- क्या कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के तरगवां ग्राम में विदेशी महिला की भूमि पर हो रहा भवन निर्माण?
- विदेशी महिला ने नाम से ग्राम तरगवां में है 21.97 हेक्टेयर भूमि,विदेशी महिला भूमि पर कभी नहीं दिखीं काबिज कास्त
- विदेशी महिला का कोरिया राज परिवार से है नाता, राजपरिवार की हैं सदस्य
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 16 मार्च 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम तरगवां में विदेशी महिला के नाम पर दर्ज 21.97 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा दर्ज कराने की कोशिश जारी है ऐसी सूचना प्राप्त हो रही है। विदेशी महिला जो राज परिवार की ही सदस्य बताई जा रही हैं कोरिया राज परिवार की उनके नाम पर ग्राम तरगवां में खसरा क्रमांक 71 के अनुसार 21.97 हेक्टेयर भूमि दर्ज है जो उन्हे राजस्व विभाग के नियम अनुसार फौती दर्ज होने स्वरूप प्राप्त हुई है। अब इस मामले में सवाल यह है की एक विदेशी महिला ने नाम पर भारत में क्या राजस्व भूमि दर्ज ही सकती है। वैसे जिस विदेशी महिला ने नाम पर उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है वह कभी ग्राम में आईं हों ऐसा बताने कोई भी तैयार नहीं है या जानकर कोई नहीं है की वह कभी ग्राम में आईं हों।
ग्राम के लोगों के अनुसार उक्त भूमि पर समय समय पर कई अलग अलग लोग काबिज रहते चले आए और जो बाद में कब्जे से बेदखल हुए लेकिन इस बार जमीन पर भवन का निर्माण होने जा रहा है और इस बार पूरी तरह कब्जे की तैयारी है जैसा बताया जा रहा है। कब्जे के लिए ही यह भवन बनाया जा रहा है जो सूत्रों का कहना है वहीं बताया यह भी जा रहा है की भूमि पर जो भवन बनने जा रहा है पहले उसे बड़े नक्शे के आधार पर बनाया जाना था लेकिन अब भवन को जल्दबाजी में बनाया जा रहा है और जिसके लिए अब मिट्टी के गिलावे से ही निर्माण की तैयारी है। अब पूरे मामले में सवाल यह है की क्या किसी विदेशी मूल के नागरिक के नाम से भारत में राजस्व भूमि दर्ज होना राजस्व नियमों के अनुसार सही है।
भूमि पर समय समय पर अलग अलग लोगों का रहा है कब्जा
तरगवां की खसरा क्रमांक 71 की भूमि पर समय समय पर कई अलग अलग लोगों का कब्जा बना रहा है। विगत दो वर्षों से अब यह कब्जा नए व्यक्ति के पास है और उसी के द्वारा भूमि पर फसल उगाई जा रही है वह भी ग्राम के ही लोगों को अधिया देकर। ग्राम के लोग ही भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। भूमि पूरी तरह कृषि भूमि है और भूमि पर रवि एवं खरीफ फसल दोनो फसल उगाई जाती है। इस वर्ष भूमि पर धान की अच्छी फसल भी हुई है। भूमि पर हर किस्म के धान की फसल बंपर मात्रा में पैदावार प्राप्त करती है।
कोरिया राज परिवार के हिस्से की है भूमि,फौती प्रक्रिया के तहत भूमि का स्वामित्व फिलहाल विदेशी महिला के पास
ग्राम तरगवां की खसरा क्रमांक 71 की 21.97 हेक्टेयर भूमि कोरिया राज परिवार के हिस्से की भूमि है,उक्त भूमि राजस्व नियमों के तहत फौती प्रक्रिया के पालन स्वरूप विदेशी महिला के नाम पर दर्ज है। विदेशी महिला जिसकी नागरिकता सूत्रों के हिसाब से विदेश की है उक्त भूमि की स्वामी हैं लेकिन वह कभी भूमि देखने या उसपर कब्जा दर्ज कराने आई हों ऐसा कोई बताने ग्राम में मौजूद नहीं है। ग्राम के लोगों के अनुसार भूमि पर कभी भूमि स्वामी को आते नहीं देखा गया न ही उनके द्वारा कभी भूमि पर कोई फसल ही उगाई गई।
विदेशी महिला के नाम भूमि दर्ज होने के कारण सहकारी समिति से मिलने वाला लाभ नहीं मिलता कब्जाधारी को
भूमि चूंकि विदेशी महिला ने नाम पर दर्ज है इसलिए भूमि का पंजीयन सहकारी समिति में भी नहीं है। भूमि का सहकारी समिति में पंजीयन न होना कब्जाधारी के लिए नुकसान का विषय है क्योंकी वह फसल का समर्थन मूल्य इसलिए प्राप्त नहीं कर सकता क्योंकि भूमि के असली स्वामी का मौजूद होना जरूरी है। फसल खुले बाजार में ही बेची जा सकती है। अब सहकारी समिति में पंजीयन न होना ही यह साबित करता है जो सूत्रों का कहना है की भूमि विदेशी महिला के नाम पर है इसलिए ऐसा करना गैर कानूनी होगा।
क्या विदेशी नागरिक भारत में भू स्वामी बन सकता है?
वैसे कब्जा करने वाले की मंशा यह हो सकती है की वह कब्जे के आधार पर जो कई वर्षों पुराना कब्जा हो अपना स्वामित्व भूमि पर जता सके लेकिन जानकारों के अनुसार विगत दो वर्ष पूर्व तक ही भूमि पर ग्राम के ही एक निवासी का कब्जा था वही भूमि पर खेती करता था उसके पूर्व एक अन्य का कई वर्षों तक कब्जा था वहीं दो वर्षों से ही भूमि पर अब नए व्यक्ति के कब्जा किया है जो भवन भी बनाने में जुट चुका है। मामला राजस्व विभाग के लिए जांच का इसलिए भी है क्योंकि भूमि का रकबा काफी बड़ा है और भूमि केवल कब्जे के आधार पर ही लगातार कब्जाधारी बदल रहे हैं। अब नए कब्जेधारी ने कब्जा पुख्ता करने के लिए भवन निर्माण की तैयारी की है जो निर्माण शुरू हुआ है जो सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है।