदारों के कारण मंत्री की साख भी गिर रही है, लंबी राजनीति हेतु मंत्री को भी ऐसे रिश्तेदारों से सतर्क रहने की जरूरत है,अन्यथा नैया डूबने में वक्त नही लगेगा।
घटिया स्तर का हो रहा था रंगरोगन काम
कोरिया जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के तथाकथित भाई केशव राजवाड़े के द्वारा रंगरोगन का काम अधिकारियों पर दबावपूर्वक लिया गया था,प्रति आंगनबाड़ी के कार्य हेतु 3000 रूपये स्वीकृत है जबकि केशव राजवाड़े द्वारा स्थानीय एक पेंटर को मात्र 1000 रूपये की दर से काम दिया गया था समझा जा सकता है इतने कम दर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में किस स्तर का काम किया जा रहा था।
खबर प्रकाशन के बाद काम में लगा ब्रेक
कोरिया के आंगनबाड़ी केन्द्रों में मंत्री के भाई द्वारा काम किया जा रहा था, काम में भाई भतीजावाद स्पष्ट दिखलाई दे रहा था। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा भी इसका विरोध किया जा रहा था, जिसे लेकर घटती घटना अखबार ने पिछले अंक में खबर का प्रकाशन किया था। सूत्रों के द्वारा बतलाया जा रहा है कि खबर प्रकाशन के बाद युवक के हाथ पांव तो फूलने लगे थे साथ ही उसके द्वारा ईधर उधर कॉल करके खुद की दादागिरी बतलाई जा रही थी। रिश्तेदार द्वारा काम किये जाने की खबर से मंत्री की किरकिरी भी हो रही थी। जिसके बाद युवक द्वारा फिलहाल काम बंद करा दिया गया है और अचार संहिता खत्म होने के बाद फिर से काम शुरू करने की बात कही जा रही है।