रायपुर@14380 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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रायपुर,16 फरवरी2024(ए)।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरूण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु 14,380 करोड़ 52 लाख 32 हजार रूपए की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित की गई। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,677 करोड़ 50 लाख 85 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 44 करोड़ 04 लाख 60 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 3,471 करोड़ 38 लाख 96 हजार रूपए, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 925 करोड़ 61 लाख 57 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 1,844 करोड़ 41 लाख 91 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 2,096 करोड़ 69 लाख 52 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजना के लिए 575 करोड़ 62 लाख 32 हजार रूपए और नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 2,745 करोड़ 23 लाख 94 हजार रूपए शामिल हैं। अनुदान मांगों की चर्चा में 23 सदस्यों ने भाग लिया और बजट प्रावधान की प्रशंसा की व सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अनुदान मांगों की चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ निर्माता, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के यादों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल चौक बनाने की घोषणा की। उन्होंने सदस्यों की मांग एवं सुझावों को भी गंभीरता लेने की बात कही।


उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अपने विभागों की अनुदान मांगों की चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री की गारंटी का मतलब है कि गारंटी पर भी गारंटी है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में हमारी सरकार मोदी जी की इन गारंटियों को पूरा करने का काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में भी मोदी जी की गारंटियों को पूरा करने का प्रावधान रखा गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि जल है तो कल है जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए हमारी सरकार घर-घर 55 लीटर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम कर रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत सिंगल विलेज एवं रेट्राफिटिंग की कुल 29 हजार 181 योजनाएं के लिए 22,442 हजार करोड़ 12 लाख 21 हजार रूपए की स्वीकृति की गई है। अब तक 38 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों से अधिक नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। योजना के माध्यम से 49 लाख 99 हजार ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट में ग्रामीण जल योजनाओं के लिए 6 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं नाबार्ड पोषित सौर आधारित ग्रामीण जल प्रदाय योजना के लिए 4 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष जल जीवन मिशन के अंतर्गत 29 लाख 7 हजार घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान किया गया है। इसके लिए राज्यांश के रूप में 4 हजार 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से 15 समूह जल प्रदाय योजनाओं से 365 ग्रामों के ग्रामीण परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, इसके लिए बजट में 15 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नगरीय योजनाओं हेतु 36 करोड़ 39 लाख अनुदान एवं 26 करोड़ 50 लाख रूपए का ऋ ण का प्रावधान किया गया है। साथ ही मेकाहारा अस्पताल में आम जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी प्रावधान रखा गया है।


उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अनुदान मांगों के भाषण में कहा कि हमारी सरकार सभी नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 6,044 करोड़ 7 लाख रूपए का प्रावधान राज्य की नगरीय निकायों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया है। इस राशि में प्रमुख रूप से राज्य के नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति खत्म करने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में 1215 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री साव ने कहा कि नगरीय निकायों के बुनियादी सुविधाओं एवं अन्य अधोसंरचना विकास हेतु 700 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। शहरी आवासहीन, गरीब परिवार एवं अल्प आय वर्ग परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है। सबके लिए आवास मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 01 हजार 01 करोड़ 57 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। अमृत मिशन-दो एवं पेयजल आवर्धन योजनाएं के लिए 795 करोड़ 67 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है। स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत रायपुर एवं बिलासपुर के विकास के लिए 404 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। स्वच्छ भारत मिशन के लिए 411 करोड़ 12 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर लाईब्रेरी सह रीडिंग निर्माण के लिए प्रदेश के 22 नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त सेंट्रल लाईब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, इसके लिए 148 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। हमारी सरकार ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ई-गर्वेनेंस योजना के लिए भी विशेष बजट प्रावधान रखा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि शहरी क्षेत्र में निवासरत नागरिकों को उनके चौखट पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लिनिक के तहत लाखों मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसके लिए 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग की अनुदान मांगों की चर्चा में कहा कि प्रदेश की सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है ,जिसके कारण महत्वपूर्ण सड़कों की चौड़ाई बढ़ाना, विद्यमान मार्गों का सुदृढ़ीकरण करना एवं जीर्ण-शीर्ण व संकीर्ण पुलों की चौड़ाई बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए यातायात घनत्व को देखते हुए शहरों के बाहर रिंग रोड़ बनाने, शहर में यातायात सुगम करने हेतु फ्लाई ओवर, रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में लोक निर्माण विभाग का कुल बजट 8016 करोड़ 84 लाख 34 हजार रूपए प्रावधानित है। जिसमें नये कार्यों के लिए 1275 करोड़ 52 लाख 89 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। सड़कों की मरम्मत के लिए 396 करोड़ 98 लाख 96 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने चर्चा के जवाब में बताया कि हमारी सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवागमन सुविधा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में सड़कों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ में इंडियन रोड कांग्रेस का सम्मेलन कराने का निर्णय लिया है, इसके लिए 4 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति उप योजना अंतर्गत नये कार्यों के लिए 64 करोड़ 19 लाख रूपए तथा अनुसूचित जाति क्षेत्र के विकास कार्य के लिए भी प्रावधान किया गया है।


