सरगुजा/रायपुर@क्या 15 साल सत्ता में रहने वाली भाजपा 5 साल में सत्ता चलाना भूल गई?

Share

विशेष संवाददाता –
सरगुजा/रायपुर 19 मार्च 2024 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के बाद से सबसे ज्यादा यदि किसी पार्टी ने प्रदेश में राज किया है तो वह भाजपा ने प्रदेश की सत्ता पर अपना कब्जा जमाया है जिसने 15 साल लगातार छत्तीसगढ़ की बागडोर पहले सम्हाली और इसके बाद 5 साल कांग्रेस ने वहीं पांच साल के वनवास का बाद फिर भाजपा के सत्ता में वापसी कर ली,लेकिन यदि देखा जाए तो भाजपा के पास 15 साल सत्ता चलाने का अनुभव है जो अनुभव काफी लंबा अनुभव है लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि क्या 15 साल के अनुभव वाली सरकार इस समय अपना अनुभव नहीं दिखा पा रही है, अनुभवहीनता देखने को मिल रही है, ऐसा लग रहा है कि सरकार नई नवेली है जबकि उनके पास 15 साल का अनुभव है और डबल इंजन की सरकार है फिर भी जनता की भरोसे वाली सरकार इस बार जनता के हित में नहीं सरकारी तंत्र के हित में दिख रही है, जिस भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल सरकार चलाई साथी इस 15 साल में तीन बार चार बार विधानसभा व तीन बार लोकसभा चुनाव कराया पर कभी भी चुनाव आयोग के निर्देशों की अवहेलना देखने को नहीं मिली पर इस बार लोकसभा चुनाव में मौजूदा सरकार चुनाव आयोग के निर्देशों की अवहेलना करते दिखाई दी चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिया था कि कोई भी स्थानांतरण लोकसभा क्षेत्र के बाहर किया जाना है पर लोकसभा तो दूर सिर्फ जिला ही स्थानांतरण प्रकरणों में बदले गए वहीं सभी एक ही लोकसभा में लगभग स्थानांतरण देखने को मिले जिसे लेकर माननीय उच्च न्यायालय में भी संज्ञान लिया गया और स्थानांतरण को निरस्त करने की बात कही गई पर सवाल यह उठता है कि सरकार क्या तजुर्बाहीन है या फिर ट्रांसफर पोस्टिंग में कांग्रेस की तर्ज पर ही काम कर रही है जब भाजपा विपक्ष में थी तो कांग्रेस के ट्रांसफर पोस्टिंग पर सवाल उठाती थी पर आज उसी तर्ज पर ट्रांसफर पोस्टिंग कहीं ना कहीं भाजपा के लिए भी सवाल है।
ट्रांसफर पोस्टिंग पुरानी सरकार के तर्ज पर
भाजपा अपने पीछले कार्यकाल में पंद्रह वर्ष तक कभी गलतियां करती नजर नहीं आई। भाजपा सरकार का पिछला पंद्रह वर्षीय कार्यकाल प्रशासनिक मामलों में काफी कसावट वाला माना जाता था और प्रशासनिक निर्णयों में ट्रांसफर पोस्टिंग में कभी कोई मामला ऐसा नजर नहीं आता था जिसको लेकर आरंभ में ही लोग न्यायालय की शरण में जाते रहे हों या फिर न्यायालय ने ही संज्ञान लिया हो, पांच साल का बीच में अंतराल क्या हुआ भाजपा पुनः सत्ता में वापसी कर अब कांग्रेस के पिछले पांच सालों का कार्यकाल के हिसाब से काम कर रही है जो देखने को मिल रहा है। ट्रांसफर पोस्टिंग में देखा जा रहा है की कांग्रेस शासनकाल के तर्ज पर भर्राशाही शुरू हो गई है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है वहीं निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उलंघन किया गया है, चुनाव आयोग का निर्देश था की ट्रांसफर चुनाव के मद्देनजर अधिकारियों के लोकसभा क्षेत्र से बाहर किए जाएं लेकिन जब ट्रांसफर किए गए लोकसभा क्षेत्र के अंदर ही ट्रांसफर किए गए जो देखने को मिला।
