कोरिया@भाजपा जिला अध्यक्ष सहित भाजयुमो जिलाध्यक्ष लोकसभा चुनाव को लेकर दिख रहे निष्कि्रय,क्या लोकसभा प्रत्याशी की जीत उनके लिए नहीं है महत्वपूर्ण?

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रवि सिंह –
कोरिया 10 अप्रैल 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में भाजपा पार्टी का संगठन लोकसभा चुनाव को लेकर वहीं पार्टी प्रत्याशी की जीत को लेकर उतना सक्रिय नजर नही आ रहा है जितना उसे नजर आना चाहिए। जिले में भाजपा प्रत्याशी को भाजपा संगठन या जिलाध्यक्ष और उनकी टीम ने मोदी लहर के भरोसे अकेले छोड़ दिया है जो प्रचार अभियान के दौरान देखने को मिल रहा है। लोकसभा प्रत्याशी कोरबा लोकसभा क्षेत्र जिसमे कोरिया जिला भी शामिल है के लिए भाजपा विधायक और उनकी टीम ही केवल सक्रिय नजर आ रही है संगठन उस स्तर पर कहीं मेहनत जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में नजर नहीं आ रहा है जैसा सक्रिय उसे नजर आना चाहिए। कोरबा लोकसभा क्षेत्र जिसमे कोरिया जिला भी शामिल है से भाजपा ने वैसे भी लोकसभा क्षेत्र से बाहर के प्रत्याशी को इस बार मौका दिया है और जिस कारण यह जरूरी हो जाता है की भाजपा का पूरा संगठन जी जान से प्रत्याशी के लिए काम करे जिससे बाहरी होकर भी वह पार्टी पदाधिकारियों और वह प्रतिनिधियों के सहारे हर व्यक्ति तक क्षेत्र के पहुंच सकें लेकिन ऐसा होता नज़र नहीं आ रहा है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष भाजपा जिलाध्यक्ष की प्रसन्नता और सोशल मिडिया पोस्ट तक ही सक्रिय, शेष उनकी सक्रियता नजर नहीं आती
कोरिया जिले के भाजयुमो जिलाध्यक्ष वर्तमान की नियुक्ति तब हुई जब पूर्व जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे और उन्हे पद का त्याग करना पड़ा या यह कहें उन्हे पद से हटाना पड़ा जिससे पार्टी की छवि खराब न हो। नए भाजयुमो जिलाध्यक्ष की नियुक्ति भाजपा जिलाध्यक्ष की सहमति से संभव हो सका और जबसे नए भाजयुमो जिलाध्यक्ष के रूप में वर्तमान को जिम्मेदारी मिली उन्होंने इसे भाजपा जिलाध्यक्ष का एहसान मान लिया कृपा मान ली और उनकी प्रसन्नता तक ही वह पार्टी के लिए काम करते नजर आए। आज भी वह उतना ही काम करते हैं जितना जिलाध्यक्ष की प्रसन्नता के हिसाब से आवश्यक होता है शेष वह सोशल मीडिया से बाहर अपना जनाधार बिलकुल नहीं रखते यह कहना गलत नहीं होगा। अपनी कोई ऐसी टीम उनके पास नहीं है जिसे लेकर वह कोई भी आयोजन सफल कर सकें। वैसे भाजयुमो कोरिया जिलाध्यक्ष अपनी लोकप्रियता साबित करने के लिए कई सोशल मीडिया अभिनय करते नजर आते हैं वह बड़े राज्य स्तर के नेताओं और अन्य क्षेत्र के नेताओं के साथ सोशल मिडिया पर अपनी तस्वीर डालकर ही खुद को लोकप्रिय बता रहे हैं जो देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव में वह जिलाध्यक्ष भाजपा की तर्ज पर सक्रियता कम किए हुए हैं जिसकी चर्चा जारी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष और भाजयुमो जिलाध्यक्ष की लोकसभा चुनाव और पार्टी प्रत्याशी की जीत को लेकर उदासीनता चर्चा विषय
वैसे लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का कोरबा लोकसभा क्षेत्र के कोरबा जिले में ज्यादा ध्यान केंद्रित है और उनका संघन संपर्क कोरबा जिले तक ही ज्यादा है कोरिया छोटा जिला होने के कारण कम आबादी के कारण उनका कोरिया जिला क्षेत्र में कम ही संपर्क नजर आ रहा है यह देखा जा रहा है। अब परिणाम लोकसभा चुनाव का जो भी समाने आए कोरिया जिले में भाजपा का संगठन खासकर भाजपा जिलाध्यक्ष और भाजयुमो जिलाध्यक्ष की लोकसभा चुनाव और पार्टी प्रत्याशी की जीत को लेकर उदासीनता चर्चा का विषय है जो लोगों को भी कहते सुना जा रहा है।
कोरबा लोकसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी बनने की चाहत थी कोरिया भाजपा जिलाध्यक्ष की, इसलिए पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में सक्रियता में कर रहे हैं वह कमी