उप मुख्यमंत्री अरूण साव विधि और विधायी कार्य पर चर्चा में कहा कि राज्य में न्याय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए के भी विशेष प्रयास किए जा रहे है। न्यायालयों की व्यवस्था, स्थापना एवं अन्य कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1228 करोड़ 54 लाख 5 हजार रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। न्यायालयों की स्थापना के लिए सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 360 पदों के सृजन हेतु 20 करोड़ 92 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। सत्र न्यायालय बीजापुर की स्थापना के लिए 44 पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ 45 लाख रूपए, उच्च न्यायालय बिलासपुर में 220 विभिन्न पदों के सृजन हेतु 15 करोड़ 21 लाख 63 हजार रूपए, ई-कोर्ट मिशन प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के लिए 26 करोड़ 64 लाख रूपए, फास्ट ट्रेक कोर्ट मुंगेली में नवीन पदों के सृजन, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक कार्यालय में 50 पदों के सृजन, परिवार न्यायालय कटघोरा की स्थापना में 19 पदों के सृजन और विधि विधायी कार्य विभाग की स्थापना में 19 पदों के सृजन करने के लिए बजट में भी राशि का प्रावधान किया गया है। राज्य न्यायिक अकादमी के लिए 50 लाख रूपए, राज्य अधिवक्ता संस्थान (लॉयर्स अकादमी) के लिए 10 लाख रूपए, अधोसंरचना विकास हेतु 53 करोड़ 30 लाख, न्यायालयों में कम्प्यूटरीकरण के लिए 18 करोड़ 27 लाख रूपए, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लिए 6 करोड़ रूपए तथा हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
सदन में भाजपा विधायक किरण देव ने उठाया मेला-मड़ई का मुद्दा


आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का 10 वां दिन था। इस दौरान भाजपा विधायक किरण देव ने बस्तर के मेला-मड़ई को सरकार पैसे देने का मामला उठाया। उन्होंने पूछा- बस्तर में कितने मेला- मड़ई का आयोजन किया जाता है। भाजपा की पिछली सरकार में ही मेला-मड़ई के लिए राशि देने की व्यवस्था की गई थी।


किरण देव ने कहा कि, चित्रकोट महोत्सव, रामाराम महोत्सव और दशहरा महोत्सव के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन जो पैसे मिल रहे हैं वह अपर्याप्त हैं। मंत्री जी क्या ज्यादा पैसे देने की कोई व्यवस्था करेंगे। इस पर धार्मिक मामलों के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि, बस्तर का दशहरा पूरे विश्व में अनूठा है। इस मेले के लिए 35 लाख रुपये दिए जा रहे थे। उन्होंने इसके लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि, आने वाले समय में बस्तर दशहरा के लिए 50 लाख की राशि दी जाएगी। रामाराम महोत्सव और चित्रकोट महोत्सव के लिए भी 15 लाख दिए जाने की घोषणा बृजमोहन अग्रवाल ने की। वहीं गोंचा पर्व के लिए भी 3 के स्थान पर 5 लाख दिए जाने का ऐलान उन्होंने किया।


छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ी में जिनके पास एमए की डिग्री है, क्या उनके लिए भर्ती होगी? इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जिन्होंने छत्तीसगढ़ी में एमए की डिग्री ली है, उन्हें भी भर्ती में शामिल किया जाएगा। विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नरकाल के दौरान छत्तीसगढ़ी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मुद्दा गूंजा. कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सवाल किया कि कब तक पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ी शामिल होगी. इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी को स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है. शिक्षा सत्र 2020- 21 में प्राथमिक स्तर की पाठ्य पुस्तक में द्विभाषिक रूप से शामिल किया गया है. कक्षा 3 से 5 तक हिंदी भाषा की पाठ पुस्तकों में छत्तीसगढ़ी भाषा की 25त्न पाठ सामग्री शामिल की गई है.मंत्री ने बताया कि कक्षा 6 से 8 तक की हिंदी भाषा की पाठ पुस्तकों में छत्तीसगढ़ी भाषा की 30त्न पाठ सामग्री शामिल की गई है. इसी तरह कक्षा 9 से 10 तक की हिंदी भाषा की पाठ पुस्तकों में भी छत्तीसगढ़ी भाषा की 15त्न पाठ्य सामग्री शामिल की गई है. छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हलबी, सरगुजिया में पढ़ाई का प्रयास करेंगे. इसके साथ उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हलबी, सरगुजिया में भी पढ़ाई का प्रयास करेंगे. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से पहले जरूरी है।
शिक्षकों के प्रमोशन के मुद्दे पर गरमाया सदन स्पीकर की सहमति से 19 को स्थगित रहेगी विधानसभा की कार्यवाही
छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्रवाई रविवार 18 फरवरी के बाद अगले दिन यानी 19 फरवरी सोमवार को भी पूरे दिन के लिए स्थगित रहेगी। भाजपा के सदस्य व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा से आग्रह किया कि 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा हैं जिसमें प्रदेश के मंत्री और विधायक शामिल होंगे। लिहाजा 19 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित की जाएँ। स्पीकर ने बृजमोहन अग्रवाल के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आज दसवें दिन शिक्षकों की भर्ती और शिक्षकों की समस्याओं से जुड़ा मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। प्रश्नकाल में भाजपा विधायक रिकेश सेन की जगह विधायक अनुज शर्मा ने पूछा कि प्रदेश में शिक्षकों का प्रमोशन और नए शिक्षकों की भर्ती प्रकिया कब तक पूरी कर ली जाएगी?
अनुज शर्मा के इस सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आसंदी के साथ सदस्य को भरोसा दिलाया कि उनके विभाग की तरफ से 6 महीने के भीतर ही शिक्षकों की भर्ती और प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि जल्द से जल्द कार्रवाई हो, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की समस्या खत्म हो जाए।’
प्रश्नकाल में कांग्रेस की हर्षिता स्वामी बघेल ने भी पूछा कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा अधिकारियों को कितनी राशि प्राप्त हुई और किन-किन मदों में खर्च किया गया? उन्होंने दावाकिय़ा कि कई स्थानों पर खर्च किए गए सामग्रियों में गड़बडिय़ां हुई है। महिला विधायक ने अनियमितताओं की जांच करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि स्कूलों में चंदा करके स्मार्ट टीवी खरीदा गया है और उसे मद में जोड़ दिया गया हैं। उन्होंने इसकी विधानसभा की कमेटी से जांच कराए जाने की मांग की।


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