प्रदेश वासियों के नजरिए में वर्तमान सरकार की छवि कैसे सुधारें इस पर बिल्कुल भी जोर नहीं
कांग्रेस को प्रदेश में पांच साल का ही कुल मौका प्रदेश की जनता ने प्रदान किया जिसके पीछे की वजह यह रही की कांग्रेस शासनकाल में सरकार को लेकर जनता का नजरिया अच्छा नहीं रहा वहीं प्रशासन सहित नौकरशाही हावी रही और अवैध कारोबार जमकर फले फूले। कुल मिलाकर कांग्रेस ने सरकार की छवि को लेकर काम नहीं किया। अब वही भाजपा सरकार के प्रारंभिक कार्यकाल में देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अवैध कारोबार रोकने की कवायद बिल्कुल नहीं की जा रही है बशर्ते उन्हे आश्रय दिया जा रहा है साथ ही प्रशासन शासन की छवि भी प्रदेशवासियों के समाने अच्छी नहीं जा रही है जिसकी वजह से सरकार की ही छवि को झटका लग रहा है। सरकार छवि सुधारने के मामले में ध्यान नहीं दे रही है जो देखा जा रहा है। जो कांग्रेस शासनकाल में मजे में थे जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप थे उनमें से अधिकांश को भाजपा शासन में भी मौका दिया जा चुका है जो वर्तमान सरकार की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं।
क्या मंत्रियों विधायकों के लिए उनकी कमाई ही महत्वपूर्ण या प्रदेश के उनके क्षेत्र के लोगों का भरोसा भी उनकी प्राथमिकता?
प्रदेश के भाजपा के निर्वाचित विधायक मंत्रियों की प्राथमिकता क्या है यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है,देखने में आ रहा है की सभी के लिए उनकी कमाई महत्वपूर्ण है प्रदेश की जनता को अनाज और आवास देकर ही उनका वह ख्याल रखने वाले हैं संतोष का मंत्र उनके लिए वह बताने वाले हैं ,प्रदेश की जनता की उन्नति और उनकी तरक्की कतई प्राथमिकता नजर नही आ रही है जो देखने को मिल रहा है। जनता का भरोसा और उनका विश्वास उन्हे मुफ्त योजनाओं के भरोसे ही देना चाहते हैं विधायक मंत्री,वैसे प्रदेश की जनता का भरोसा बिना जीते वर्तमान भाजपा सरकार का राह आसान नहीं है।
कुछ विधायक मंत्रियों के बदले तेवर,पूर्व कांग्रेस शासनकाल के विधायक मंत्रियों की तर्ज पर कर रहे काम
कुछ विधायक मंत्रियों के तेवर बदले नजर आ रहे हैं,वह पूर्व कांग्रेस शासनकाल के मंत्रियों विधायकों के ही तर्ज पर काम करते नजर आ रहे हैं। भ्रष्टाचार मामलों में वह मौन हैं,जिन्हे पूर्व कांग्रेस शासनकाल में मंत्रियो विधायकों ने लूट खसोट के लिए अपने पास रखा था उन्हे ही कुछ वर्तमान ने भी अपने पास रखा है,मुंह से बड़ी बड़ी बातें और सुशासन की घोषणाएं करने वाले विधायक मंत्री अब सुशासन के विपरीत चलते नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर प्रदेश की जनता को जो सज बाग दिखाकर साा में वापसी कर पाए वर्तमान सरकार के नुमाइंदे वह अब अपने वादे भूल अपने हित साधने में ही लगे हैं,उन्हे क्षेत्र की और प्रदेश की जनता की फिक्र से ज्यादा अपनी और अपने परिजनों की फिक्र है।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply