अंबिकापुर,19 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। सेमरसोत अभ्यारण्य परिक्षेत्र बलरामपुर के ग्राम कंडा, पुटसू एवं दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र सीतारामपुर के ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में वन्यजीवों एवं जंगली हाथियों से बचाव के तरीकों एवं प्रबंधन पर विचार संगोष्ठी और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन संरक्षक वन्यप्राणी के निर्देशन एवं उप निदेशक एलीफेंट रिजर्व सरगुजा के मार्गदर्शन में अमलेन्दु मिश्र हाथी विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। जंगली हाथियों के आवागमन के चिन्हित मार्गों की पहचान, हाथियों की संख्या, हाथियों के प्रवास के कारण और उनसे होने वाली क्षति और बचाव के उपाय पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी क्रम में ग्राम कंडा, पुटसू और सीतारामपुर के माध्यमिक शाला स्तर तक के स्कूली छात्र-छात्राओं को वन्यजीव ,जंगली हाथियों के व्यवहार और वनों के संरक्षण एवं विकास में उनकी भूमिका पर विस्तार से बताया गया। अमलेन्दु मिश्र हाथी विशेषज्ञ ने बताया कि जंगल की आग कैसे हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। आग वनो को जलाकर उसके पुनरोत्पादन क्षमता को कम कर देते हैं जिसका सीधा असर वनवासियों और वन्यजीवो को होगा जिससे आपसी बढ़ जायेगा। जंगल की आग रोकने में ग्रामीणों के साथ छात्रों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कार्यक्रम में सेमरसोत अभ्यारण्य के अधीक्षक बीएस भगत ,गेम रेंजर बनारसी सिंह, ग्राम सरपंच ग्रामीणजन, शिक्षकगण एवं वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
