नई दिल्ली,04 फरवरी 2024 (ए)। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफिया को जमींदोज करने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को नया विधेयक संसद में पेश कर सकती है। जिसमें परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को 10 साल तक की जेल की सजा और एक करोड़ तक जुर्माना हो सकता है। यह जेईई, नीट और सीयूईटी सहित सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं पर प्रभावी होगा। इसके दायरे में सभी राज्य आएंगे। वैसे भी जेईई, नीट व सीयूईटी जैसी परीक्षाओं का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर होता है। इसके साथ ही राज्य भी अपनी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर रोकथाम के लिए इस कानून को अपना सकेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 31 जनवरी को बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए इस कानून को लाने जाने की जानकारी दी थी। सूत्रों के मुताबिक परीक्षाओं से जुड़ी गड़बडि़यों को रोकने के लिए यह कानून कार्मिक मंत्रालय की ओर से लाया जा रहा है। इसमें मंत्रालय ने हाल ही में केंद्र और राज्य के स्तर पर आयोजित उन सभी परीक्षाओं के अनुभव को भी शामिल किया है, जिनका बेहतर तरीके से आयोजन हुआ है या फिर उनमें किसी स्तर पर गड़बड़ी देखने को मिली है।
इसमें खासतौर पर केंद्र सरकार की ओर से चलाए गए भर्ती अभियान से जुड़े इनपुट को भी आधार बनाया गया है। जिसे तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पारदर्शी व तय समय में पूरा किया गया था। सूत्रों की मानें तो परीक्षा में गड़बडि़यों के पीछे देश भर में सक्रिय परीक्षा माफिया है। जो इनमें शामिल लोगों से मिलकर पेपर लीक जैसी घटनाओं को अंजाम देते है। ८;२०
