कोरबा,@पति द्वारा पत्नी के 75 हजार,गहने और समान हड़प लिए जाने पर आयोग ने एफआईआर दर्ज करने दिया आदेश

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कोरबा,15 मार्च 2024 (घटती-घटना)। छाीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने जिला कलेक्टर कोरबा सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छाीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में 248 वीं एवं कोरबा जिला की 07 वीं सुनवाई हुई। कोरबा जिले में आयोजित जनसुनवाई में कुल 36 प्रकरण सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान आज के प्रकरण दोनो पक्ष उपस्थित अनावेदक से 01 मई 2019 में विवाह किया था । विवाह के बाद पति ने आवेदिका के नाम पर 75 हजार रूपए का ऋण निकाला था । पुरी राशि लेने के बाद आवेदिका को प्रताडि़त करने लगा। जिसका विस्तृत यौरा आवेदिका ने अपने आवेदन पत्र में लिखा है। आवेदिका का पैसा छीनने के बाद आवेदिका का पति नशा करके मारपीट करने लगा और उसके प्रताड़ना के बाद आवेदिका का गर्भपात हो गया। तब वह छः माह मायके में रही। जिसके पश्चात् दोनो पक्ष को समझाईश पर आवेदिका अपने पति के साथ में रहने लगी। तब आवेदिका के पति ने सारे गहने व सामान गायब कर दिया और आवेदिका पर दोषारोपण करने लगा। महज 10 दिन के बाद तीनों अनावेदकगणों ने आवेदिका को दबाव डाला और पंचायत में बैठकर आवेदिका को एक कोरे पन्नें में तलाकनामा लिखवा दिया तथा 75 हजार रूपए के साथ लिए गए गहने और सामान भी वापस नहीं दिया। जिससे पीडि़त होकर आवेदिका ने आयोग में शिकायत दर्ज करायी । आयोग ने दोनो पक्ष को विस्तार से सुनने के पश्चात् यह पाया कि आवेदिका का पति 75000/- का लोन आवेदिका के नाम पर निकलवाया और उससे अपने घर में शौचालय बनवाया और बाकी रकम गहने आवेदिका से छीनकर अपने घर से निकाल दिया ढ्ढ इस कार्य में आवेदिका के पति का पूरा परिवार सहयोग किया और शेष दो अनावेदक गांव के निवासी द्वारा कोरे कागज में शपथपत्र तथा तलाकनामा लिखकर आवेदिका को उसके मायके भिजवाया था ढ्ढ जिस पर अनावेदक क्रमांक 2 और 3 ने अपनी गलती स्वीकारा और भविष्य में इस तरह से दोबारा कोरे कागज में तलाकनामा लिखवाने की गलती नहीं करेंगे कहते हुए आयोग से मांगा माफी तथा आश्वासन दिया कि आवेदिका के साथ थाना हरदी बाजार जा कर आवेदिका के पति और परिवार के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने में सहयोग करेंगे। इस पर आवेदिका ने अपनी सहमति व्यक्त की है। इस प्रकरण में आयोग ने आवेदिका को अपने पति एवं परिवार के विरूद्ध थाना हरदीबाजार जा के केस धारा 498 (ए) भा.द.वि. एवं पैसा गबन करने के लिए घोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करवाने की बात कही है । इस कार्य हेतु सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक को निगरानी के लिये दिया गया है।


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