ममता सरकार की याचिका पर एससी में केंद्र सरकार ने कहा…
नई दिल्ली,02 मई 2024 (ए)। केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार केंद्रीय एजेंसियों को दुरुपयोग के आरोप विपक्ष की ओर लगाए जा रहे हैं। इस बीच आईएनडीआईए में शामिल दल तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व वाली ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है। इसमें बंगाल सरकार ने बिना राज्य सरकार के अनुमति के ही एक मामले की जांच जारी रखने का आरोप लगाया है। मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और संदीप मेहता की पीठ कर रही है।
केंद्रीय एजेंसी जांच एजेंसी सीबीआई की जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कोर्ट में ममता सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के सीबीआई के एक्शन को चुनौती दी है। तृणमूल सरकार ने अपने मुकदमे में कहा कि राज्य द्वारा पश्चिम बंगाल में मामलों की जांच के लिए संघीय एजेंसी की जांच को लेकर “सामान्य सहमति” रद्द करने के बावजूद, सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और जांच जारी रखी।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों को केंद्र सरकार ने खंडन किया है। सीबीआई जांच को चुनौती देने वाली ममता सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र पर लगे आरोपों की सफाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, भारत संघ ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है, सीबीआई ने दर्ज किया है और सीबीआई केंद्र के नियंत्रण में नहीं है। अदालत में सॉलिसिटर जनरल मेहता ने आगे कहा कि अनुच्छेद 131 केंद्र और एक या अधिक राज्य सरकारों के बीच विवाद में शीर्ष अदालत के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है, पवित्र है और इसके दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय को प्रदत्त सबसे पवित्र न्यायक्षेत्रों में से एक है। इस प्रावधान का दुरुपयोग या दुरूपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।