इस थाने में की गई शिकायत… किस धारा में अपराध हुआ दर्ज…
रायपुर,28 फरवरी 2024 (ए)। सीजीपीएसी में हुए घोटाले को लेकर पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी सहित कई लोगों के खिलाफ बालोद के अर्जुन्दा थाने में शिकायत दर्ज की गई है। अर्जुन्दा क्षेत्र निवासी अभ्यर्थी की शिकायत पर एफआईआर नंबर 00028/24 धारा 120 बी, आईपीसी,420 आईपीसी ,12 पीआरई के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर को शिकायत पोर्टल पर सेंसिटिव रखा गया है। पुलिस ने अभ्यर्थी की शिकायत पर अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, अर्जुन्दा क्षेत्र निवासी अभ्यर्थी ने शिकायत में बताया कि 2021 में सीजीपीएसी की परीक्षा में शामिल हुआ था। प्रिलिम्स और मेंस पास करने के बाद इंटरव्यू तक पहुंचा था। उसका इंटरव्यू अच्छा गया था, उसने सारे सवालों के जवाब भी अच्छे से दिए थे। इसके बावजूद उसका चयन नहीं हो सका, जबकि जिनका इंटरव्यू अच्छा नहीं गया, जो इस इंटरव्यू में जल्दी बाहर आ गए ऐसे लोगों का इसमें चयन हो गया।
अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि चयन सूची में पीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी का बेटा, बहू, पुत्री सहित रिश्तेदारों और कांग्रेसी नेता, अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के करीबियों का चयन हुआ। इसके अलावा प्रोफेसर भर्ती में जो लोग परीक्षा में बैठे नहीं थे ऐसे उम्मीदवारों का चयन हुआ।
इस मामले में पीçड़त अभ्यर्थी ने अर्जुन्दा थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल, पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। कहा जा रहा है जांच के बाद मामले में जल्द ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
अनियमितता के कारण सी जी पीएससी में नहीं हुआ चयन, अब युवक ने उठाया यह कदम
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सी जी पीएससी 2021 की चयन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी सहित अन्य के खिलाफ बालोद जिला के अर्जुन्दा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। समूचा मामला 2021 में हुई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा पीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का है। इंटरव्यू तक पहुंचने वाले एक युवक की शिकायत पर अर्जुन्दा थाना पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस की माने तो पिछले सीजी पीएससी परीक्षा थी। उसमें एक युवक द्वारा लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया है। कि सीजी पीएससी में अनियमितता हुई है जिसके कारण उस प्रार्थी का चयन नहीं हो पाया है। उस पर 28 / 24 थाना अर्जुन्दा में अपराध दर्ज किया गया है। वहीं भ्रष्टाचार अधिनियम 420 के तहत जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा संबंधित एजेंसी को सौंपी जाएगी। अग्रिम विवेचना के लिए मामले की डायरी उन्हें सौंपी जायेगी।
