नई दिल्ली,16 मार्च 2024। महिलाओं के साथ बलात्कार, यौन उत्पीड़न और छेड़खानी जैसी घटनाएं बदस्तूर जारी हैं. महिलाएं और लड़कियां बाहर तो छोडि़ए घर में भी असुरक्षित हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आकंड़ों पर गौर करें तो अपने देश में 96 फीसदी रेप केस में रेपिस्ट पीडç¸ता के रिश्तेदार या परिचित होते हैं. साल 2021 में रेप के 30571 ऐसे मामले दर्ज किए गए, जिनमें वारदात करने वाला पीडç¸ता के जानकार थे. रेप के 2424 मामलों में तो पीडç¸ता के परिवार के किसी सदस्य ने ही उसके साथ वारदात को अंजाम दिया था. इसी तरह का एक मामला केरल में पलक्कड़ में सामने आया है. बलात्कार के एक मामले में पीडç¸ता नाबालिग लड़की है।
आरोपी की उम्र 65 साल है. वो आए दिन पीडि़ता को अपनी हवस का शिकार बनाया करता था. उसे इस मामले में खुलासा करने पर जान से मारने की धमकी भी देता था. यहां तक कि पीडि़ता के अन्य परिजनों की उपस्थिति में भी वो उसके साथ बलात्कार करता था. इस मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को कुल 83 साल की कारावास की सजा सुनाई है. पट्टांबी फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी) के न्यायाधीश रामू रमेश चंद्र भानु ने आरोपी शख्स को पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि के कारावास की सजा सुनाई है. विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) निशा विजयकुमार ने कहा कि इस केस में दोषी करार दिया गया शख्स कम से कम 40 साल तक जेल में सजा काटेगा. उसके अलग-अलग सजा दी गई है, जो कि सभी एक साथ उसे काटनी होंगी।
