जेल अधीक्षक ने कोर्ट में पेश होकर जेल ट्रांसफर का किया था निवेदन
रायपुर,06 अप्रैल 2024 (ए)। दुर्ग सेंट्रल जेल में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी और एसपी जितेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई के बाद गैंगस्टर तपन सरकार को जगदलपुर केंद्रीय जेल और नितिन लिंबू उर्फ मुंकू नेपाली को रायपुर केंद्रीय जेल में कोर्ट के आदेश के बाद शिफ्ट किया गया है। इससे पहले दो कैदियों का जेल ट्रांसफर किया गया था। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने कोर्ट में पेश होकर इनके लिए जेल ट्रांसफर का निवेदन किया था।
बताया जा रहा है कि ट्रांसफर आवेदन लगाने के बाद जेल अधीक्षक मनीष संभाकर खुद कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने तपन सरकार के जेल ट्रांसफर के लिए न्यायाधीश सुनीता टोप्पो के कोर्ट में उनके समक्ष अपना पक्ष रखा था। जिसके बाद जज ने तपन सरकार के जेल ट्रांसफर का आदेश जारी किया है।कोर्ट के आदेश के बाद तपन के जगदलपुर जेल भेजने के लिए गाड़ी लगाई गई। वज्र नाम की सरकारी गाड़ी में सशस्त्र बल के साथ उसे दुर्ग जेल से जगदलपुर के लिए रवाना किया गया। लेकिन गाड़ी काफी पुरानी और छोटी होने के चलते काफी धीरे चल रही थी। लंबे सफर के हिसाब से गाड़ी कमजोर थी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस लाइन में दी गई। फिर जिला अस्पताल में जब डॉक्टरी मुलाहिजा के लिए गाड़ी को रोका गया। तब उस गाड़ी को बदलकर सरकारी बड़ी बस में उसे सीधे जगदलपुर रवाना किया गया। बताया जाता है कि उसके बाद दुर्ग और जगदलपुर के बीच में गाड़ी कहीं भी नहीं रुकी। सीधे सेंट्रल जेल जगदलपुर में तपन को सुपुर्द करने के वक्त ही गाड़ी रुकी।जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में बंद विचाराधीन बंदी को हवालाती बंदी कहा जाता है वहीं सजायाफ्ता को कैदी बंदी कहा जाता है। विचाराधीन बंदी न्यायालय के अंतर्गत आते है, वहीं सजायाफ्ता बंदी जेल प्रशासन के अंतर्गत आते है। उपेंद्र सिंह और रिंकू पांडे कैदी थे, इसलिए जेल प्रशासन ने मुख्यालय के आदेश पर उन्हें जेल ट्रांसफर किया है। वहीं तपन सरकार और मुंकु नेपाली विचाराधीन बंदी है तो उनके लिए जिस कोर्ट में उनका मामला चल रहा है, वही कोर्ट उसमें प्रशासन के आवेदन करने पर ट्रांसफर का आदेश दे सकता है।