कोरिया जिला भाजपा जिलाध्यक्ष कोरबा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से पार्टी प्रत्याशी बनने की चाहत रखते थे जैसा सूत्रों का कहना है वहीं वह जब प्रत्याशी बन पाने में असमर्थ साबित हुए उन्हे इसका काफी खेद हुआ और अब वह इसीलिए पार्टी प्रत्याशी के लिए सक्रियता में कमी दिखा रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने पार्टी प्रत्याशी को मोदी लहर के ही भरोसे जिले में छोड़ दिया है। कुछ विशेष कार्यक्रम प्रचार के जिसमे खुद पार्टी प्रत्याशी उपस्थित हुईं उसके अलावा वह खुद से पार्टी प्रत्याशी के लिए सक्रिय नजर नहीं आए। वैसे उनके साथ उनकी टोली में दो तीन और लोग हैं जो भी जमीनी जनाधार से दूर केवल सोशल मिडिया तक सीमित हैं वहीं उसके बाद वह पार्टी के नाम पर केवल ठेकेदार हैं,पार्टी प्रत्याशी को उनके प्रचार प्रसार से फायदा कम नुकसान ज्यादा होने की संभावना है,ऐसे भी लोग प्रचार से दूर हैं जिसका पार्टी प्रत्याशी को फायदा होगा न की नुकसान।
पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष के कार्यकाल तक मजबूत
भाजयुमो का जिले में संगठन पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष के कार्यकाल तक मजबूत था लेकिन उनके ऊपर एक मामले में आरोप लगने उपरांत पद से उनके हटते ही भाजयुमो संगठन जिले में सक्रियता खोता चला गया जो कहा जा सकता है। वैसे सूत्रों के हवाले से एक जानकारी और प्राप्त हो रही है और वह यह की वर्तमान में भाजयुमो के एक जिला पदाधिकारी अवैध कार्यों में भी हांथ आजमा रहे हैं और वह कोयले के अवैध कारोबार में भी हांथ काला कर रहे हैं साथ ही उनके निवास क्षेत्र के आसपास जुएं का भी फड़ उनके संरक्षण में संचालित है जैसा बताया जा रहा है जिसे लेकर ही उनकी ज्यादा व्यस्तता है।
विधायक और उनकी टीम पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए है काफी सक्रिय, विधायक कर रहे काफी मेहनत
कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक लोकसभा प्रत्याशी के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। वह और उनकी टीम प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने दिन रात मेहनत कर रहे हैं। बैकुंठपुर विधायक लोकसभा चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। पार्टी प्रत्याशी के लिए उसकी जीत के लिए आयोजित किसी भी प्रचार कार्यक्रम में जीत के लिए बनाई जाने वाली रणनीति और उसके लिए आयोजित कार्यक्रम में हर जगह उपस्थित हो रहे हैं। बैकुंठपुर विधायक काफी बड़े जनाधार वाले नेता हैं और जिसका फायदा वह पार्टी प्रत्याशी को अवश्य दिलाएंगे ऐसा संभव नजर आ रहा है। विधायक के समर्थक और उनके प्रति विश्वास रखने वाले मतदाता उनकी बात से प्रत्याशी को निश्चित रूप से समर्थन प्रदान करेंगे जो कहा जा सकता है। वैसे बैकुंठपुर विधायक काफी उम्र दराज हो चुके हैं लेकिन उनकी मेहनत पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए उनका प्रयास देखकर कहा जा सकता है की वह आज भी ऊर्जावान हैं और बढ़ती उम्र उनके जनसेवा भाव और राजनीति से उनके जुड़ाव के आड़े नहीं आ सकती।
कोरिया में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी प्रत्याशी की स्थिति यदि अच्छी और खराब मामले में आंकी जाए तो मोदी लहर के हिसाब से स्थिति फिलहाल अच्छी
