अब मनमाने तरीके से खर्च नहीं कर पाएंगे जिम्मेदार अधिकारी
रायपुर,15 फरवरी 2024 (ए)। डीएमएफ याने डिस्टि्रक्ट मिनरल फाउंडेशन के तहत मिलने वाले फंड में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार को देखते हुए खनिज मंत्रालय ने अब नई गाइडलाइन तैयार की है। देश भर में मिल रही शिकायतों और डीएमएफ के क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों से मिले सुझावों के आधार पर यह दिशा-निर्देश तैयार किया गया है, जिसका पालन होने के बाद खनन क्षेत्र से बाहर डीएमएफ की रकम को खर्च करना मुश्किल होगा।
डीएमएफ के कानून के लिए केंद्र सरकार ने 2015 में खनिज क्षेत्र कल्याण योजना तैयार की और इसकी गाइडलाइन बनाई। इसके आधार पर ही राज्यों में डीएमएफ का कानून बनाया गया। 2015 से लेकर अब तक डीएमएफ के हो रहे उपयोग में खामियों को देखते हुए नई गाइडलाइन तैयार की गई है।
बदला गया प्रभावित क्षेत्र का दायरा
डीएमएफ के तहत किसी भी खदान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित इलाके का दायरा अब बदल दिया गया है। इसके तहत खदान से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाके ‘प्रत्यक्ष प्रभावित’ माने जायेंगे। वहीं खदान से 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाल इलाके ‘अप्रत्यक्ष क्षेत्र’ माने जायेंगे। अर्थात डीएमएफ के फंड का इस्तेमाल इन्हीं इलाको में किया जाना है।उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र में खर्च का दायरा बढ़ाया।
दरअसल डीएमएफ के तहत ऐसे लगभग 14 क्षेत्र तैयार किये गए हैं, जिनमे उच्च और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विभाजित कर दिया गया है। इनमे से उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र में अब 60 की जगह 70 प्रतिशत रकम खर्च करने का प्रावधान बनाया गया है।