अंबिकापुर@सोयाबीन,वनस्पति तेल मिश्रित कर बनाया जा रहा था नकली घी

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बिना अनुमति के महाराष्ट्र के एक व्यक्ति द्वारा तैयार कराया जा रहा था नकली घी…


अंबिकापुर,05 अपै्रल 2024 (घटती-घटना)। शहर के बाबूपारा मोहल्ले में स्थित एक किराए के घर में नकली घी बताया जा रहा था। शुक्रवार को इसकी जानकारी जिला प्रशासन की टीम को होने पर छापेमारी कार्रवाई की गई है। टीम ने फैक्ट्री में दबिश देकर कुल 7.86 लाख कीमत के सोयाबीन, वनस्पति तेल सहित मिश्रित घी को जत किया है। नकली घी डालडा एवं सोयाबीन तेल को मिलाकर व एसेंस डालकर तैयार किया जा रहा था।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर देवांगन ने बताया कि जांच के दौरान उपस्थित व्यक्ति राकेश ओमप्रकाश बंसल द्वारा सोयाबीन तेल तथा वनस्पति से घी का निर्माण किया जा रहा था और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य पंजीयन व अनुज्ञप्ति उक्त व्यक्ति के पास नहीं पाया गया,जो कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस तरह कार्रवाई करते हुए मौके पर पाए गए किंग सोयाबीन तेल के 15 लीटर के 81 टीन, रजनी गोल्ड वनस्पति के 15 लीटर के 57 टीन तथा मिश्रित तेल-घी के 15 लीटर के 98 टीन और 150 लीटर के 8 ड्रम को नियमानुसार जत किया गया। कुल 7.86 लाख कीमत के सोयाबीन, वनस्पति तेल सहित मिश्रित घी को जत किया गया है। उपरोक्त खाद्य नमूनों को मिलावट के शंका के आधार पर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया। उन्होंने बताया कि मौके पर फैक्ट्री में घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग करते पाया गया जिसके कारण 2 नग घरेलू गैस एंड चूल्हा भी खाद्य विभाग के द्वारा जत किया गया।
चार दिनों से चल रहा था अवैध काम
अंबिकापुर बाबूपारा में किराए में मकान लेकर माराष्ट्र के गोंदिया निवसी राकेश बंसल द्वारा बड़े पैमाने पर नकली की बनाने का कारोबार किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इनके द्वारा चार दिन पूर्व ही फैक्ट्री की शुरूआत की गई थी। राकेश बंसल ने बताया कि यह घी नवरात्र में पूजा के उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा था। ऑर्डर मिलने पर मंदिरों में ज्योतिकलश प्रज्जवलित करने के लिए इस घी का उपयोग किए जाने की बात स्वीकार की है। हालांकि घी बनाने के लिए किसी भी तरक ही अनुमति नहीं ली गई थी और न ही कोई लाईसेंस है। तहसीलदार उमेश बाज ने बताया कि मौके पर 200 टीनों में तैयार घी मिला है। इसके अलावे 700 लीटर के ड्रमों मे घी तैयार कर पैकिंग के लिए रखा गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वनस्पति घी एवं सोयाबीन तेल को मिलाकर घी तैयार किया जा रहा था। घी बनाने का काम वर्करों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि उक्त नकली घी मार्केट में पहुंचने की सूचना नहीं मिली है।


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