शनिवार शाम हुई घोषणा,छत्तीसगढ़ के सभी 11 प्रत्याशियों की घोषणा

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,02 मार्च 2024 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना की खबर पर एक बार फिर मुहर लगी है,भाजपा ने राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय को कोरबा लोकसभा से उम्मीदवार बनाया है,इस बात को लेकर घटती घटना ने पिछले अंक में समाचार का प्रकाशन किया था,भाजपा द्वारा शनिवार शाम छत्तीसगढ़ की कोरबा समेत सभी 11 सीटो पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है,मंत्री बृज मोहन अग्रवाल को रायपुर से उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने एक बार फिर चौकाया है तो वहीं दुर्ग से विजय बघेल एवं राजनांदगांव से संतोष पाण्डेय को दोबारा मौका दिया गया है। भाजपा द्वारा अपनी पहली सूची में रायपुर से बृजमोहन अग्रवाल,दुर्ग से विजय बघेल,कोरबा से सरोज पांडे,महासमुंद से रूप कुमारी चौधरी, जांजगीर से कमलेश जांगड़े,बस्तर से महेश कश्यप,राजनांदगांव से संतोष पांडे,सरगुजा से चिंतामणि महाराज,बिलासपुर से तोखन साहू,रायगढ़ से राधेश्याम राठिया,कांकेर से भोजराज नाग को उम्मीदवार बनाया गया है। 11 उम्मीदवारों में विजय बघेल एवं संतोष पाण्डेय ही ऐसे प्रत्याशी हैं जिन्हे दोबारा मौका मिला है,जबकि बाकी सभी सीटों पर नए चेहरे उतारे गए हैं। पार्टी ने रायपुर से बृज मोहन अग्रवाल को मैदान में उतारकर फिर से लोगो को चौका दिया है।कोरबा लोकसभा से एक दर्जन से अधिक दावेदार थे लेकिन पार्टी ने अपने भरोसेमंद चेहरे पर दाव खेला है।कोरबा लोकसभा से प्रत्याशी बनाई गई सरोज पांडेय को। भारतीय जनता पार्टी ने कोरबा लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया अब सरोज पाण्डेय ही भाजपा उम्मीदवार होगी यह तय हो गया है, संभावना पहले से ही थी कि यहां से वर्तमान में राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय को चुनाव में उतारा जा रहा है,राज्यसभा से सुश्री पांडेय का कार्यकाल अब कुछ ही दिनों का शेष रह गया है। उन्हे कोरबा लोकसभा सीट से मैदान में उतारे जाने की बात को इसलिए भी बल और मिल रहा था जिसमें कि उनके द्वारा इस लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1-1 करोड़ की राशि सोलर लाईट के लिए दी गई है। गुरूवार की रात दिल्ली में भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी रखी गई थी जिसमें छाीसगढ की विभिन्न सीटों के साथ ही कोरबा लोकसभा सीट से भी उम्मीदवार तय होने की जानकारी मिल रही थी,वहीं अब नामो की घोषणा हो गई और सरोज पाण्डेय को कोरबा से उम्मीदवार बना दिया गया है।
ऐसे में यह स्पष्ट था कि केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक मे लगेगी सरोज पाण्डेय के नाम पर मुहर
बतलाया जाता है कि गुरूवार रात दिल्ली में केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक रखी गई थी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत गृह मंत्री अमित शाह,पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित समिति के सदस्य शामिल हुए। छाीसगढ से बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,प्रदेश अध्यक्ष किरण देव आदि नेताओं के शामिल होने की खबर थी। इस बैठक में पिछले लोकसभा चुनाव में हारी हुई सीटों के उम्मीदवार तय होने की जानकारी मिल रही थी वहीं यह अब तय हो गया की कोरबा से सरोज पाण्डेय ही लोकसभा में पार्टी उम्मीदवार होंगी। पार्टी ने इसकी घोषणा कर दी और अब कई दावेदारों की दावेदारी भी समाप्त हो गई।
केन्द्रीय नेतृत्व की भरोसेमंद चेहरा हैं सरोज
सांसद सरोज पांडेय राज्य ही नही बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखती हैं,वे पूर्व में महापौर,विधायक एवं सांसद रह चुकी हैं। तथा पूर्व में महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुकी हैं,वर्तमान में वे पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। उन्हे केन्द्रीय नेतृत्व का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। अलग-अलग मौकों पर उन्हे नेतृत्व द्वारा अन्य जिम्मेदारियां भी दी जाती हैं,गत विधानसभा चुनाव के बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री का चयन करने वाली टीम में भी उन्हे शामिल किया गया था जिससे उनकी स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। सरोज पांडेय एक बड़ी लीडर हैं,जिस प्रकार से कोरबा लोकसभा क्षेत्र में डॉ.चरणदास महंत को व्यक्तिगत रूप से मजबूत माना जाता है उससे स्पष्ट है कि भाजपा को इस सीट पर बड़ा चेहरा ही जीत दिला सकता है। स्थानीय उम्मीदवारों की भाजपा में लंबी सूचि है लेकिन उनमें से कोई भी प्रत्याशी जीतने लायक स्थिति में नही है यह बात केन्द्रीय नेतृत्व को अच्छे से मालूम है। यह भी उल्लेखनीय है कि कोरबा लोकसभा सीट से तैयारी कर रहे दावेदार किसी ना किसी रूप मे कमजोर माने जा रहे थे,कई दावेदार तो गुटबाजी के शिकार भी थे।
