प्रतापपुर,11 मार्च 2024 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में हाथियों का उत्पात जारी है। इसी कड़ी में प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत एक गांव में सोमवार की अलसुबह 2 दंतैल हाथियों ने वृद्ध ग्रामीण के घर को तोडऩा शुरु किया। आवाज सुनकर पति-पत्नी जैसे ही घर से बाहर निकले, हाथियों ने दोनों को कुचलकर मार डाला। बताया जा रहा है कि पिछले साल भी हाथियों ने उक्त दंपति का घर तोड़ा था। इधर सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम के ऊपर ग्रामीण भडक¸ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथियों के गांव की ओर आने की सूचना वन विभाग द्वारा उन्हें दी गई थी।
मिली जानकारी के अनुसार प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत दरहोरा में सोमवार सुबह करीब चार बजे दो दंतैल हाथी विचरण करते हुए हरिधन 69 वर्ष के जंगल किनारे बने घर के पास पहुंचे। घर में हरिधन एवं उसकी पत्नी नन्ही सो रहे थे। हाथियों ने घर की सीट को हिलाया तो डरकर दोनों घर से बाहर निकल आए। हाथियों ने दोनों को पटक-पटककर मार डाला। हाथियों ने घर को तोड़ दिया और घर में रखा अनाज खा गए। उक्त दंपती की कोई संतान नहीं होने के कारण दोनों अकेले ही घर में थे। तोडफ़ोड़ एवं चिंघाड़ सुनकर आसपास रहने वाले लोगों ने शोर मचाया तो हाथी पास के जंगल में घुस गए। सूचना पर सुबह वनविभाग का अमला गांव में पहुंचा। वनअमले को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। हाथियों के मौजूदगी की पूर्व सूचना नहीं दिए जाने को लेकर लोगों में आक्रोश है।
एसडीओ फारेस्ट अशुतोष भगत ने घटना की पुष्टि की है। भगत ने बताया कि वृद्ध दंपती को मारने वाले दो दंतैल हाथियों में एक सीतापुर, लुंड्रा से अंबिकापुर वनपरिक्षेत्र होते हुए कल्याणपुर के रास्ते प्रतापपुर वनपरिक्षेत्र में पहुंचा है। दूसरा दंतैल वाड्रफनगर क्षेत्र में वितरण कर रहे 34 हाथियों के दल से अलग होकर प्रतापपुर क्षेत्र में पहुंचा है। करीब 15 दिनों से हाथी गणेशपुर, सिंघरा व सरहरी के जंगल में विचरण कर रहे थे। घटना के बाद वन अधिकारियों ने हाथियों से सतर्क रहने एवं दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी है। दोनों हाथी आक्रामक है। इनमें से एक हाथी ने 10 दिनों पूर्व लुंड्रा क्षेत्र में एक बुजुर्ग को मार डाला था।
