- शासकीय भूमि क्षति के मामले में हो सकती है बड़ी कार्यवाही,कलेक्टर सरगुजा ने मामले में अनावेदक बंसू सहित 8 अनावेदकों को किया जवाब तलब
- क्या अनावेदक सही दस्तावेज के साथ अपना पक्ष रख पाएंगे…या मामले को खींचने का यह है नयाब तरीका?

-भूपेन्द्र सिंह-
अंबिकापुर,11 मार्च 2024 (घटती-घटना)। अंबिकापुर शहर का बहुत चर्चित राजमोहिनी शासकीय भूमि का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है लगातार इस मामले को लेकर दैनिक घटती-घटना ने खबर प्रकाशन किया था और शासकीय भूमि को बचाने की मुहिम छेड़ी थी,इसके बाद इस मामले में कलेक्टर सरगुजा ने संज्ञान लेकर मामले को अपने न्यायालय में प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की है, शासकीय रिकॉर्ड में यह शासकीय भूमि है और आखिरी निजी कैसे हुई इसकी जांच अब शुरू हो गई है जिसे लेकर सरगुजा कलेक्टर ने बंसू को राजस्व न्यायालय में तलब किया है,भूमि कैसे उनके नाम हुई इन सब सारे दस्तावेजों की जांच होगी अब देखना यह है कि अनावेदकगण अपना दस्तावेज व पक्ष कितना मजबूत रखते हैं। मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर सरगुजा ने शासकीय भूमि के क्षति के मामले में बड़ी कार्यवाही करते हुए अनावेदक बंसू सहित 8 अनावेदकों को कलेक्टर न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने कहा है। गौरतलब है कि तहसीलदार (नजूल) अम्बिकापुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार नमनाकला, अम्बिकापुर स्थित शासकीय नजूल भू-खण्ड क्रमांक 243/1 रकबा 1.710 हे. (4.22 एकड़) भूमि सरगुजा सेटलमेंट मे गोचर मद की भूमि है, जिसे अनियमित पट्टा और विधिक प्रावधानों के विपरीत अनावेदक बंसू द्वारा अपने नाम पर कराते हुये उक्त शासकीय नजूल भूमि में से कई व्यक्तियों को विक्रय कर दिया गया है। जिसमें अनावेदक सतीश शर्मा, सन्मोगर वारियर, अभिषेक नागदेव, शेखर अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, अनुषा नागदेव, महेश कुमार केडिया और दिनेश कुमार शामिल हैं। इससे शासन के भूमि का गबन हुआ है जिसमें नजूल विभाग के कई बड़े अधिकारी सहित कई कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है जिन पर आवेदक के द्वारा एफ आईआर दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है।
धारा 50 के तहत पुनरीक्षण
इस प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण को छ.ग. भू राजस्व संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण में ग्राहय कर सुनवाई किया जा रहा है। इस प्रकरण में अनावेदक बंसु आत्मज भटकुल निवासी फुन्दुरडिहारी, तहसील अम्बिकापुर एवं उपरोक्त 08 अनावेदकगण को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने हेतु पेशी तिथि दिनांक 14 मार्च 2024 को 3.00 बजे दोपहर को नियत किया गया है। जिला दण्डाधिकारी/कलेक्टर सरगुजा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी अनावेदकगण उक्त पेशी तिथि में कलेक्टर न्यायालय में उपस्थित होकर अपना-अपना जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि को अनावेदकगण यदि जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं तो प्रकरण में एकपक्षीय रूप से अग्रिम कार्यवाही करते हुये प्रकरण में गुण दोष के आधार पर आदेश पारित कर दिया जायेगा।
क्या इस मामले में 14 मार्च के बाद कोई बड़ी कार्रवाई होगी?
राजमोहिनी शासकीय भूमि जमीन मामले में काफी लंबा समय हो चुका है पर इस मामले में अभी तक अंदरूनी जांच ही हुई है कार्यवाही होगी या नहीं होगी इसका सबको इंतजार है, वही मानना यह है कि जिस प्रकार से कछुए की चाल में जांच कार्यवाही चल रही है कहीं इस मामले को लंबा खींचकर जमीन दोज करने का तो इरादा नहीं है ? वैसे उम्मीद जताई जा रही है कि सरगुजा के कलेक्टर काफी निष्पक्ष है और उनसे कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है पर देखना यह है कि क्या 14 मार्च के बाद इस पर एफआईआर की कार्यवाही होगी या फिर सही तरीके से शासकीय भूमि अनेवेदकों को के नाम चढ़ी है इसका खुलासा होगा?