भाजपा जिलाध्यक्ष कोरिया सहित चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉक्टर राकेश शर्मा की दावेदारी पार्टी ने सिरे से की खारिज
कोरबा लोकसभा सीट से वैसे तो कई ऐसे दावेदार भाजपा से टिकट की मांग कर रहे थे जो इसी लोकसभा सीट के अंतर्गत निवास करते हैं कहने को आज के राजनीतिक भाषा अनुरूप स्थानीय हैं। इनमे से कई योग्य भी थे वहीं कई ऐसे थे जो मोदी लहर में चुनाव जीतने की उम्मीद में टिकट की मांग कर रहे थे जबकि वह जानते थे वह अपने व्यक्तिगत चेहरे पर शायद ही स्थानीय मत भी प्राप्त कर पाते इन्हीं में से दो दावेदार कोरिया जिले से भी इस दौड़ में शामिल थे जिनमे से एक भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष कोरिया टिकट की मांग कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ कई सालों से इसके लिए डॉक्टर राकेश शर्मा मेहनत कर रहे थे। वैसे जिलाध्यक्ष भाजपा के लिए टिकट की मांग करना उसके लिए खर्चीला मामला नहीं था वह तभी से सक्रिय हुए थे जबसे प्रदेश में भाजपा साा में वापसी कर पाई थी वहीं जिले में भी विधायक भाजपा के ही थे वहीं डॉक्टर राकेश शर्मा के लिए मामला खर्चीला साबित हुआ टिकट की मांग करने वाला। कई वर्षों से अपना जन्मदिवस खुद प्रायोजित करना इस वर्ष घर घर मिठाई बांटना यह बताता है की वह कितने आश्वस्त थे। वैसे चुनाव और राजनीति के लिए एक बेहतर चेहरा वह साबित नहीं होते न ही पार्टी के लिए ही वह स्थानीय मत जुटा पाते ऐसा आम लोग ही मान रहे थे जबकि पार्टी के सर्वे में यह बात सामने आई और वह दौड़ में शामिल ही नहीं थे यह साबित हो गया।
सरोज पांडे का अब तक का सफर
साल 2018 मे राज्यसभा सांसद चुना गया था। सरोज पांडे ने कांग्रेस के प्रत्याशी लेखराम साहू को हराकर जीत दर्ज की थी। सरोज पांडेय 22 जून 1968 को छत्तीसगढ़ के भिलाई में श्यामजी पांडे और गुलाब देवी पांडे के घर जन्मीं। पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कीं। पहली बार साल 2000 और 2005 में दूसरी बार दुर्ग की मेयर बनीं। साल 2008 में पहली बार वैशाली नगर से विधायक चुनी गईं। इसके बाद बीजेपी ने साल 2009 के लोकसभा चुनाव में दुर्ग संसदीय सीट से जीत हासिल की। 2013 में, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। साल 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू से हार गईं। बीजेपी ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया और मार्च 2018 में राज्यसभा के लिए चुना गया। वर्तमान में वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन कर रही हैं।
कोरबा और बस्तर सीट पर भाजपा का विशेष ध्यान
चार जिलों की आठ विधानसभा सीट मे बंटे कोरबा लोकसभा सीट पर इस बार भाजपा केन्द्रीय नेतृत्व का विशेष ध्यान है, पिछली बार मोदी लहर के बावजूद भाजपा ने बस्तर समेत कोरबा लोकसभा सीट गंवा दी थी। पिछले तीन वर्षो से चुनावी तैयारी के बीच भाजपा ने इन दोनो ही सीट को ध्यान में रखते हुए कार्य किया है। बात अगर कोरबा लोकसभा के संबंध में की जाए तो केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने इस लोकसभा क्षेत्र का कई बार दौरा किया,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस लोकसभा में अपनी सभा लेकर एक संदेश देने की कोशिश की थी। तभी से यह लगने लगा था कि भाजपा पिछली बार की हार को यहां दोहराना नही चाहती है। लगातार पार्टी नेताओं को इस सीट पर मेहनत करते भी देखा गया है।
सरोज पांडेय ने दी कार्यो की स्वीकृति,इस वजह से मानी जा रही थीं संभावित उम्मीदवार
घटती-घटना अखबार ने पहले ही इस बात का संकेत दे दिया था कि कोरबा लोकसभा सीट से भाजपा राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय को भी मैदान में उतार सकती है, लगातार उनके नाम की चर्चा भी चलने लगी थीं। हलांकि उनका चुनावी दौरा अभी तक इस क्षेत्र में नही हुआ है लेकिन इसके बाद भी उनके इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की पूरी संभावना तय हो चुकी थी जो अब स्पष्ट हो गया की वही कोरबा लोकसभा से उम्मीदवार होगी। राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय द्वारा फरवरी माह में ही लोकसभा की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 1-1 करोड़ के कार्यो की स्वीकृति दी गई है जिससे कि उनके चुनाव तैयारियों को बल मिलता माना जा रहा था। बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के 20 ग्राम पंचायतो में अलग-अलग 5 लाख 20 हजार की लागत से सोलर हाईब्रीड लाईट लगाने की अनुशंशा की गई है। जिसके बाद यह संभावना बढ गई थी कि वे कोरबा लोकसभा क्षेत्र से ही दावेदारी कर रही हैं और हुआ भी वही उन्हे उम्मीदवार बना दिया गया।