गंभीर सूखे के बीच कर्नाटक सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा…
सिद्धारमैया का आरोप-केंद्र नहीं जारी कर रही धनराशि…
नई दिल्ली,24 मार्च 2024 (ए)। कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पानी की कमी से जूझ रहे राज्य के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से धन जारी करने की मांग की है। इसी को देखते हुए केंद्र से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष जारी करवाने के लिए सीएम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में वित्तीय सहायता जारी नहीं करने की केंद्र की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत राज्य के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
गंभीर सूखे से गुजर रहा राज्य
याचिका में कहा गया है कि राज्य गंभीर सूखे से जूझ रहा है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। लगभग 226 तालुकों में से कुल 223 को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि 196 तालुकों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। एनडीआरएफ के तहत भारत सरकार से मांगी गई सहायता 18,171.44 करोड़ रुपये है।
वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य नही केंद्र सरकार
वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत और राज्य के महाधिवक्ता के शशि किरण शेट्टी द्वारा निपटाई गई याचिका में कहा गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के संदर्भ में, भारत संघ राज्य सरकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य है। राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कर्नाटक को सूखा प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार करने और 2020 में अद्यतन सूखा प्रबंधन मैनुअल के खिलाफ केंद्र की मनमानी कार्रवाइयों के खिलाफ शीर्ष अदालत में जाने के लिए बाध्य है।