कोरिया,@एसडीएम पटवारी की दोस्ती सुर्खियों में क्या अधिकारी व कर्मचारी के बीच का अंतर हुआ खत्म?

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रवि सिंह –
कोरिया,11 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के बैकुंठपुर राजस्व अनुविभाग में आजकल अधिकारियों और कर्मचारियों की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिल रही है की उसके बाद यह कहना गलत नहीं होगा की अब अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच की दूरियां अंतर खत्म हो चुका है और दोनों एक साथ नजर आने लगे हैं। न अधिकारी अपने पद मर्यादा का ख्याल रख रहे हैं न ही कर्मचारी अधिकारियों से भय खा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप यह रहा है की अब भ्रष्टाचार पांव पसार रहा है और सबकुछ लेनदेन के सहारे ही संभव हो पा रहा है।
इस तरह का हाल राजस्व विभाग में ज्यादा देखने को मिल रहा है जहां अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों की जुगलबंदी की वजह से आम लोग जो फरियादी बनकर राजस्व मामलों के निपटारे के लिए पहुंच रहें हैं वह परेशान हो रहे हैं आर्थिक रूप से भी उन्हे परेशानी झेलनी पड़ रही है,ऐसा ही मामला बैकुंठपुर के ओडगी हल्का की पटवारी को लेकर समाने आ रहा है वह भूल गई अपनी पद की गरिमा दिखा रही है दादागिरी आपको बता दें कि पटवारी हल्का ओडगी में पदस्थ महिला पटवारी नेम कुमारी अपने कार्यालय से नदारत हमेशा रहती है जब इसके बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि काम से ज्यादा रूपयों से बात करती है किसी व्यक्ति को अपना कोई भी राजस्व काम करवाना हो पटवारी से तो मैडम अपना फीस का फरमान जारी करती है कि पहले फीस दीजिए फिर काम होगा अधिकांश उन्हें एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय में ही देखा जाता है जबकि पटवारी का काम पटवारी कार्यालय में ज्यादा होता है लेकिन नेम कुमारी पटवारी ओडगी अब भ्रष्टाचार की सीमा धीरे-धीरे लांघती जा रही हैं जिस पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ पा रही है जिसकी वजह से महिला पटवारी का हौसला और ही बुलंद होता जा रहा है। मैडम जी को इतना घमंड है कि वह किसी की कुछ भी सुनना नहीं चाहती हैं कहती हैं कि मेरे से एसडीएम तहसीलदार की अच्छी खासी जमती है तुमको जो करना है कर लो जिसके पास जाना है चले जाओ लेकिन पहले पैसा दो फिर मैं काम करूंगी । भाजपा के राज्य में क्या इस तरीके का भ्रष्टाचार पटवारी कब तक अपने कार्य को अंजाम देते रहेंगे। क्या एसडीएम और तहसीलदार भ्रष्ट पटवारी को दे रहे हैं संरक्षण? सूत्रों से मिली तस्वीरे कुछ ऐसा ही इशारा करती है।

ओडगी पटवारी काम कम पैसों से ज्यादा बात करती है…
बैकुंठपुर के ओडगी हल्का की पटवारी राजस्व मामलों में काम कम पैसों से ज्यादा बात करती हैं ऐसा सूत्रों सहित राजस्व मामलों को लेकर उनके पास पहुंचने वाले फरियादियों का कहना है। राजस्व विभाग में पटवारी का पद राजस्व मामलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पद है प्रथम चरण है इसका फायदा लेना पटवारी जानते हैं और वह लोगों को अपने पद का महत्व बताकर जैसे चाहे वसूली करते हैं वैसा ही ओडगी में हो रहा है जैसा सूत्रों का कहना है।
पद की गरिमा भूलपद का धौंस दिखाते नजर आती हैं ओडगी हल्का पटवारी
सूत्रों की माने तो राजस्व मामलों में पटवारी का पद पहला ऐसा पद होता है जो मामलों को जमीनी स्तर पर सुलझाने का या उसके निराकरण का काम करता है। यह महत्व है पद का और गरिमा भी है पद की। वेतन मामलों में यह पद तृतीय श्रेणी पद है और वेतन भत्ते भी ज्यादा नहीं हैं। वेतन भत्ते कम होने के कारण आजकल इस पद पर आसीन लोग इस पद की गरिमा भूल जा रहे हैं और राजस्व मामलों के निपटारे के लिए पहुंचने वाले फरियादियों को अपनी धौंस दिखाकर उनसे अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही ओडगी हल्का पटवारी करती नजर आ रही हैं जिनकी लगातार शिकायत सामने आ रही है।
कार्यालय से नदारत और तहसील सहित एसडीएम कार्यालय में ज्यादा नजर आती हैं…
पटवारी अपने हल्का में ही ज्यादा समय तक रहें और उन्हे उनके हल्का क्षेत्र के लोगों को ढूढना न पड़े इसलिए प्रत्येक पटवारी हल्का में एक पटवारी कार्यालय स्थापित किया गया है जहां पटवारियों को प्रतिदिन बैठकर लोगों की फरियाद सुननी है उसका निराकरण करना है। ओडगी हल्का की पटवारी फिर भी अपने कार्यालय में गाहे बगाहे जाति हैं और ज्यादातर वह एसडीएम सहित तहसीलदार कार्यालय में ही नजर आती हैं। उन्हे ढूढने में उनके हल्का के लोगों को इधर उधर भटकते देखा जाता है।


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