वायरल वीडियो में भले ही बीएमओ साहब नहीं है पर उनके अधीनस्थ कर्मचारी उन्ही के नाम से पैसा मांग रहे देखा सुना जा रहा है…
जब बीएमओ साहब लेते होंगे पैसा तभी तो कर्मचारी मुंह खोलकर पैसा मांग रहा है और सीधे बीएमओ साहब से बात करने को कह रहा है…
वीडियो वायरल होने के बाद कार्यवाही बीएमओ साहब पर नहीं कर्मचारियों पर होना तय
विडियो की सत्यता को लेकर घटती-घटना नहीं करता पुष्टि लेकिन विडियो में दिख रहा दृश्य सोहनत सामूदायिक केंद्र का यह तय
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर/ सोनहत,23 फरवरी 2024(घटती-घटना)। कोरिया जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल किस कदर बेहाल है यह लगातार देखा जा रहा है। शासकीय अस्पतालों में सेवा के नाम पर किस तरह की लूट मची हुई है यह भी किसी से छिपा नहीं है जिसकी बानगी केवल इस बात से समझी जा सकती है की शासकीय अस्पतालों में डॉक्टर तो डॉक्टर अस्पताल के बाबू भी धन्ना सेठ बन बैठे हैं जबकि जिनका वेतन भी इतना नहीं होता जितना वह शानो शौकत दिखा रहे हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार का अड्डा मात्र बनकर रह गया है। निशुल्क इलाज और दवा साथ ही जांच सुविधा के नाम पर खरीदी ही सेवा रह गई है भर्तियां और उसमे अनियमितता करके धन अर्जन करना मात्र उद्देश्य रह गया है ऐसा कहना भी गलत नहीं होगा जो लगातार लोग देख रहे हैं। आज जिले में शासकीय अस्पतालों साथ ही मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के लिपिकों की ही बात की जाए तो किसी का भी रहन सहन किसी बड़े धनाढ्य व्यक्ति से कम नहीं है जबकि वेतन भाों के हिसाब से उनकी आय और उनके रहन सहन पर यदि तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो देखा जायेगा की वेतन मात्र से शायद ही ऐसे ऐशो आराम जुटाए जा सकें।
अब भ्रष्टाचार की इसी कड़ी में एक और नया मामला जुड़ता नजर आ रहा है जिसमें जंगली जानवर के काटने से घायल होने पर अस्पताल से दस्तावेज बनाए जाने के एवज में पैसों की मांग की जा रही है जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। विडियो सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जैसा बताया जा रहा है वैसे विडियो की पुष्टि घटती घटना नहीं करता लेकिन विडियो में भालू के हमले में घायल के लिए किसी दस्तावेज को बनाए जाने को लेकर पैसे की मांग की जा रही है और बताया जा रहा है की विडियो में सोनहत बी एम ओ के नाम से बाबू द्वारा बीस हजार की राशि मांगी जा रही थी। भालू के हमले में शासकीय अस्पताल से किस दस्तावेज को बनाए जाने और उसमे बी एम ओ के हस्ताक्षर के लिए पैसे की मांग की जा रही है यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन राशि की मांग की जा रही है। विडियो में बी एम ओ की तस्वीर या आवाज तो नहीं है लेकिन विडियो में बी एम ओ के नाम से ही पैसा मांगा जा रहा है जो स्पष्ट सुना जा सकता है। वैसे मामले में संबंधित बाबू पर क्या कार्यवाही हुई क्या मामले में कोई जांच हुई यह तो पता नहीं चल सका है लेकिन अब इसकी मांग उठने लगी है की मामले की जांच हो और यदि विडियो में सत्यता है तो संबंधित सभी पर कठोर कार्यवाही हो।
कहने को मात्र…के लिए शासकीय अस्पताल सुविधा मामलों में बेहतर हैं निशुल्क हैं जबकि हर बात पर पैसा मांगा जाना परंपरा बन गई है जो शायद ही टूटने पाए
वैसे दोष किसी एक का भी नहीं है यह ऐसा एक विभाग है जिसने कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान भी जब भ्रष्टाचार की हदें पार कर दीं थीं जब लोग लगातार काल कलवित हो रहे थे तो अब तो ऐसी कोई आपदा भी नहीं है जब कोई रोकने टोकने वाला हो। भर्तियों में भ्रष्टाचार एनएचएम में हुआ उसकी बात की जाए, मशीनों उपकरणों की खरीदी की बात की जाए या फिर दवाइयों और वाहन अधिग्रहण और अन्य मामलो की बात की जाए सभी में भ्रष्टाचार का ही बोलबाला है यहां तक की बीमार शासकीय कर्मचारियों के इलाज के पैसे के भुगतान में भी विभाग के जिम्मेदार लोगों की गिद्ध नजर है जो ऐसा करके अपनी जेब भरने में लगे हैं। कुल मिलाकर कहने को मात्र अब शासकीय अस्पताल सुविधा मामलों में बेहतर हैं निशुल्क हैं जबकि हर बात पर पैसा मांगा जाना एक परंपरा बन गई है जो शायद ही टूटने पाए।
