नई दिल्ली,30 मार्च 2024 (ए)। प्रवर्तन निदेशालय ने आज दिल्ली जल बोर्ड केस में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें एक कंपनी और 4 लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड ने ठेका देने में भ्रष्टाचार किया। घूस की रकम आम आदमी पार्टी को इलेक्शन फंड के तौर पर दी गई। 8000 पन्नों की चार्जशीट में 140 पेज ऑपरेटिव पार्ट है। जानकारी के मुताबिक एनबीसीसी के अधिकारी ने जो सर्टिफिकेट जारी किया है उसी के आधार पर एनकेजी कंपनी को टेंडर मिला था। ईडी का दावा है कि एनबीसीसी के रिकॉर्ड में एनकेजी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ईडी ने कहा है कि जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल, तजेंद्र सिंह चार्टेड अकाउंटेड हैं जो जगदीश अरोड़ा का करीबी है। मित्तल एनबीसीसी के अधिकारी हैं। मित्तल ने एनकेजी कंपनी को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराया था। ईडी के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड ने एनकेजी को 38 करोड़ का टेंडर दिया, जिसके 24 करोड़ रुपए पहले जारी किए गए। ईडी के मुताबिक, इस घोटाले में दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जगदीश अरोड़ा ने यह बात जानते हुए भी कि कंपनी टेक्निकल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करती है, ठेके एमएस एनकेजी इंफ्रास्ट्रख्र को दिए थे।
