नई दिल्ली,10 अप्रैल 2024 (ए)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक बालकृष्ण द्वारा दायर हलफनामे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने पर बिना शर्त माफी मांगी थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने “गलत कदम” पर पकड़े जाने पर ऐसा किया था।
अदालत ने इस मुद्दे पर निष्कि्रयता के लिए राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भी कड़ी फटकार लगाई है और कहा कि वह इसे हल्के में नहीं लेगी। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने असामान्य रूप से कड़ी फटकार लगाई।
शीर्ष अदालत ने पाया कि जब उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और उन्हें अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया, तो रामदेव और बालकृष्ण ने उस स्थिति से “बाहर निकलने का प्रयास किया” जहां व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी थी। अदालत ने कहा, यह “सबसे अस्वीकार्य” है।