वनांचल क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले में घायल को मिलता है बड़ा मुवावजा,इसलिए अस्पताल से दस्तावेज पुष्टि की पड़ती है जरूरत
सूत्रों की माने तो सोनहत क्षेत्र वनांचल क्षेत्र है,वनांचल क्षेत्र में जंगली जानवरों का भी सामना वहां के निवासियों से होता रहता है और कभी कभी जंगली जानवर लोगों पर हमला भी कर देते हैं वहीं किसी मामले में हमले में घायल की जान भी चली जाती है वहीं कभी कभी हमले में लोग घायल मात्र होते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग बड़ा मुआवजा देता है जिसके लिए शासकीय चिकित्सालय की पुष्टि जिसमे जांच रिपोर्ट जैसे दस्तावेज इलाज पर्ची इत्यादि की जरूरत पड़ती है। सूत्रों का कहना है की मुआवजा अच्छा खासा मिलता है इसलिए शासकीय चिकित्सालय में इसको लेकर लेनदेन भी होता है। वहीं वायरल वीडियो में राशि की मांग इसीलिए की जा रही थी जैसा बताया जा रहा है।
कभी कभी झूठी रिपोर्ट के आधार पर भी वन विभाग से लेते हैं लोग मुआवजा,ऐसे मामलों में होता है लंबा लेनदेन
सूत्रों का कहना है की वनांचल क्षेत्रों में कई बार वन जीव हमले का मुआवजा लेने फर्जी डाक्टरी रिपोर्ट भी बनवाई जाती है जिसमे बड़े स्तर पर लेनदेन होता है। फर्जी रिपोर्ट बनाने में सूत्रों की माने तो पूरा अमला सक्रिय रहता है और ऐसे मामलों में खुद से ही वह सारे दस्तावेज साथ ही रिपोर्ट तैयार कर देते हैं। वैसे यह सूत्रों के हवाले से दी गई जानकारी है और बताया जाता है की इस तरह की रिपोर्ट बनाने में केवल लेनदेन ही प्रमुख है ज्यादा सिफारिश जैसी जरूरत इसमें नहीं पड़ती।
वायरल वीडियो मामले में क्या स्वास्थ्य विभाग करेगा कार्यवाही…क्या होगी दोषियों पर कार्यवाही?
भालू के हमले में घायल से रिपोर्ट बनाने के नाम पर वह भी बी एम ओ के नाम पर पैसे की मांग किए जाने के मामले में क्या स्वास्थ्य विभाग जिला कोरिया कोई कार्यवाही करेगा यह देखने वाली बात होगी। विडियो चूंकि सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है और विडियो में प्रभारी बी एम ओ के नाम से बाबू पैसे की मांग कर रहा है ऐसे में क्या बाबू से पूछताछ होगी क्या उससे पूछताछ और यदि मामला सही पाया जाता है और बी एम ओ की संलिप्तता पाई जाती है तो क्या दोनो पर कठोर कार्यवाही होगी यह देखने वाली बात होगी। वैसे पूर्व के भी वन जीव हमले मामले की उन रिपोर्टों की जांच होनी चाहिए जिसमे घायल को मुआवजा मिला है,कई मामले सूत्रों के अनुसार फर्जी निकलकर सामने आयेंगे जो बताया जा रहा है।
वेतन से जीविकोपार्जन नहीं हो पा रहा संभव इसलिए स्वास्थ्य सुविधा मामले में लोगों की सुविधाओं में जिम्मेदार लगा रहे सेंध यह कहना नहीं होगा गलत
स्वास्थ्य विभाग में खासकर कोरिया जिले में लगातार भ्रष्टाचार देखा जा रहा है। वेतन प्राप्त कर लोगों को निशुल्क और उत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों का उनके परिवार का जीविकोपार्जन वेतन मात्र से नहीं हो पा रहा है इसलिए वह लोगों की सुविधाओं में सेंध लगा रहे हैं ऐसा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों खासकर लिपिकीय वर्ग सहित चिकित्सकीय वर्ग का ऐशो आराम लोगों की सुविधाओं में से कटौती के बल पर प्राप्त हो पा रहा है यह कहना गलत नहीं होगा। वैसे जिस ऐशो आराम और बेहतर से बेहतर संसाधन से भरपूर नजर आते हैं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वह लोगों के हिस्से का हक है यह कहना गलत नहीं होगा जिसे वह भ्रष्टाचार के रास्ते अपने लिए जुटा ले रहे हैं और आम व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में की जाए जांच,लगाई जाए आर टी आई खुलेंगे कई भ्रष्टाचार के राज
स्वास्थ्य विभाग में यदि अच्छे से जांच की जाए तो कई तरह के भ्रष्टाचार के मामले समाने आयेगे आर टी आई से भी खुलासा हो सकेगा की किस स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है या हो चुका है। खरीदी,भर्ती सहित वाहन भाड़ा जैसे मामलों में कितना पैसा डकार गए जिम्मेदार यह जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा। जांच की मांग हो रही है वहीं यह भी मांग हो रही है की सभी की संपत्तियों की भी जांच हो की किसने कितनी अर्जित की।