भाजपा जिलाध्यक्ष कोरिया भाजयुमो जिलाध्यक्ष कोरिया फिलहाल लोकसभा प्रत्याशी की जीत के लिए मोदी लहर पर ही निर्भर नजर आ रहे हैं जो देखने को मिल रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष सहित भाजयुमो जिलाध्यक्ष की जोड़ी भी अजब है,भाजपा जिलाध्यक्ष की प्रसन्नता कायम रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष उतना ही काम पार्टी के लिए करते हैं वहीं वह जबसे जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सम्हाल रहे हैं तबसे उनकी सक्रियता केवल सोशल मिडिया तक ही नजर आई है वहीं वह जिले से ज्यादा जिले में भाजपा की मजबूती की अपेक्षा प्रदेश स्तर की राजनीति और प्रदेश स्तर के विषयों और नेताओं को लेकर ही सोशल मिडिया पोस्ट करते नजर आते हैं। भाजयुमो जिलाध्यक्ष एक तरह से जिलाध्यक्ष भाजपा के निर्देशों तक ही अपनी जिम्मेदारी मानते हैं यह कहना गलत नहीं होगा वहीं वह पार्टी के लिए कोई व्यक्तिगत प्रयास करते कभी नजर नहीं आते। कोरिया जिले में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी प्रत्याशी की स्थिति यदि अच्छी और खराब मामले में आंकी जाए तो मोदी लहर के हिसाब से स्थिति फिलहाल अच्छी मानी जा सकती है लेकिन पार्टी के जिलाध्यक्ष और भाजयुमो जिलाध्यक्ष का प्रयास प्रचार मामले में शून्य कहा जा सकता है।
जिलाध्यक्ष नहीं बन सके प्रत्याशी, अंदरूनी तौर पर नाराज
पार्टी के जिलाध्यक्ष को लेकर बताया जाता है की वह खुद कोरबा लोकसभा से प्रत्याशी चाहते थे पार्टी से और इसके लिए वह प्रयासरत थे लेकिन पार्टी ने उनकी जगह दुर्ग क्षेत्र से कोरबा लोकसभा क्षेत्र के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया जिसे लेकर जिलाध्यक्ष अंदरूनी तौर पर नाराज हैं यह सूत्रों का कहना है इसलिए वह प्रचार अभियान से पार्टी प्रत्याशी की दूरी बनाकर चल रहे हैं केवल दिखावे के लिए वह पार्टी प्रत्याशी के लिए काम कर रहे हैं वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष भाजपा के निर्देश पर ही उन्हे खुश करने मात्र के लिए ही पार्टी से जुड़े हैं ऐसा प्रतीत होता है और वह सोशल मिडिया मात्र में सक्रिय हैं जमीनी तौर पर उनका जिले में युवाओं के बीच कोई लोकप्रियता नहीं है जो कहा जा सकता है।
अवैध कारोबार में भाजयुमो के पदाधिकारी हैं संलिप्त, पूर्व पदाधिकारी को भी नहीं अवैध कारोबार से परहेज:सूत्र
भाजयुमो के एक पदाधिकारी जिम्मेदार पदाधिकारी को लेकर सूत्रों का कहना है की वह अवैध कारोबार में संलिप्त हैं,कोयला और जुआ जैसा अवैध कारोबार वह कर रहे हैं जहां कोयले के अवैध कारोबार में वह अपना हांथ काला कर चुके हैं वहीं उनके ही फार्म हाउस में जुआ फड़ संचालित हो रहा है जो सूत्रों का कहना है। वर्तमान भाजयुमो नेता सहित एक पूर्व भाजयुमो नेता भी अवैध कारोबार में संलिप्त हैं और वह अवैध कारोबार को अलविदा भी कह पा रहे हैं यह भी सूत्रों का कहना है। बताया जा रहा है की कोयले का और जुए का अवैध कारोबार कांग्रेस शासनकाल में जिले में जड़ जमा चुका था तब कांग्रेस पार्टी के भीतर नेता बनकर कुछ लोग इस अवैध कारोबार का संचालन प्रशासनिक संरक्षण से करते थे वहीं अब भी संचालन कांग्रेस के वह लोग कर रहे हैं जो तब किया करते थे जब कांग्रेस की सत्ता थी अंतर केवल इतना है की अब एक हिस्सा भाजपा के ऐसे नेताओं के लिए वह बख्शीश बतौर पेश कर रहे हैं जिसकी लालच में वह अवैध कारोबार के लिए भी परहेज नहीं कर पा रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो भाजपा शासनकाल में भी कांग्रेस शासनकाल के वह कांग्रेस जन जो कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर अवैध कारोबार कर रहे थे वही अवैध कारोबार कर रहे हैं और एक हिस्सा बख्शीश का वह भाजपा के उन नेताओं को दे रहे हैं जो उन्हे संरक्षण दे रहे हैं। पूरा मामला बख्शीश का है जो बेशर्मी से संरक्षण प्रदान कर भाजपा नेता प्राप्त कर रहे हैं और ऐसे अवैध कारोबारियों के साथ वह घूम रहे हैं खुलेआम और पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं। वहीं जो अवैध कारोबारी पिछली सरकार में शामिल होकर अवैध कारोबार कर रहे थे वह भी फिलहाल बेशर्मी से भाजपा नेताओं के साथ ही नजर आ रहे हैं यहां तक की स्थिति यह है की वह संरक्षण की एवज में भाजपा नेताओं के घर सुबह पहुंचकर ही झाड़ू भी लागते नजर आ रहे हैं जो सूत्रों का कहना है।


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