अंबिकापुर,14 मई 2024 (घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद् सेवा प्रभाग द्वारा नव विश्व भवन चोपड़ापारा अम्बिकापुर में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये आयोजित उमंग समर कैम्प 2024 के चौथे दिन को फ्रेण्डशीप दिवस के रूप में मनाया गया। मैं सुखस्वरूप आत्मा हूँ और बच्चों को नम्रता रूपी गुण को जीवन में धारण करने की बात कहीं गयी।
समर कैम्प के चौथे दिन ब्रह्माकुमारी पूजा बहन बच्चों को जीवन में सफल रहने की कला बताते हुये कहा कि यह बाल्य रूप जीवन बनाने का समय है, इसी समय स्वयं को जैसा बनाना चाहे हम बना सकते है। सफल व्यक्ति बनने के लिये हर समय, हर बात में और हर परिस्थिति में से सकारात्मक बातों का ही चयन करना होगा, क्योंकि संसार में जितने भी व्यक्ति महान बने है, वो विषम परिस्थितियों का निडरता और साहस से सामना कर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराया और हम लोग भी अथक पऱिश्रम और दृढ़ता से कर सकते है। आगे उन्होंने बच्चों को बताया कि सफल होने के लिये सर्वप्रथम हमें अपने अमूल्य समय के महत्व को समझ उसे व्यर्थ जाने से, कोई काम टालने की आदत को खत्म करना होगा, तभी हम सफल व्यक्ति बन सकते है।
ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने बताया कि हम जो अपने को नाम, रूप , धर्म और पद से पहचान देते है वो सत्य नहीं बल्कि क्षणिक है, ये समय के साथ सब बदल जाता है। हम वास्तव में चैतन्य आत्मा ज्योति बिन्दू है,जो इस शरीर को चलाती है और आत्मा के सात मूल गुण- ज्ञान,पवित्रता,प्रेम,शांति,सुख, आनन्द और शक्ति है। ये सात गुण हमारे शरीर के मुख्य अंग से जुड़ा हुआ है। जैसे- जैसे इन सातो गुणों में कमी आती है, तो शरीर भी बीमारियो आदि से ग्रसित हो दु:खी हो जाता है पर रोज इन सातों गुणों का चिन्तन करने से आत्मा शक्तिशाली और शरीर स्वस्थ बनता है तथा मन के विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार अधीरता, ईर्ष्या, और उदासी पर विजय प्राप्त कर सदा सुख, शांति और तनावमुक्त जीवन जी सकते है। आज बच्चों के बुद्धि का मनन चिन्तन चले और बुद्धि प्रखर बने इसके लिये निबन्ध प्रतियोगिता कराया गया जिसमें काफी बच्चों ने बहुत उमंग से भाग लिया।
