मोदी ने राजकोट से 5 एम्स,और पुल का किया उद्घाटन
राजकोट,25 फरवरी 2024 (ए)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजकोट पहुंचे हैं। यहां से उन्होंने राजकोट(गुजराज), मंगलगिरी (आंध्र प्रदेश), बठिंडा (पंजाब), रायबरेली (उत्तर प्रदेश), और कल्याणी (पश्चिम बंगाल) स्थित 5 नवनिर्मित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का उद्घाटन किया। उन्होंने राजकोट में एक सार्वजनिक समारोह में इन प्रतिष्ठानों का उद्घाटन किया। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने द्वारका में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से बने ओखा मुख्य भूमि और बेयट द्वारका द्वीप को जोड़ने वाले ‘सुदर्शन सेतु’ का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 2.32 किमी लंबा केबल-आधारित पुल देश में अपनी तरह का सबसे लंबा पुल है।
पीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना
वहीं विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 50 वर्षों तक देश में सिर्फ एक एम्स था और वो भी दिल्ली में। आजादी के 7 दशकों में सिर्फ 7 एम्स को मंजूरी दी गई लेकिन वे भी कभी पूरे नहीं बन पाए। आज बीते 10 दिन में 7 नए एम्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसलिए मैं कहता हूं कि जो 6-7 दशकों में नहीं हुआ, उससे कई गुना तेजी से हम देश का विकास करके जनता के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। आज 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 200 से अधिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रख्र प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।
राजकोट एम्स का उद्घाटन
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने गांधीनगर में बताया कि राजकोट शहर के बाहरी इलाके में पारा पिपलिया गांव के पास सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल का बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) पहले से ही चालू है, प्रधानमंत्री आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी ने दिसंबर 2020 में डिजिटल माध्यम से राजकोट एम्स की आधारशिला रखी थी। पटेल ने कहा कि ‘‘करीब 201 एकड़ में फैला राजकोट एम्स 720 बिस्तर वाला एक विश्वस्तरीय अस्पताल है, जिसमें आईसीयू और सुपर-स्पेशलिटी बिस्तर भी शामिल हैं। 25 फरवरी को प्रधानमंत्री 23 ऑपरेशन थिएटर, 30 बिस्तर वाले आयुष खंड और 250 बिस्तर वाले आईपीडी का उद्घाटन करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि अस्पताल 1,195 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुआ है और ओपीडी सेवा का अब तक लगभग 1.44 लाख मरीज लाभ उठा चुके हैं।
रोड शो में शामिल हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी राजकोट के ‘रेस कोर्स’ मैदान में एक रैली को संबोधित किए। वह पुराने हवाई अड्डे से रैली स्थल तक एक किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया। पटेल ने कहा कि समारोह के दौरान प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से मंगलगिरी (आंध्र प्रदेश), बठिंडा (पंजाब), रायबरेली (उत्तर प्रदेश), और कल्याणी (पश्चिम बंगाल) स्थित चार अन्य नवनिर्मित एम्स का उद्घाटन किया। मंत्री ने बताया कि इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी राज्य और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रेलवे, ऊर्जा और पेट्रो रसायन, सड़क एवं भवन, बंदरगाह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसे केंद्रीय विभागों की 48,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इनमें से 35,700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं गुजरात के लिए हैं, जबकि शेष अन्य राज्यों के लिए हैं। पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री जिन प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे, उनमें कच्छ में बिजली उत्पादन परियोजनाएं, नयी मुंद्रा-पानीपत कच्चा तेल पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यास, वड़ोदरा में नया हृदय रोग विज्ञान अस्पताल और राजकोट-सुरेंद्रनगर रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं।
कैसा था जलमग्न द्वारका नगरी का दृश्य?
पीएम मोदी की समुद्र में डुबकी का वीडियो आया सामने…ध्यान करते आए नजर
सुदर्शन ब्रिज के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 फरवरी को गुजरात के द्वारका में गहरे पानी में उतरकर द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसे दिव्य अनुभव बताते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि वह आध्यात्मिक भव्यता के एक प्राचीन युग से जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पीएम मोदी के द्वारका में गहरे पानी के अंदर की तसवीरें सामने आने के बाद अब उनके जलमग्न द्वारका नगरी जाने की वीडियो सामने आया है। मोटर बोट पर मोरपंख के साथ बैठे पीएम मोदी गहरे पानी में जाते हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री गहरे पानी के अंदर जहां द्वारिका नगरी स्थित मानी जाती है, हाथ जोड़ कर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, द्वारका शहर में प्रार्थना करना, जो पानी में डूबा हुआ है, एक बहुत ही दिव्य अनुभव था। मुझे आध्यात्मिक भव्यता और कालातीत भक्ति के एक प्राचीन युग से जुड़ा हुआ महसूस हुआ। भगवान श्री कृष्ण हम सभी को आशीर्वाद दें।” पीएम ने अपनी पानी के अंदर की तस्वीरें भी शेयर की हैं।
द्वारका, हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित एक पौराणिक शहर है, जिसके बारे में माना जाता है कि इस पर भगवान कृष्ण का शासन था। हिंदू मान्यता के अनुसार, कृष्ण के पृथ्वी से प्रस्थान के बाद यह शहर समुद्र में समा गया। पीएम मोदी ने द्वारका दर्शन के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, आज, मैंने उन क्षणों का अनुभव किया जो हमेशा मेरे साथ रहेंगे…मैं समुद्र की गहराई में गया और प्राचीन द्वारका शहर के दर्शन किए। पुरातत्वविदों ने पानी के नीचे छिपे द्वारका शहर के बारे में बहुत कुछ लिखा है। हमारे धर्मग्रंथों में भी, द्वारका के बारे में कहा जाता है कि यह खूबसूरत दरवाजों और दुनिया की चोटी जितनी ऊंची इमारतों वाला शहर था। भगवान कृष्ण ने स्वयं इस शहर का निर्माण किया था।
उन्होंने आगे कहा,जब मैं समुद्र की गहराई में गया, तो मुझे दिव्यता का अनुभव हुआ…मैंने द्वारकाधीश के सामने सिर झुकाया। मैं अपने साथ एक मोर पंख ले गया और उसे भगवान कृष्ण के चरणों में, प्राचीन द्वारका शहर के अवशेष के पास रख दिया। मैं हमेशा वहां जाने और उसे छूने के लिए उत्सुक था। मैं आज भावनाओं से भर गया हूं… दशकों पुराना सपना आज पूरा हो गया। इससे पहले आज, पीएम मोदी ने ओखा को बेयट द्वारका द्वीप से जोड़ने वाले चार लेन के केबल-आधारित पुल सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया, जहां भगवान श्री कृष्ण मंदिर स्थित है। गुजरात सरकार ने पहले, भक्तों को प्राचीन शहर के अवशेषों का पता लगाने में मदद करने के लिए द्वारका में एक पनडुब्बी सेवा शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।